एक्टर और राजनेता रवि किशन आज 17 जुलाई को अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं। रवि किशन भोजपुरी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय सितारों में गिने जाते हैं, लेकिन उन्होंने सिर्फ भोजपुरी फिल्मों में ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, OTT और राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके जन्मदिन के मौके पर जानते हैं कि आखिर उन्होंने सफलता की यह कहानी कैसे लिखी।
संघर्ष से हुई शुरुआत
रवि किशन का जन्म उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में हुआ था। बचपन से ही उन्हें एक्टिंग का शौक था। वह महानायक अमिताभ बच्चन की तरह सुपरस्टार बनना चाहते थे। मगर उनका परिवार ये नहीं चाहता था, उन्हें चाहिए था कि रवि किशन पढ़ाई करें।
रामलीला में माता सीता का किरदार करते थे रवि किशन
जी हां! रवि किशन रामलीला में सीता का किरदार निभाया करते थे। एक बार उनके पिता ने उन्हें महिला वाले कपड़ों में देख लिया और उनकी पिटाई थी।
ब्रूट को दिए इंटरव्यू में रवि किशन ने खुद इसके बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि पिता संग उनके रिश्ते मधुर नहीं थे। उनके पिता को ये नहीं पसंद था कि वो एक्टिंग लाइन में जाएं, वो उनके अभिनेता बनने के बिल्कुल खिलाफ थे और ये ही दोनों के रिश्ते खराब होने का कारण भी बना था।
रवि किशन ने बताया कि रामलीला में भाग लेने पर उनके पिता ने उन्हें कड़ी सजा दी थी। उनके पिता ने रामलीला वाली बात पता चलने के बाद बेरहमी से पिटाई की थी।
रवि किशन की मां ने की थी घर से भागने में मदद
रवि ने कहा था, “मेरे पिता मुझे बुरी तरह पीट रहे थे। वो मुझे मार देना चाहते थे। मेरी मां को समझ आ गया, क्योंकि वह उन्हें जानती थी, उनके पति की काबिलियत उनको पता था कि वो मारने में संकोच नहीं करेंगे। क्योंकि वो पुजारी लोग हैं, साधु संत टाइप के लोग हैं, उन्हें इमोशन से ज्यादा लगाव नहीं रहता।” इसके बाद रवि किशन ने बताया था कि उनकी मां ने उन्हें घर से भाग जाने को कहा। तुम यहां से भाग जाओ वरना तुम आज नहीं बचोगे। रवि किशन ने 500 रुपये लिए, ट्रेन पकड़ी और मुंबई पहुंच गए। यहां से रवि किशन के स्टार बनने की जर्नी शुरू हुई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
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बॉलीवुड में छोटे रोल, लेकिन नहीं छोड़ा हौसला
मुंबई आने के बाद रवि किशन ने कई हिंदी फिल्मों में छोटे-छोटे किरदार निभाए। लंबे समय तक उन्हें मुख्य अभिनेता बनने का मौका नहीं मिला, लेकिन उन्होंने मेहनत जारी रखी। धीरे-धीरे इंडस्ट्री में उनकी पहचान बनने लगी।
भोजपुरी सिनेमा ने बनाया सुपरस्टार
रवि किशन के करियर का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्होंने भोजपुरी फिल्मों का रुख किया। उनकी फिल्मों को दर्शकों ने खूब पसंद किया और वह देखते ही देखते भोजपुरी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो गए। उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं और उन्होंने इस इंडस्ट्री को नई पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई।
टीवी और OTT पर भी छोड़ी छाप
रवि किशन ने फिल्मों के अलावा टीवी की दुनिया में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। रियलिटी शो बिग बॉस में हिस्सा लेने के बाद उनकी लोकप्रियता और बढ़ गई। इसके बाद उन्होंने कई वेब सीरीज और OTT प्रोजेक्ट्स में काम किया। अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर उन्होंने साबित किया कि वह हर मंच पर खुद को ढाल सकते हैं।
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राजनीति में भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
रवि किशन ने अभिनय के बाद राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने पहली बार 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर उत्तर प्रदेश की जौनपुर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद फरवरी 2017 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें गोरखपुर सीट से उम्मीदवार बनाया, जहां उन्होंने बड़ी जीत हासिल कर पहली बार सांसद बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भी रवि किशन ने गोरखपुर सीट से दोबारा जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार लोकसभा पहुंचने में सफलता हासिल की।
रवि किशन आज भी फिल्मों, वेब सीरीज और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन हर बार नई शुरुआत की। यही वजह है कि वह आज भी भोजपुरी से लेकर बॉलीवुड और OTT तक दर्शकों के पसंदीदा कलाकारों में शामिल हैं। वह ‘मिर्जापुर’ फिल्म में भी नजर आने वाले हैं। हाल ही में उन्होंने रिएलिटी शो ‘द अलायंस’ में भी हिस्सा लिया। हालांकि अपने राजनीति के काम के लिए उन्हें बीच में ही ये शो छोड़ना पड़ा। इसके बारे में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
