फिल्मों में किसी एक्टर की इमेज सिर्फ उसकी पिछली फिल्मों तक सीमित नहीं रहती। कई बार दर्शक किसी कलाकार को उसके पुराने किरदारों से जोड़कर देखने लगते हैं। ऐसे में जब वही एक्टर कोई बिल्कुल अलग और पौराणिक किरदार निभाता है, तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है अपनी पुरानी छवि से बाहर निकलना।

नितेश तिवारी की महाकाव्य ‘रामायण’ लंबे समय से चर्चा में है। इस फिल्म के ट्रेलर रिलीज के बाद से ही रणबीर कपूर के भगवान राम के किरदार निभाने को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही थीं। रणबीर कपूर की ‘एनिमल’ के बाद उनकी एक बेहद अलग इमेज दर्शकों के बीच बनी। फिल्म में उनका किरदार हिंसक, गुस्सैल और काफी डार्क था।

अब रणबीर ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या दर्शक उन्हें उस पुरानी इमेज से अलग होकर राम के रूप में स्वीकार कर पाएंगे? इसके बाद अब यश के साथ भी देखने को मिल सकता है।

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‘केजीएफ’ के रॉकी भाई के बाद यश की पहचान एक बेहद दमदार और रफ-टफ एक्शन स्टार की बनी। ‘टॉक्सिक’ में भी उनका किरदार काफी डार्क और हिंसक अंदाज में नजर आया। अब ‘रामायण’ में वह रावण की भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में उनके पुराने किरदारों की छाप भी इस नए रोल के साथ दर्शकों के दिमाग में आ सकती है।

कैसे किरदार कर चुके हैं रणबीर और यश?

फिल्म ‘एनिमल’ में रणबीर कपूर ने रणविजय सिंह का किरदार निभाया था। यह एक बेहद गुस्सैल, हिंसक और जुनूनी शख्स है, जो अपने पिता के साथ रिश्ते को लेकर बेहद भावुक है। पिता पर हुए हमले के बाद वह बदले की आग में जलने लगता है और अपने परिवार की सुरक्षा के नाम पर हिंसा की हदें पार करता जाता है।

वहीं ‘टॉक्सिक’ में यश का राया गोवा की पृष्ठभूमि में ड्रग्स और गैंगवार की दुनिया से जुड़ा खूंखार गैंगस्टर है, जिसकी सोच और व्यवहार काफी जटिल है। वहीं ‘एनिमल’ का रणविजय भी गुस्से, हिंसा और बदले की भावना से भरा किरदार है। ऐसे में दर्शकों के लिए इन दोनों एक्टर्स को उनकी पिछली डार्क और हिंसक भूमिकाओं से अलग करके देखना ‘रामायण’ में एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

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हालांकि, यही चुनौती इन दोनों एक्टर्स के लिए एक बड़ा मौका भी है। अगर रणबीर और यश अपने पुराने किरदारों से पूरी तरह अलग नजर आने में कामयाब होते हैं, तो यह उनकी एक्टिंग रेंज को साबित कर सकता है। खासकर ‘रामायण’ जैसी कहानी में दर्शक सिर्फ स्टार पावर नहीं, बल्कि किरदार की गंभीरता और गहराई भी नजर आएगी।

आखिरकार फिल्म की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दर्शक रणबीर को ‘एनिमल’ के रणविजय के बजाय भगवान राम और यश को ‘केजीएफ’ के रॉकी भाई या ‘टॉक्सिक’ के किरदार के बजाय रावण के रूप में कितना स्वीकार करते हैं। यानी ‘रामायण’ के सामने सिर्फ कहानी और VFX की चुनौती नहीं है, बल्कि अपने सितारों की पुरानी इमेज से दर्शकों को बाहर निकालने की चुनौती भी है।