Ramayana Trailer Hindi Review: नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही पौराणिक महाकाव्य फिल्म ‘रामायण’ पर पिछले करीब सात सालों से काम चल रहा है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच लंबे समय से जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। आखिरकार 30 जुलाई को मेकर्स ने इसका आधिकारिक ट्रेलर रिलीज कर दिया। इससे पहले फिल्म की कई झलकियां सामने आ चुकी थीं, जिन्हें दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी। हालांकि, ट्रेलर रिलीज होने के बाद भी माहौल में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला और सोशल मीडिया पर इसे लेकर एक बार फिर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

कैसा है ‘रामायण’ का ट्रेलर?

‘रामायण’ का ट्रेलर गुरुवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में, ठीक 4 बजकर 15 मिनट पर रिलीज किया गया। करीब 4 मिनट 9 सेकंड लंबे इस ट्रेलर से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन पहली झलक में यह वैसा प्रभाव नहीं छोड़ पाया। फिल्म के विजुअल्स पर अच्छा काम किया गया है, मगर किरदारों में वो बात नजर नहीं आ रही है। ट्रेलर को देखकर कोई भावनात्मक जुड़ाव या भक्ति भाव महसूस नहीं हो पा रहा है।

ट्रेलर की शुरुआत रावण के दमदार परिचय से होती है। यश का किरदार फकीर के वेश में चेहरा ढके महल में प्रवेश करने की कोशिश करता है। जब पहरेदार उससे उसकी पहचान पूछते हैं, तो वह जवाब देता है, “तुम्हारा नया राजा।” इसके बाद रावण के उदय, युद्धों और लंकापति बनने की झलक दिखाई जाती है। ट्रेलर में उसका डायलॉग, “देवलोक, पृथ्वीलोक, पाताललोक… तीनों लोकों में एक ही राज होगा, रावण राज,” काफी दमदार लगता है।

इसके बाद कहानी अयोध्या की ओर बढ़ती है, जहां राजा दशरथ के रूप में अरुण गोविल यज्ञ करते नजर आते हैं। फिर भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर की एंट्री होती है। ट्रेलर में उन्हें अलग-अलग राक्षसों और विशालकाय जीवों से युद्ध करते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा लक्ष्मण, सीता, कैकेयी और शूर्पणखा सहित कई अहम किरदारों की झलक भी देखने को मिलती है।

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ट्रेलर में क्या रह गई कमी?

फिल्म का ट्रेलर इतना लंबा होने के बावजूद इसमें हनुमान का किरदार नहीं दिखाया गया। फैंस सनी देओल को इस किरदार में देखने के लिए उत्सुक थे, लेकिन उनके हाथ निराशा लगी। इसके अलावा ट्रेलर में और भी बहुत सी कमियां देखने को मिली।

क्या भगवान राम के रोल के लिए परफेक्ट हैं रणबीर कपूर?

रणबीर कपूर ने ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने के लिए लंबे समय तक तैयारी की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने इस भूमिका की गरिमा बनाए रखने के लिए कई सालों तक मांस और मदिरा से भी दूरी बनाई। बावजूद इसके, ट्रेलर में उनकी पहली झलक दर्शकों को पूरी तरह प्रभावित करती नजर नहीं आई। उनके अभिनय में पौराणिक महाकाव्य वाली भावना नहीं नजर आई। उनकी एक्टिंग एक भव्य पौराणिक फिल्म के बजाय बॉलीवुड फिल्म वाली ज्यादा लग रही है।

दशरथ के रोल में जचे रामानंद सागर की ‘रामायण’ के श्रीराम

रामानंद सागर के टीवी सीरियल ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभाकर घर-घर में पूजे जाने वाले अरुण गोविल अब फिल्म ‘रामायण’ में राजा दशरथ के किरदार में नजर आए हैं। ट्रेलर में उनका लुक और गंभीर व्यक्तित्व काफी प्रभावित कर रहा है। सालों तक श्रीराम की छवि से पहचाने जाने वाले अरुण गोविल को अब राम के पिता दशरथ के रूप में देखना दर्शकों के लिए खास अनुभव होने वाला है। फिल्म के ट्रेलर में उनके किरदार ने काफी प्रभावित किया है।

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रावण के रोल में कैसे लग रहे यश?

फिल्म में रॉकिंग स्टार यश ने रावण का किरदार निभाया है। उन्हें ट्रेलर में देखकर लोगों की प्रतिक्रिया मिली जुली है। कुछ को वो इस रोल के लिए सही पसंद लग रहे हैं, वहीं कुछ का कहना है कि वो अपने ‘केजीएफ’ वाले किरदार से खास अलग नहीं लग रहे हैं।

माता सीता के किरदार में जच गईं साई पल्लवी

साई पल्लवी को लेकर कई लोगों ने सवाल उठाये। रामानंद सागर की ‘रामायण’ में माता सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया ने भी उन्हें इस रोल में चुने जाने को लेकर सवाल उठाये थे। मगर ट्रेलर में उन्हें देखना एक अच्छा अनुभव है। उनकी सादगी और खूबसूरती इस किरदार को चार चांद लगा रही है। वहीं बात रकुलप्रीत को शूर्पणखा के रोल में देखने की करें तो उनके किरदार की झलक काफी छोटी दिखाई गई है। इसलिए बिना फिल्म देखे उनके बारे में टिप्पणी करना सही नहीं होगा।

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ट्रेलर में सबसे बड़ी कमी

फिल्म त्रेतायुग की पौराणिक कथा पर आधारित है। मेकर्स ने सब कुछ बिल्कुल उसी तरह दिखाने की कोशिश की है, जैसा हमें किताबों में बताया या फिर पर्दे पर दिखाने की कोशिश की गई है। मगर सबसे बड़ी कमी लारा दत्ता के लुक में है। लारा ने फिल्म में कैकई का किरदार निभाया है। ट्रेलर में एक सीन है जब कैकई, श्रीराम को 14 वर्ष के वनवास पर जाने का आदेश देती है। उस वक्त लारा का जो लुक है वो इस महाकाव्य के साथ मेल नहीं खा रहे। वो फ्लोइंग पल्ले की साड़ी पहने भगवान राम को वनवास पर जाने को कह रही है।

क्या रामानंद सागर की ‘रामायण’ वाली छाप छोड़ पाएगी नितेश तिवारी की फिल्म?

रामानंद सागर के टीवी सीरियल ‘रामायण’ का दर्शकों पर असर सिर्फ एक टीवी शो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और आस्था का हिस्सा बन गई। 1987 में इसके प्रसारण के दौरान सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था और लोग पूरे परिवार के साथ टीवी के सामने बैठकर इसे देखते थे।

अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया और सुनील लहरी जैसे कलाकारों को दर्शकों ने उनके किरदारों के रूप में ही स्वीकार कर लिया। आज भी भगवान राम, सीता और लक्ष्मण की बात होते ही सबसे पहले इन्हीं चेहरों की छवि लोगों के मन में आती है। यही वजह है कि ‘रामायण’ पर बनने वाली हर नई फिल्म या सीरीज की तुलना रामानंद सागर की ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच आस्था, भावनात्मक जुड़ाव से होनी तय है।

क्या दोनों की तुलना करना सही?

यह सवाल अभी ट्रेलर के आधार पर पूरी तरह तय नहीं किया जा सकता, लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि नितेश तिवारी की ‘रामायण’ के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ एक अच्छी फिल्म बनाना नहीं, बल्कि रामानंद सागर की ‘रामायण’ जैसी भावनात्मक और सांस्कृतिक छाप छोड़ना है। उस ‘रामायण’ ने करोड़ों भारतीयों की आस्था से ऐसा जुड़ाव बनाया कि उसके कलाकार आज भी अपने किरदारों के नाम से पहचाने जाते हैं। वहीं नितेश तिवारी की फिल्म तकनीक, वीएफएक्स और बड़े पैमाने की भव्यता से प्रभावित करती है, लेकिन दर्शकों का अंतिम फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या यह फिल्म भगवान राम, सीता और रावण के किरदारों की वही गरिमा, भावनात्मक गहराई और आध्यात्मिक जुड़ाव पर्दे पर महसूस करा पाती है, जो रामानंद सागर की ‘रामायण’ के साथ आज भी है।