रणबीर कपूर महाकाव्य ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं, मगर जब से मेकर्स ने इस बात का ऐलान किया था तभी से उनकी कास्टिंग को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों को वो इस किरदार में बहुत पसंद आए तो कुछ ने उनके पुराने किरदारों और बयानों को लेकर सवाल खड़े कर दिए। अब फिल्म के डायरेक्टर नितेश तिवारी ने खुद बताया है कि आखिर क्यों उन्हें फिल्म में भगवान राम के रोल के लिए चुना गया।

29 सितंबर को रणबीर कपूर के जन्मदिन के मौके पर नितेश तिवारी ने एक वीडियो जारी किया। जिसमें न केवल उन्होंने बल्कि फिल्म के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा और अरुण गोविल, रवि दुबे और साई पल्लवी ने भी रणबीर को राम बनाने के पीछे की वजह पर बात की।

नितेश तिवारी ने कहा कि माना जाता है कि अगर कोई इंसान भगवान राम के गुणों का सिर्फ एक प्रतिशत भी अपने जीवन में अपना ले, तो वह एक अच्छा इंसान बन सकता है। इसलिए भगवान राम का किरदार निभाने के लिए सही कलाकार चुनना आसान नहीं था।

उन्होंने कहा, “श्री राम की कास्टिंग लगभग नामुमकिन है। हम सिर्फ कोशिश कर सकते हैं। जब नमित ने रणबीर का नाम लिया, तो मुझे भी लगा कि वह सभी कसौटियों पर खरे उतरते हैं।”

अरुण गोविल ने भी रणबीर की तारीफ की

रामानंद सागर की ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभा चुके अरुण गोविल इस फिल्म में दशरथ का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने भी रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने भगवान राम की कल्पना की थी, रणबीर में उन्हें उसकी कुछ झलक दिखाई देती है। अरुण गोविल के मुताबिक, रणबीर सेट पर हमेशा उनके पैर छूते थे। उन्होंने कहा कि आज के युवा सितारों में रणबीर भगवान राम के किरदार के सबसे करीब नजर आते हैं।

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रणबीर बोले- यह सिर्फ एक किरदार नहीं, जिम्मेदारी है

रणबीर कपूर ने भगवान राम की सबसे बड़ी ताकत के बारे में बात करते हुए कहा कि उनके लिए श्री राम का सबसे बड़ा हथियार धनुष-बाण नहीं, बल्कि उनकी क्षमा करने की क्षमता थी।

रणबीर ने कहा, “यह मेरे लिए सिर्फ एक और किरदार नहीं है। यह एक जिम्मेदारी है। मुझे लगता है कि भगवान राम का किरदार निभाने वाले व्यक्ति की सादगी और उसके विश्वास की इसमें सबसे बड़ी भूमिका है।” रणबीर की मानें तो वह रोज खुद को याद दिलाते थे कि उनका काम इस भूमिका के लायक बनना नहीं, बल्कि लोगों ने इस भूमिका पर जो विश्वास रखा है, उसके लायक बनना है।

नमित मल्होत्रा को रणबीर की ईमानदारी आई पसंद

‘रामायण’ के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने भी रणबीर को कास्ट करने की वजह बताई। उन्होंने कहा कि रणबीर के चेहरे और उनकी ईमानदारी ने नितेश तिवारी और उन्हें इस फैसले पर ज्यादा सोचने का मौका ही नहीं दिया।

साई पल्लवी को रणबीर में दिखे बचपन के राम

फिल्म में सीता का किरदार निभा रहीं साई पल्लवी ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार रणबीर को देखा तो उन्हें बचपन में देखी भगवान राम की एक तस्वीर याद आ गई। उन्होंने कहा कि उन्हें बचपन से भगवान राम की एक ऐसी तस्वीर याद है, जिसमें राम का शरीर पतला है, सिर थोड़ा झुका हुआ है और उनके साथ छोटी कद-काठी की सीता हैं। साई पल्लवी के मुताबिक, रणबीर को देखकर उन्हें अचानक वही राम याद आ गए और वह उन्हें देखकर हैरान रह गईं।

रवि दुबे ने भी कहा कि भगवान राम के बारे में जिस सादगी की बात की जाती है, वही सादगी उन्हें रणबीर कपूर की आंखों में नजर आती है।

रणबीर को नहीं था खुद पर भरोसा

रणबीर कपूर ने बताया कि जब करीब चार साल पहले नमित मल्होत्रा ने उन्हें भगवान राम का किरदार ऑफर किया था, तो उनका पहला रिएक्शन था कि वह इस भूमिका के लिए खुद को योग्य नहीं मानते।

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उन्होंने कहा कि उन्हें डर था कि वह इस किरदार के साथ पूरा न्याय नहीं कर पाएंगे। हालांकि, यह डर जल्द ही उनके लिए आभार में बदल गया, क्योंकि उन्हें लगा कि उन्हें जिंदगी में ऐसे ही किसी अवसर की जरूरत थी।

रणबीर ने बताया कि इसी दौरान वह अपनी लाइफस्टाइल में भी बदलाव करना चाहते थे और पहली बार पिता बने थे। उनके मुताबिक, भगवान राम का किरदार मिलना और पिता बनना उनके जीवन का एक अहम मोड़ साबित हुआ।

रामायण के लिए बदली लाइफस्टाइल

रवि दुबे पहले भी बता चुके हैं कि ‘रामायण’ के किरदार ने उनकी दिनचर्या बदल दी। उन्होंने कहा था कि सभी कलाकारों ने अपने किरदारों के साथ न्याय करने के लिए खुद में कई बदलाव किए हैं और रणबीर ने भी इस फिल्म के लिए काफी कुछ त्याग किया है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि भगवान राम की भूमिका की तैयारी के दौरान रणबीर कपूर ने शराब और नॉन-वेज खाना छोड़ दिया था।