रक्षाबंधन का त्योहार आते ही भाई-बहन के अटूट रिश्ते की यादें ताजा हो जाती हैं। बाजारों में राखियों की रौनक बढ़ने लगती है, घरों में तैयारियां शुरू हो जाती हैं और टीवी-रेडियो से लेकर सोशल मीडिया तक रक्षाबंधन के पारंपरिक गीत सुनाई देने लगते हैं।
इन्हीं गीतों में एक ऐसा गाना भी है, जो बीते कई दशकों से इस त्योहार की पहचान बना हुआ है, ‘बहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है’। सुमन कल्याणपुर की सुरीली आवाज में रिकॉर्ड किया गया यह गीत आज भी रक्षाबंधन के मौके पर लोगों की पसंद बना हुआ है।
52 साल बाद भी नहीं फीकी हुई इस गीत की मिठास
भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और भावनाओं को बेहद सरल शब्दों में पिरोने वाला यह गीत समय के साथ और भी खास होता गया। रक्षाबंधन पर जब बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, तो इस गीत के बोल उस भावुक पल को और खूबसूरत बना देते हैं।
सुमन कल्याणपुर की आवाज में इस गीत की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी सादगी है। इसमें न तो रिश्ते को लेकर कोई भारी-भरकम शब्द हैं और न ही भावनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। यही वजह है कि कई पीढ़ियों के बीच यह गीत आज भी अपनी जगह बनाए हुए है।
सुमन कल्याणपुर की आवाज ने बनाया यादगार
सुमन कल्याणपुर हिंदी सिनेमा की उन प्लेबैक सिंगर्स में शामिल हैं, जिनकी आवाज में एक खास मिठास और सादगी थी। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई यादगार गीतों को अपनी आवाज दी। ‘बहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है’ भी उन्हीं गीतों में से एक है, जिसे रक्षाबंधन के साथ जोड़कर देखा जाता है।
यह भी पढ़ें: रक्षाबंधन आते ही वायरल हो जाता है लता मंगेशकर का 57 साल पुराना ये गाना, भाई-बहन के लिए है बेहद खास
इस गीत की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज भी रक्षाबंधन के आसपास सोशल मीडिया पर इसकी क्लिप और बोल खूब शेयर किए जाते हैं। नई पीढ़ी के लिए भी यह गीत त्योहार की पुरानी यादों और भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं से जुड़ने का एक जरिया बन गया है।
रक्षाबंधन पर क्यों खास है ये गीत?
रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच प्यार, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का उत्सव है। ‘बहना ने भाई की कलाई से प्यार बांधा है’ इसी भावना को आवाज देता है। राखी की एक छोटी-सी डोर में छिपे बड़े रिश्ते को यह गीत बेहद खूबसूरती से सामने लाता है।
यह भी पढ़ें: ‘जेलर 2’ का पहला गाना ‘अला बोलेलो’ रिलीज, फैंस को आईं तमन्ना भाटिया के ‘कवाला’ की याद, 15 घंटे में सिर्फ 2 लाख व्यूज
यही कारण है कि समय बदलने, संगीत के अंदाज बदलने और मनोरंजन के नए माध्यम आने के बावजूद इस गीत की लोकप्रियता कम नहीं हुई। रक्षाबंधन 2026 के मौके पर भी जब भाई की कलाई पर राखी सजेगी, तो सुमन कल्याणपुर की आवाज में गूंजता यह गीत एक बार फिर कई घरों की पुरानी यादों को ताजा करेगा।
