जिस देश का राजा मंदिरों के दरवाजे बंद करवाने जाए, वहां अकाल पड़ता है- PM मोदी की केदारनाथ यात्रा पर बोले राकेश टिकैत

राकेश टिकैत ने पीएम नरेंद्र मोदी पर उनकी केदारनाथ यात्रा को लेकर निशाना साधा और कहा कि जिस देश में राजा मंदिरों के दरवाजे बंद करवाने जाए, वहां अकाल पड़ता है।

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किसान नेता राकेश टिकैत (फोटो सोर्स – पीटीआई)

भारतीय किसान यूनियन के नेता और किसान आंदोलन के अग्रणी नेता राकेश टिकैत ने नरेंद्र मोदी की केदारनाथ यात्रा पर अपनी टिप्पणी की है। केदारनाथ मंदिर के दरवाजे सर्दियों को देखते हुए हर साल की तरह इस साल भी नवंबर के महीने में बंद होने वाले हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री की यात्रा पर राकेश टिकैत ने निशाना साधा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि जिस देश का राजा मंदिर के दरवाजे बंद करवाने जाएगा, वहां अकाल पड़ता है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा, “जिस देश का राजा मंदिरों के दरवाजे बंद करवाने जाएगा, उस देश में अकाल पड़ता है, भुखमरी आती है, आपदाएं आती हैं। राजा को मंदिर के दरवाजे खुलने के वक्त पर जाना चाहिए, बंद दरवाजे पर राजा को नहीं जाना चाहिए।” इंटरव्यू में राकेश टिकैत ने सरकार के न मानने पर उठाने वाले कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हम टेंट बदलेंगे और मरम्मत कार्य शुरू करेंगे।

राकेश टिकैत से अगले साल कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पूछा गया कि क्या वो किसी नेता के साथ मंच शेयर करते दिखेंगे? जवाब में उन्होंने कहा, “ना, मंच नहीं शेयर करेंगे हम किसी नेता के साथ। हम किसानों के साथ मंच शेयर करेंगे। ये किसान अपनी रैली करेगा। ये क्या किसी से कमजोर है?”

किसान आंदोलन को एक साल पूरे होने को हैं। राकेश टिकैत ने अपनी आगे की रणनीति पर बात करते हुए कहा, “आगे की रणनीति यह है कि आंदोलन को जारी रखो, शांतिपूर्ण तरीके से। आंदोलन लंबा चलेगा, उसकी तैयारी रखें, ट्रैक्टरों में तेल भराकर दिल्ली की तरफ उसका मुंह करके रखें। दिन में खेत में काम करें तो तेल भरवाकर रखें।” इंटरव्यू में किसान नेता से दुष्यंत चौटाला के कार्यक्रम में किसानों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी सवाल किया गया।

इसका जवाब देते हुए राकेश टिकैत ने कहा, “ये तो संघर्ष है और यह तो चलता ही रहता है।” पेट्रोल-डीजल के दाम में हुई कटौती पर जवाब देते हुए राकेश टिकैत ने कहा, “सरका ने बढ़ाए कितने हं ये भी तो बता दो, प्रेस वाला बढ़ाने का एक भी नहीं बता रहा। जिस दिन बढ़ाने का बताना शुरू कर दो, ये घटाना शुरू कर देंगे। पहले बढ़ाने का बताओ।”

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