सबको हंसाने वाले एक्टर राजपाल यादव इस वक्त खुद बुरे दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने करोड़ों के चेक बाउंस मामले में जेल में सरेंडर कर दिया है और अब वो दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। राजपाल यादव ने चेक बाउंस केस में दिल्ली हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद जेल जाने से पहले एक कन्फेशन किया है। उन्होंने कहा कि उनके पास अब कर्ज चुकाने के लिए कोई पैसा नहीं बचा है, हर संभव रास्ता आजमा चुके हैं और मुसीबत की घड़ी में कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया।
यह मामला 2010 में बनी एक फिल्म से जुड़ा हुआ है। मगर जब कोर्ट से राहत नहीं मिली तो राजपाल यादव के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। राजपाल यादव का कन्फेशन तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने उन्होंने कहा, “सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई उपाय नहीं दिखता… सर, यहां हम सब अकेले हैं। दोस्त नहीं हैं। मुझे यह संकट खुद झेलना है”। इस बीच मसीहा कहलाए जाने वाले एक्टर सोनू सूद ने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है, लेकिन वो लोग जो कभी राजपाल यादव के दोस्त हुआ करते थे वो कहां हैं?
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने किया था राजपाल यादव की दरियादिली का जिक्र
नवाजुद्दीन सिद्दीकी और राजपाल यादव, दोनों ने ही अपने करियर की शुरुआत में काफी संघर्ष किया था। नवाजुद्दीन ने खुद बताया था कि जब कभी उनके पास खाने के लिए पैसे नहीं हुआ करते थे, जब राजपाल यादव ने उन्हें अपने घर पर रखा था। एक इंटरव्यू में नवाजुद्दीन ने उन्हें एक ‘अद्भुत आदमी’ बताया था और उनके दयालु स्वभाव के बारे में खुलकर बात की थी।
अपने एक इंटरव्यू में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के बारे में बात करते हुए कहा था, “जब राजपाल का काम चल रहा था तब बहुत लोग उसके घर पर खाना खाते थे और कभी भी उफ नहीं किया उस आदमी ने। हमेशा दिया लोगों को, जब हम स्ट्रगल कर रहे थे, मैं क्या बहुत सारे एक्टर्स स्ट्रगल कर रहे थे तो राजपाल का एक घर था जो लंगर की तरह था। कोई भी आकर खा सकता था। बहुत ही भावुक आदमी है, मतलब ठिठोली कर के उड़ा देता है मजाक में। वो बहुत भावुक इंसान है, बहुत ही शानदार आदमी है।”
सोनू सूद बने राजपाल यादव के मसीहा
सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए राजपाल यादव के लिए दोस्ती का हाथ बढ़ाया। उन्होंने लिखा,”राजपाल यादव गिफ्टेड एक्टर हैं, जिन्होंने कई ऐसी फिल्में की हैं, जिन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकता। कभी-कभी जिंदगी हमारे साथ अनफेयर हो जाती है। इसलिए नहीं, क्योंकि कोई टैलेंटेड नहीं है, बल्कि इसलिए कि समय बुरा होता है। वह मेरी फिल्म का हिस्सा थे और मुझे ऐसा लगता है कि उनकी इस मुश्किल घड़ी में निर्माता, निर्देशक, सह-कलाकार और सभी को उनके साथ खड़े होना चाहिए। एक छोटी सी अमाउंट राशि, जो उनके भविष्य के काम में आप एडजस्ट कर सकते हैं। यह कोई चैरिटी नहीं है, बल्कि सम्मान है।”
