इस वक्त राजपाल यादव लोन न चुका पाने के कारण तिहाड़ जेल में बंद हैं। ये वो लोन है जो उन्होंने साल 2010 में एक फिल्म बनाने के लिए लिया था, मगर इतने साल बीत जाने के बाद वो इसे चुका नहीं सके, जिसके कारण आखिरकार उन्हें सरेंडर करना पड़ा। हर तरफ ये खबर छाई हुई है, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि आखिर वो फिल्म कौन सी थी, जिसके कारण एक्टर को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
इस फिल्म से शुरू हुआ मामला
राजपाल यादव का ये मामला साल 2010 में आई फिल्म ‘आता पता लपाता’ से जुड़ा है। राजपाल ने इस फिल्म को बनाने के लिए ‘मुर्गली प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। लेकिन तय समय पर वह इस रकम नहीं चुका पाए। कंपनी की मानें तो राजपाल यादव ने उन्हें चेक दिए थे जो बाउंस हो गए। इसके बाद यह मामला पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट, फिर सेशन कोर्ट और बाद में दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंचा।
पिछले साल दिसंबर में राजपाल यादव ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि वह बकाया राशि किश्तों में चुकाएंगे, लेकिन तय समय सीमा में वह भुगतान नहीं कर पाए। जिसके बादहाई कोर्ट ने उन्हें 2 फरवरी तक तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। अदालत के आदेश का पालन करते हुए राजपाल यादव ने 5 फरवरी को आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद से वह तिहाड़ जेल में बंद हैं।
यह भी पढ़ें: ‘वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे’, राजपाल यादव के सपोर्ट में आए अभिनेता सोनू सूद, सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
कितने करोड़ में बनी थी फिल्म?
राजपाल यादव ने करीब 11 करोड़ रुपये के बजट में फिल्म ‘अता पता लापता’ का निर्माण किया था। ये फिल्म साल 2012 में रिलीज हुई थी, मगर बॉक्स ऑफिस पर ये कमाल नहीं कर पाई और फ्लॉप साबित हुई। इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो करोड़ों की लागत में बनी इस फिल्म ने केवल 42 लाख रुपये कमाये थे। राजपाल ने न केवल इस फिल्म का निर्माण किया था, बल्कि निर्देशन भी उन्होंने किया था। यहां तक की फिल्म का मुख्य किरदार उन्होंने ही निभाया था।
यह भी पढ़ें: कभी यारों के यार राजपाल यादव ने की थी दोस्तों की मदद, आज कर्ज ना चुका पाने पर जेल में करना पड़ा सरेंडर
फिल्म की स्टार कास्ट
फिल्म में राजपाल यादव के साथ-साथ विजय राज, आशुतोष राणा, मनोज जोशी, दिवंगत अभिनेता विक्रम गोखले, मुश्ताक खान और दिवंगत अभिनेता गोवर्धन असरानी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। इसकी कहानी और पटकथा लेखन में संजय कुमार, संदीप नाथ, राजपाल यादव, एम. सलीम, संजय शुभंकर, प्रदीप सिंगरोले और गोपाल तिवारी का योगदान रहा था।
