बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत मिल गई है। अभिनेता ने न्यायालय और अपने फैंस को धन्यवाद दिया है। यह जमानत दिल्ली हाईकोर्ट से मिली है, अभिनेता अब 18 मार्च 2026 तक जेल से बाहर रहेंगे।
राजपाल यादव पर चेक बाउंस का आरोप है। उन्होंने बेल पर बाहर आने के बाद मीडिया से कहा कि वे हमेशा न्यायालय के समक्ष अपने सभी आरोपों का सामना करने के लिए तैयार हैं।
राजपाल यादव ने कहा, “मैं 2027 में बॉलीवुड में 30 साल पूरे कर लूंगा। देश बच्चा-बच्चा मेरे साथ हैं। जिस तरह से पूरे देश और मेरी बॉलीवुड फैमिली ने मुझे प्यार दिया है, मैं हमेशा जवाब देने के लिए तैयार हूं। हाईकोर्ट का धन्यवाद।”
राजपाल यादव के भाई, चंद्रपाल यादव, ने भी मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि परिवार अब बेहतर दिन देखने की उम्मीद कर रहा है। अभिनेता ने कुछ समय पहले ही अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया था। वो एक सप्ताह से ज्यादा समय से तिहाड़ जेल में थे।
इस पूरे विवाद की शुरुआत 2010 में हुई थी, जब राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म ‘अता पता लापता’ को बनाने के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का लोन लिया था। फिल्म 2012 में रिलीज़ हुई लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही। इसके बाद राजपाल यादव लोन नहीं चुका पाए और विवाद बढ़ गया।
2018 में, सात चेक बाउंस होने के कारण, एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को धारा 138, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया और छह महीने की सादे कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद सेशंस कोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा, और यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की। 2024 तक बकाया राशि बढ़कर 9 करोड़ रुपए हो गई थी।
इस जमानत से राजपाल यादव को फिलहाल राहत मिली है और वे अपने न्यायिक मामलों का सामना करते हुए बाहर रह सकेंगे।
राजपाल यादव क्यों नहीं चुका पाए कर्ज?
3 दशकों का करियर और करोड़ों की कमाई के बावजूद भी अभिनेता आखिर खुद अपना यह कर्ज क्यों नहीं चुका पाए। यहां पढे़ं इस सवाल का जवाब
