Rajpal Yadav Case News in Hindi: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव चेक बाउंस केस में तिहाड़ जेल के अंदर बंद हैं और आज गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की। अभिनेता की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने गुरुवार को एक्टर की बेल अर्जी पर कार्रवाई शुरू की और उन्होंने कहा कि एक्टर ने बार-बार कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि वह बकाया चुका देंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
जज ने आगे कहा कि कम से कम दो दर्जन मौकों पर राजपाल यादव ने शिकायतकर्ता को पेमेंट करने का वादा किया था। फिर भी पैसे जमा नहीं किए गए। जस्टिस शर्मा ने कहा, “आप जेल इसलिए गए, क्योंकि आपने अपना वादा पूरा नहीं किया।” इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी बताया कि अभिनेता के वकील ने पहले बेंच के सामने कहा था कि पेमेंट शिकायतकर्ता को किया जाएगा। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि बचाव पक्ष अब कह रहा है कि रकम कोर्ट के सामने जमा की जाएगी।
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जस्टिस शर्मा ने एक्टर के वकील से पहले अपना मन बनाने के लिए कहा। अब इस मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट बेल अर्जी पर फिर से कार्रवाई शुरू करेगा। बता दें कि अभिनेता ने अपने परिवार में शादी का हवाला देते हुए बेल मांगी है।
2010 से शुरू हुईं परेशानियां
राजपाल यादव की कानूनी परेशानियां साल 2010 से शुरू हुईं, जब उन्होंने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। समय के साथ बकाया राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई।
अप्रैल 2018 में, एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को चेक बाउंस मामलों में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सज़ा सुनाई। जून 2024 में, दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी सजा को कुछ समय के लिए रोक दिया, बशर्ते वे शिकायत करने वाले मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ आपसी सहमति से समझौता करने के लिए ईमानदारी और सच्चे कदम उठाएं।
हालांकि, इस महीने की शुरुआत में, कोर्ट ने सरेंडर की डेडलाइन बढ़ाने से मना कर दिया, यह देखते हुए कि यादव ने बकाया चुकाने के वादे को बार-बार तोड़ा है। उन्हें 4 फरवरी को शाम 4 बजे तक सरेंडर करने का निर्देश दिया गया था।
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