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राजेश खन्ना पैर में फ्रैक्चर से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे लेकिन व्हीलचेयर पर बैठ पहुंच गए थे शूटिंग करने; जानिए क्या थी वजह

राजेश खन्ना के पैर में फ्रैक्चर हो गया था, लेकिन इसके बाद भी वह शूटिंग करने पहुंच गए थे। इस बात का कारण भी उन्होंने खुद बताया था।

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सुपरस्टार राजेश खन्ना (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस आर्काइव)

एक दौर ऐसा था जब राजेश खन्ना और स्टारडम एक दूसरे के पर्याय बन गए थे। बॉलीवुड के दिग्गज डायरेक्टर प्रोड्यूसर उनसे एक मुलाकात को तरसते और उनके घर के चक्कर काटा करते थे। काका ने यह रुतबा यूं ही हासिल नहीं किया था। अपने रूमानी अंदाज के लिए चर्चित राजेश खन्ना उस दौर में फिल्म के हिट होने की गारंटी बन गए थे।

लेकिन कहते हैं कि अच्छे के बाद बुरा वक्त भी आता है। राजेश खन्ना के साथ भी यही हुआ। निजी जिंदगी में झटके लगे। करियर के फ्रंट पर भी उतार आया और आखिरी वक्त में तो उनकी जिंदगी में भूचाल जैसा आ गया था।

काका को जब कैंसर का पता चला तो पहले उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। परिवार भी सदमे में था। लग रहा था कि सब कुछ ठीक हो जाएगा लेकिन बीमारी काका को अपनी जद में लेती जा रही थी। इसी दौरान काका को एक ऐड फिल्म का ऑफर मिला। यह ऐड हैवेल्स के पंखों का था और बना रहे थे मशहूर डायरेक्टर आर. बाल्की।

राजेश खन्ना को डॉक्टरों ने पूरी तरह आराम की सलाह दी थी। उनके पैर में हेयरलाइन फ्रैक्चर था। पैरों में इतनी सूजन थी कि जूते तक नहीं पहन पा रहे थे और बेहद तकलीफ में थे। इसके बावजूद वे शूटिंग के लिए तैयार हो गए। जब काका के सहयोगी ने उनसे पूछा कि आप यह कर पाएंगे? तो उन्होंने कहा कि मैंने कमिटमेंट कर दी है, आप डेट दे दो।

शूटिंग से पहले हॉस्पिटल में हुए भर्ती: वरिष्ठ पत्रकार और लेखक यासिर उस्मान अपनी किताब में इस किस्से का जिक्र करते हुए लिखते हैं कि राजेश खन्ना ने अपने सहयोगी भूपेश रसीन से कहा मेरा फ्रैक्चर तो ठीक होने से रहा और उन्हें नानावती हॉस्पिटल में एडमिट करा दिया गया। 2 दिन तक पैर को ऊपर बांधे रखा गया था ताकि सूजन कम हो जाए और पेन किलर दिया जाता रहा। 2 दिन बाद राजेश खन्ना हॉस्पिटल से सीधे बैंगलोर शूटिंग करने चले गए।

यासिर उस्मान लिखते हैं कि शूटिंग से पहले वाली रात उन्होंने डायरेक्टर बाल्की को वॉक करके दिखाया। काका दर्द से लड़खड़ा रहे थे। फ्रैक्चर की तकलीफ से सीधे तक खड़े नहीं हो पा रहे थे। कैंसर उनकी ताकत नहीं छोड़ रहा था। शूटिंग वाले दिन राजेश खन्ना अपने पैरों पर ठीक तरीके से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे और व्हीलचेयर पर बैठकर स्टेडियम में शूटिंग करने पहुंचे। राजेश खन्ना दिनभर अपने दर्द पीकर टेक पर टेक देते रहे और शाम 7 बजे तक शूटिंग की। पूरी यूनिट तालियां बजाकर उनके सम्मान में खड़ी हो गई। इस तरीके से काका की आखिरी फिल्म का पैकअप हो गया था।

आपको बता दें कि आपको बता दें कि राजेश खन्ना का यह विज्ञापन अप्रैल 2012 में रिलीज हुआ। एक वर्ग ने इसकी तीखी आलोचना भी की। वजह यह थी कि विज्ञापन में काका हड्डी के ढांचे की तरह दिख रहे थे। यह देखकर उनके प्रशंसकों को एक झटका जैसा लगा। इस विज्ञापन के रिलीज होने के 3 महीनों बाद ही काका ने दुनिया को अलविदा कह दिया था।

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