जीतेंद्र की दुकान से फिल्म सेट पर जाते थे ज्वेलरी के डब्बे, जब खुद ऑडिशन देने पहुंचे एक्टर; राजेश खन्ना ने की थी मदद

उस वक्त जीतेंद्र की दुकान से फिल्मों के सेट पर ज्वैलरी के डब्बे जाया करते थे। जीतेंद्र वो डब्बे खुद सेट पर छोड़ने के लिए जाते थे। तब वह वहां पर चल रही शूटिंग देखा करते थे और एक्टर बनने का सपना भी देखते थे।

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जीतेंद्र और राजेश खन्ना (फोटो सोर्स- एक्सप्रेस आरकाइव)

जीतेंद्र ने हिंदी सिनेमा में एक से बढ़कर एक फिल्में दीं। बॉलीवुड में जीतेंद्र अपनी व्हाइट पैंट और जंपिंग जैक डांस के लिए खूब मशहूर हैं। जीतेंद्र बचपन से ही एक एक्टर बनने का ख्वाब पाले हुए थे। दरअसल, बचपन से जीतेंद्र अपने आसपास फिल्मों और शूटिंग का माहौल देखते आए थे। जीतेंद्र के पिता की ज्वेलरी की शॉप हुआ करती थी। तब जीतेंद्र अपने पिता के साथ उनकी दुकान पर हाथ बटाया करते थे। उस दौर में जीतेंद्र के परिवार की हालत अच्छी नहीं थी।

उस वक्त जीतेंद्र की दुकान से फिल्मों के सेट पर ज्वेलरी के डब्बे जाया करते थे। जीतेंद्र वो डब्बे खुद सेट पर छोड़ने के लिए जाते थे। तब वह वहां पर चल रही शूटिंग देखा करते थे और एक्टर बनने का सपना भी देखते थे। ऐसे ही एक बार जीतेंद्र फिल्म की शूटिंग देखना चाहते थे। तब स्टूडियो के बाहर खड़े एक शख्स ने उन्हें टोका और कहा कि तुम अंदर नहीं जा सकते। अगर जाना है तो एक रोल करना होगा, अर्जेंट चाहिए।

दरअसल, फिल्म नवरंग के लिए उन्हें प्रिंस का रोल मिला था। तो जीतेंद्र प्रिंस का गेट-अप लेने के लिए तैयार हो गए। जब जीतेंद्र पिंस के कैरेक्टर में आए तो उन्होंने अंदर जाकर देखा ढेर सारे प्रिंस लाइन में लगे हुए थे। ऐसे में फिल्ममेकर वी शांताराम ने जीतेंद्र को स्क्रीनटेस्ट के लिए बुलाया। जीतेंद्र ने इस बारे में शो इंडियन आइडल में बताया था। उन्होंने आगे ये भी बताया था कि राजेश खन्ना उनके साथ ही कॉलेज में पढ़ा करते थे।

जीतेंद्र ने कहा- कि जब वह स्क्रीन टेस्ट देकर वापस आए तो सीधा राजेश खन्ना के पास पहुंचे। राजेश खन्ना भी थिएटर आर्टिस्ट थे। ऐसे में उन्होंने इस दौरान जीतेंद्र को एक्टिंग के कुछ टिप्स दिए। दोनों ने केसी कॉलेज की कैंटीन में बैठ कर रिहर्सल की। जीतेंद्र ने आगे बताया कि ‘अगले दिन मैं पूरी तैयारी के साथ सेट पर पहुंचा। तो शांताराम जी ने कुछ अलग डायलॉग दे दिए। अब नया डायलॉग हम बोल नहीं पाए और नर्वस हो गए थे।’

जीतेंद्र ने आगे कहा था- ‘खैर जो भी जिंदगी में होता है अच्छे के लिए ही होता है। आज मैं जहां हूं वहां खुश हूं।’ इस दौरान जीतेंद्र ने अपने नाम के पीछे की कहानी भी बताई थी। असल में जीतेंद्र का असल नाम रवि है। लेकिन फिल्मों में आने के बाद वह जीतेंद्र के नाम से जाने जाने लगे। उन्होंने बताया था कि फिल्म कारवां में एक नामी एक्टर थे-रविंद्र कपूर। मुझे कहा गया कि आप अपना नाम बदल लो। ऐसे में मैं रवि से जीतेंद्र बन गया।

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