जितना चाहो, रकम भर लेना- राजेश खन्ना ने जॉनी वॉकर की बेटी को थमाया था ब्लैंक चेक; ये थी वजह

राजेश खन्ना ने मशहूर कॉमेडियन जॉनी वॉकर की बेटी तसनीम काजी को ब्लैंक चेक देकर कहा था कि जो रकम चाहो वो भर लेना। तसनीम ने फिल्मफेयर मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में इस वाकए का जिक्र किया था।

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राजेश खन्ना जिसे पसंद करते, उसकी खूब मदद करते थे (Photo-Indian Express/File)

राजेश खन्ना के बारे में तमाम बातें होती हैं लेकिन उनके व्यक्तित्व का एक पहलू जो लोगों को कम ही पता है, वो है उनका दरियादिल स्वभाव। लोगों की मदद को वो हमेशा आगे रहते थे। उनकी जीवनी ‘राजेश खन्ना: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज फर्स्ट सुपरस्टार’ में सलीम खान के हवाले से लेखक यासिर उस्मान ने लिखा है कि राजेश खन्ना अपने स्टाफ को मकान तक गिफ्ट करते थे। इसी तरह का एक वाकया है जब राजेश खन्ना ने मशहूर कॉमेडियन जॉनी वॉकर की बेटी को ब्लैंक चेक देकर कहा था कि जो रकम चाहो वो भर लेना।

जॉनी वॉकर की बेटी तसनीम काजी ने फिल्मफेयर मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में इस वाकए का जिक्र किया था। तसनीम उन दिनो स्कूल में थीं और जॉनी वॉकर राजेश खन्ना के साथ फिल्मों में काम करते थे। सभी लड़कियों की तरह तसनीम भी राजेश खन्ना की बड़ी फैन थीं और राजेश खन्ना से मिलने की चाह उनके अंदर थी।

तसनीम ने बताया था कि उन दिनों उनके स्कूल में चैरिटी के लिए फंड जमा करने का प्रोग्राम चल रहा था। उन्होंने अपने पिता से  जिद किया कि वो उन्हें राजेश खन्ना से मिलने ले जाएं। जॉनी वॉकर अपनी बेटी की जिद को ना नहीं कर पाए और उन्हें राजेश खन्ना के पास ले गए।

 

तसनीम ने राजेश खन्ना से मिलने के बाद उनसे अपने स्कूल के चैरिटी प्रोग्राम के बारे में बताया और उनसे फंड की गुजारिश की। राजेश खन्ना ने एक ब्लैंक चेक पर साइन करके उन्हें थमा दिया और कहा, ‘जितना चाहो उतनी रकम भर लेना।’ तसनीम अपने फेवरेट स्टार की साइन की हुई ब्लैंक चेक किसी को देना नहीं चाहती थीं लेकिन जॉनी वॉकर ने उन्हें सलाह दी कि वो कोई भी छोटी रकम भरकर स्कूल में दे दें ताकि वो किसी के काम आ जाए।

 

राजेश खन्ना अपने यहां आए मेहमानों की भी खूब खातिरदारी करते थे। उनके घर पर हर शाम महमिल जमा करती थी। देर रात तक पार्टी चला करती थी। इस वजह से वो हर रोज शूट पर बहुत लेट पहुंचते थे।

राजेश खन्ना की जीवनी में सलीम खान ने बताया है, ‘बड़े दिल के आदमी थे, खाने खिलाने के शौकीन थे। मैं जानता हूं कि उन्होंने अपने स्टाफ के लोगों को मकान भी दिए हैं। कोई आदमी अच्छा लगता तो उसके लिए बिछ जाते थे। गाड़ियां तक गिफ्ट दी है। उस ज़माने में अपने दोस्त नरिंदर बेदी को भी उन्होंने गाड़ी तोहफे में दी थी।’

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