बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राजीव वर्मा ने ‘हीना’, ‘मैंने प्यार किया’, ‘कर्ज’, ‘प्रेम’ और ‘चुनौती’ समेत बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें पहचान अपनी डेब्यू मूवी ‘मैंने प्यार किया’ से ही मिली। इस फिल्म में राजीव ने सलमान खान के पिता का किरदार निभाया था। लंबे समय तक मूवी और टीवी शो करने के बावजूद अभिनेता ने आखिर में इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया और भोपाल जाकर होटल चलाने लगे। अब उन्होंने इसकी वजह खुद बताई है।

डियर जनरेशन पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान राजीव वर्मा ने बताया कि उन्होंने उन कलाकारों के साथ काम किया था, जो बाद में बॉलीवुड के बड़े सितारे बने। फिर अभिनेता ने बताया कि समय के साथ उनके करियर में एक तरह की बोरियत आ गई थी। इसी वजह से वे अपने परिवार के साथ समय बिताने और शांत जीवन जीने के लिए अपने गृह नगर भोपाल लौट आए। अब वे ज्यादातर समय थिएटर में काम करते हैं।

यह भी पढ़ें: ‘तुम्हारी टांगें तोड़ दूंगी’, बेटी पूजा के अनीता कंवल ने दांव पर लगाया था अपना करियर, कास्टिंग काउच पर किया चौंकाने वाला खुलासा

‘मैंने प्यार किया’ को लेकर कही ये बात

अपनी पहली बड़ी फिल्म के बारे में बात करते हुए अभिनेता ने कहा कि अब कई लोग उन्हें ‘मैंने प्यार किया’ में सलमान खान के पिता के तौर पर पहचानते हैं, लेकिन उस समय फिल्म की ज्यादातर कास्ट नए लोगों से बनी थी। एक्टर ने कहा, “मैंने प्यार किया मेरी पहली फिल्म थी। तब तक मैं ‘चुनौती’ और ‘मुजरिम हाजिर’ जैसे मशहूर सीरियल की वजह से टेलीविजन पर एक जाना-पहचाना चेहरा बन चुका था।

आज लोग ज्यादातर मुझे ‘मैंने प्यार किया’ में सलमान खान के पिता के तौर पर जानते हैं। वे अक्सर कहते हैं कि ओह आप उस सलमान खान वाली फिल्म में थे। लेकिन जब हमने यह मूवी बनाई थी, तब कोई सलमान को नहीं जानता था। यह लीड हीरो के तौर पर उनकी पहली मूवी थी। रीमा लागू मराठी सिनेमा में काम करने के बाद अपनी पहली हिंदी फिल्म कर रही थीं। यह भाग्यश्री की भी पहली फिल्म थी, अजीत वचानी की भी पहली मूवी थी और लक्ष्मीकांत बेर्डे की भी पहली हिंदी मूवी थी।”

अभिनेता ने आगे कहा, “कई एक्टर्स जो बाद में स्टार बने, उनके शुरुआती प्रोजेक्ट्स में से कुछ मेरे साथ थे। अक्षय कुमार की मेरे साथ पहली फिल्म ‘दीदार’ थी, हालांकि यह बाद में रिलीज हुई थी। करिश्मा कपूर भी उस फिल्म का हिस्सा थीं। उनकी मूवी ‘प्रेम कैदी’ और अक्षय की ‘सौगंध’, ‘दीदार’ से पहले रिलीज हो गई थीं। इस मूवी का निर्देशन दिग्गज फिल्ममेकर प्रमोद चक्रवर्ती ने किया था। इसी तरह, लारा दत्ता की पहली मूवी भी मेरे साथ ही थी।”

नौकरी करते हुए राजीव ने किया था अभिनय

अभिनेता ने इंटरव्यू में बताया, “मैंने कभी बड़े सितारों के साथ काम करने के बारे में नहीं सोचा। मैं अपनी नौकरी के साथ-साथ एक्टिंग को भी बैलेंस करने में बिजी था। लगभग दस साल तक मैं अपनी रेगुलर नौकरी करते हुए काम करता रहा। आखिरकार 1996 में मैंने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से एक्टिंग को ही अपना लिया।”

राजीव वर्मा ने क्यों छोड़ी मुंबई?

एक्टर ने बताया कि इंडस्ट्री में सालों तक काम करने के बाद आखिरकार एक्टिंग के प्रति उनका वह उत्साह खत्म हो गया जो उन्हें कभी महसूस होता था। राजीव ने कहा, “‘मैंने प्यार किया’ में मैंने एक बिजनेसमैन का किरदार निभाया था। फिल्म के सफल होने के बाद फिल्ममेकर्स मुझे एक खास तरह की इमेज में देखने लगे। जब कोई एक्टर किसी खास तरह के रोल से जुड़ जाता है, तो लोग उसे बार-बार वैसे ही रोल में कास्ट करते रहते हैं। मुझे बार-बार एक ही तरह के किरदार ऑफर किए जा रहे थे।

फिर एक ऐसा दौर आया जब मुझे एक्टिंग में मजा नहीं आ रहा था। मुझे लगा कि अब मैं यह काम और नहीं करना चाहता। यह मुझे बिल्कुल वैसी ही ऑफिस जॉब लगने लगी थी, जैसी मैं पहले किया करता था। बस फर्क इतना था कि यहां मिलने वाला चेक बड़ा होता था। एक्टिंग को लेकर जो उत्साह और संतुष्टि मुझे कभी महसूस होती थी, वह अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी थी। यह अब बस एक रूटीन का काम बनकर रह गया था।”

अभिनेता ने आगे कहा, “पांच या छह साल पहले, मैं भोपाल वापस लौट आया। उससे भी दो-तीन साल पहले से ही मुझे यह महसूस होने लगा था कि एक्टिंग अब बस एक रूटीन का काम बनकर रह गई है और अब मुझे इसमें कोई मजा नहीं आ रहा है। दोस्तों के साथ समय बिताना, शादियों और पारिवारिक समारोहों में शामिल होना, जिंदगी का लुत्फ उठाना- ये सारी चीजें अब मेरी लाइफ से लगभग गायब ही हो चुकी थीं।

एक समय के बाद आपको इन चीजों की कमी खलने लगती है। आपको अपने परिवार, माता-पिता और दोस्तों के साथ समय बिताने की तीव्र इच्छा होने लगती है। यही वजह है कि मैं वापस लौट आया। अब मैं ज्यादातर थिएटर करता हूं और अपनी लाइफ का भरपूर आनंद लेता हूं। अब मुझे पैसों की कोई खास जरूरत नहीं है। भोपाल में मेरा एक छोटा सा होटल है, मेरे बच्चे भी अब अपनी लाइफ में पूरी तरह से सेटल हो चुके हैं, इसलिए अब मैं बस थिएटर करता हूं और अपनी लाइफ का मजा लेता हूं।”

यह भी पढ़ें: ‘बिना किसी डर के ट्रेवल कर रहा था’, ‘घूसखोर पंडत’ विवाद के दौरान मनोज बाजपेयी को मिली थी धमकियां, बोले- परिवार को भी इसमें…