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राज कपूर की फिल्मों के ये रोमांटिक सीन हैं उनकी असल जिंदगी की नकल

24 दिसंबर 1924 को जन्मे राज कपूर का दो जून 1988 को निधन हुआ था।

24 दिसंबर 1924 को जन्मे राज कपूर का दो जून 1988 को निधन हुआ था। (Express archive photo)

राज कपूर का जन्म पेशावर में 14 दिसंबर 1924 को हुआ था। हिंदी सिनेमा में उनसे पहले भी कई दिग्गज फिल्म निर्देशक हो चुके थे और उनके बाद भी लेकिन शोमैन का खिताब सबसे पहले उन्हें ही मिला। इसकी वजह थी फिल्मों को लेकर उनकी व्यापक परिकल्पना। महज 24 साल की उम्र में आरके स्टूडियो की स्थापना करके फिल्म निर्माण की दुनिया में कदम रखने वाले राज कपूर को अपने निजी जिंदगी के अनुभवों को फिल्मी परदे पर उतारने में महारत हासिल थी। आज राज कपूर की जयंती पर हम आपको ऐसी ही तीन ऐसे सीन के बारे में बताएंगे जिनकी प्रेरणा राज कपूर को अपने निजी जीवन से मिली थी और ये सभी सीन काफी सराहे गए।

बोल राधा बोल, संगम- 1964 में आरके फिल्म के बैनर तले राज कपूर के निर्देशन में बनी संगम फिल्म में वैजयंती माला, राजेंद्र कुमार और राज कपूर मुख्य भूमिका में थे। फिल्म की कहानी एक प्रेम त्रिकोण पर आधारित थी। फिल्मी दुनिया के अंदरखाने की खबरों की मानें तो फिल्म में दूसरे हीरो की भूमिका के लिए पहले दिलीप कुमार और देव आनंद से संपर्क किया गया था। दिलीप और देव ने अलग-अलग कारणों से फिल्म में काम करने से इनकार कर दिया तो राजेंद्र कुमार को चुना गया। राज कपूर ने दूसरे हीरो की कॉस्टिंग से भले ही समझौता कर लिया हो लेकिन हिरोइन की भूमिका के लिए वैजयंती माला उनकी पहली और आखिरी पसंद थीं। वैजंयती माला उन दिनों काफी व्यस्त स्टार थीं। वो राज कपूर को खुलकर फिल्म के लिए हां नहीं बोल पा रही थीं। काफी इंतजार के बाद जब राज कपूर ने उन्हें तार भेजकर पूछा, “बोल राधा बोल संगम होगा कि नहीं?” आपको याद होगा कि संगम फिल्म में हिरोइन का नाम राधा था। राज कपूर के इस अलहदे अंदाज के बाद वैजयंती माला ने फिल्म के लिए हां कर दी। राज कपूर ने फिल्म में इसी पंक्ति पर पूरा एक गाना शैलेंद्र से लिखवाकर फिल्माया। राज कपूर के असली जीवन से प्रेरित ये गीत और सीन काफी लोकप्रिय हुआ।

वीडियोः देखें राज कपूर के असल जिंदगी से प्रेरित गाना

खत के टुकडे़ जोड़ कर पढ़ना, संगम- राज कपूर ने संगम फिल्म में ही अपने निजी जीवन की एक और अन्य घटना का बहुत खूबसूरती से इस्तेमाल किया था। राज कपूर और नरगिस के प्रेम के बारे में सभी जानते हैं। राज कपूर और नरगिस की जोड़ी परदे पर काफी हिट थी लेकिन उस दौर के कई निर्माता-निर्देशक नरगिस को अपनी फिल्मों में दूसरे हीरो के साथ भी लेना चाहते थे। राज कपूर को ये बात पसंद नहीं थी। वो चाहते थे कि नरगिस केवल उनके संग काम करें। एक बार एक फिल्म निर्माता ने पत्र लिखकर नरगिस से फिल्म में काम करने के बारे में पूछा। नरगिस नहीं चाहती थीं कि राज कपूर को इस प्रस्ताव से दुख पहुंचे इसलिए उन्होंने वो पत्र पढ़कर फाड़कर फेंक दिया। लेकिन राज कपूर को इसकी भनक लग गई। उन्होंने नरगिस के फाड़े हुए पत्र के टुकड़ों को जोड़कर पढ़ लिया।  फिल्म संगम में राज कपूर ने हूबहू इसी सीन को परदे पर उतारा है। फिल्म में नायिका राधा (वैजयंती माला) जब एक खत फाड़कर फेंक देती हैं तो सुंदर (राज कपूर) उसके टुकड़ों को जोड़कर पढ़ लेता है।

वीडियोः फिल्म में देखें ये सीन

पहला मिलन, बॉबी-  राज कपूर और नरगिस के पहले मिलन को भी शोमैन ने सिनेमा के इतिहास में दर्ज करा दिया है। 1973 में आई बॉबी फिल्म में हीरो राज (ऋषि कपूर) के हिरोइन बॉबी (डिंपल कपाड़िया) से पहली बार मिलने का सीन राज कपूर ने अपनी निजी जीवन से प्रेरित होकर रचा था। फिल्म में जब राज बॉबी के घर पहुंचता है तो वो बेसन में सने हुए हाथों के अपनी बाल संवारते हुए दरवाजा खोला था। राज कपूर कुछ इसी हाल में पहली बार नगरिस से मिले थे। इस घटना को सुनहरे परदे पर उतारकर राज कपूर ने नगरिस से अपने पहले मिलन को सिनेमा के इतिहास में अमर कर दिया।

वीडियोः जब बेसन सने हाथों के साथ हिरोइन पहली बार हिरो से मिली

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