राहुल-प्रियंका ने लखीमपुर हिंसा को बड़ा मुद्दा बना दिया? राकेश टिकैत से पूछा गया सवाल तो मिला ये जवाब

राकेश टिकैत से पूछा गया कि क्या उन्हें ये लगता है कि प्रियंका गांधी-राहूल गांधी ने लखीमपुर खीरी का मुद्दा उठाकर अच्छा काम किया है जिससे ये बहुत बड़ा मुद्दा बन गया?

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प्रियंका गांधी और राहुल गांधी मृतक किसानों के परिवारों से मिले थे (Photo-File)

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए किसानों की आत्मा की शांति के लिए मंगलवार को तिकुनिया में अंतिम अरदास का आयोजन किया गया। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत समेत सभी किसान नेता वहां मौजूद रहे। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी अरदास में पहुंचीं। प्रियंका गांधी लखीमपुर हिंसा पर लगातार प्रखर रहीं हैं और उन्हें पुलिस हिरासत में भी रखा गया था। राहुल गांधी भी लखीमपुर पहुंचे थे और दोनों ने मृतक किसानों के परिवारों से मुलाकात भी की।

इसी बात को लेकर न्यूज़ 24 के कार्यक्रम ‘देश की बात’ में मानक गुप्ता ने राकेश टिकैत से सवाल किया। उन्होंने टिकैत से पूछा, ‘आपको लगता है प्रियंका गांधी-राहुल गांधी ने ये मुद्दा उठाकर अच्छा काम किया है जिससे ये बहुत बड़ा मुद्दा बन गया? दोनों लखीमपुर गए, गिरफ़्तारी हुई और मीडिया का कवरेज हुआ।’

जवाब में राकेश टिकैत ने कहा, ‘हां, हां, दोनों गए, सारे लोग गए ठीक रहा। सब लोगों को जाना चाहिए भाई। मुद्दा है तो जाना चाहिए।’ अंतिम अरदास में शामिल हुईं प्रियंका गांधी वहां बने मंच पर नहीं गईं। इस बात पर राकेश टिकैत से सवाल किया गया, ‘प्रियंका गांधी भी गईं हैं आज लखीमपुर में। हमने तो सुना है कि आपका जो मंच था या जो भी प्रोग्राम था उसमें आपने प्रियंका गांधी को नहीं आने दिया क्योंकि आप उसे राजनीतिक नहीं बनाना चाहते थे। क्या हुआ था वहां पर?’

राकेश टिकैत ने जवाब दिया, ‘नहीं, नहीं, मंच के ऊपर कोई स्पीच नहीं देता। वो आईं, बैठीं, परिवारों से मिलीं और सब जगह माथा टेका। हम भी नीचे ही बैठे थे, हम भी कहां मंच पर थे।’ जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रियंका गांधी से उनकी कुछ बातचीत भी हुई तो वो बोले, ‘नहीं…राम रहीम हुई।’

तिकुनिया में आयोजित अंतिम अरदास में किसान नेताओं की तरफ से कई बड़े ऐलान किए गए। कहा गया कि तिकुनिया में घटना स्थल पर 5 मृतक किसानों की शहीदी स्मारक बनेगा। 24 अक्टूबर को देश की सभी बड़ी नदियों में मृतक किसानों की अस्थियों का विसर्जन होगा। इस दौरान राज्य के हर जिले और सभी राज्यों में अस्थि कलश यात्रा निकलेगी। किसान नेताओं की तरफ से यह भी कहा गया कि 24 अक्टूबर को ही 10-4 बजे तक चक्का जाम होगा। 26 अक्टूबर को लखनऊ में किसान महापंचायत का आयोजन होगा।

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