हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे कई सितारे रहे हैं, जो शोबिज की चकाचौंध देख कर इसमें आने का फैसला करते हैं और फिर कुछ समय के बाद लाइमलाइट से दूर हो जाते हैं। आज हम आपको ऐसी ही एक अभिनेत्री के बारे में बताते हैं, जिन्होंने 2000 के दशक में अपना करियर शुरू किया और फिर कुछ साल बाद ही वह बॉलीवुड गलियारों से दूर हो गईं।
हालांकि, बाकी एक्टर्स की तरह वह पूरी तरह गायब नहीं हुईं। उन्होंने शोबिज से बिल्कुल अलग राह चुनी। जहां पेड़, खेत, घर में उगाई सब्जियां और मेहमान उनकी जिंदगी का हिस्सा हैं। बता दें कि आज मालिनी सह्याद्री की पहाड़ियों में रहती हैं, जहां वह एक फार्मस्टे चलाती हैं, सब्जियां उगाती हैं, मेहमानों की मेजबानी करती हैं और अपनी जिंदगी जी रही हैं।
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म्यूजिक वीडियो से ‘राज’ तक
मालिनी शर्मा ने बतौर मॉडल अपने करियर की शुरुआत की थी। वह बॉम्बे वाइकिंग्स के म्यूजिक वीडियो ‘क्या सूरत है’ में नजर आई थीं, जो उस समय काफी हिट हुआ था। इसके बाद उन्होंने मीका सिंह के म्यूजिक वीडियो ‘सावन में लग गई आग’ में भी काम किया, जो आज भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।
फिर जब मालिनी को ‘CATS’ में काम करने का मौका मिला, तब तक बतौर मॉडल उनका करियर अच्छी रफ्तार पकड़ चुका था। इस शो के बाद उनके लिए फिल्मों के रास्ते भी खुले। उन्होंने साल 2002 में आई विक्रम भट्ट की फिल्म ‘राज’ में अहम भूमिका निभाई, जिसमें उनके साथ डिनो मोरिया और बिपाशा बसु नजर आए थे।
यह हॉरर फिल्म बड़ी हिट साबित हुई और इसके लीड एक्टर्स घर-घर में पहचाने जाने लगे। मालिनी का रोल भले ही छोटा था, लेकिन उनकी एक्टिंग ने दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ी। फिल्म के गाने ‘आपके प्यार में’ में उनका नजर आना उनके छोटे से बॉलीवुड करियर की सबसे यादगार चीजों में से एक बन गया।
2001 में हुई प्रियांशु चटर्जी से शादी
इसी दौरान मालिनी शर्मा की शादी अभिनेता प्रियांशु चटर्जी से हुई, जिन्होंने साल 2001 में ‘तुम बिन’ फिल्म से डेब्यू किया था। हालांकि, कुछ ही सालों में दोनों का तलाक हो गया और इसके बाद मालिनी लाइमलाइट से दूर होने लगीं। फिर साल 2002 में खबर आई थी कि मालिनी ने फिल्म ‘एनकाउंटर’ की शूटिंग शुरू होने से सिर्फ 48 घंटे पहले फिल्म छोड़ दी थी।
इंडिया टुडे के मुताबिक, मॉडल और एक्टर के तौर पर कई साल काम करने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि वह कैमरे के पीछे काम करना चाहती हैं। बाद में इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, दिलीप प्रभावलकर और तारा देशपांडे नजर आए। समय के साथ मालिनी बॉलीवुड की खबरों से लगभग गायब हो गईं। लेकिन उन्होंने अपनी जिंदगी से खुद को पूरी तरह अलग नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने अपना खुद का काम शुरू किया।
‘द स्लो लोकल’ से लेकर फार्म की जिंदगी तक
मालिनी शर्मा सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती हैं, लेकिन वह अपने वेंचर की पहचान के तौर पर अपने सेलिब्रिटी नाम का इस्तेमाल नहीं करतीं। इसके बजाय, वह ‘द स्लो लोकल’ नाम से काम करती हैं। यह प्रोजेक्ट उन्होंने लगभग दस साल पहले शुरू किया था और समय के साथ इसमें काफी बदलाव भी आए हैं।
शुरुआत में ‘द स्लो लोकल’ के जरिए लोकल खाना, हैंडीक्राफ्ट, वर्कशॉप और पॉप-अप इवेंट्स किए जाते थे। वर्सोवा में मालिनी ने बच्चों के लिए स्टोरीटेलिंग जैसी वर्कशॉप भी कराई हैं। वह घर की बनी ब्रेड, साउथ इंडियन कॉफी, ग्रेनोला, जैम, पीनट बटर और अलग-अलग तरह के तेल भी बेचती थीं। इसके अलावा वह प्लांट एग्जीबिशन, हैंडमेड सिरेमिक्स, क्रोशिया, डिकूपाज, घर के बने केक और दूसरी चीजों से भी जुड़ी रही हैं। फिर धीरे-धीरे ‘द स्लो लोकल’ उन्हें एक फार्म तक ले गया।
सह्याद्रि में चलाती हैं फार्मस्टे
मालिनी शर्मा अब पुणे से लगभग दो घंटे की दूरी पर सह्याद्रि में एक फार्मस्टे चलाती हैं, जहां वह सब्जियां उगाती हैं और फार्म की उपज से मेहमानों के लिए खाना बनाती हैं। अपने एक इंस्टाग्राम वीडियो में उन्होंने बताया था कि फार्म के लिए पर्याप्त सब्जियां उगाना आसान नहीं है।
अभिनेत्री ने कहा था कि जब उन्होंने द स्लो लोकल डायरीज शुरू किया था, तब सब्जियों की पैदावार बहुत अच्छी नहीं थी, लेकिन इस साल पैदावार बेहतर हुई है। फिर भी हर बार के खाने के लिए पर्याप्त सब्जियां उगाना एक चुनौती है। उन्होंने अपने फॉलोअर्स को इस जगह के बारे में बताते हुए कहा है कि यह पहाड़ियों के बीच एक छोटा सा गांव है, जो पुणे से करीब दो घंटे दूर है।
यह प्रॉपर्टी चारों तरफ हरियाली से घिरी हुई है और मालिनी ने साफ किया है कि वह वहां की प्राकृतिक जगह को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहतीं। जमीन के बारे में बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा, “हमने फार्म पर ज्यादातर फलों के पेड़ लगाए हैं। जब हमने यह जमीन खरीदी थी, तो यहां पहले से ही बहुत सारे पेड़-पौधे थे। कई अर्जुन और हरड़ के पेड़ हैं, साथ ही कुछ कोकम, एक पुराना पलाश और शिकाकाई का पेड़ भी है और हम अभी भी और पेड़ों के बारे में पता लगा रहे हैं।”
अभिनेत्री ने यह भी कहा है कि प्रॉपर्टी पर मौजूद कई पेड़-पौधों में औषधीय गुण हैं, जिनके बारे में वह अभी भी सीख रही हैं। यह फार्म इतना बड़ा है कि इसमें पहाड़ का एक हिस्सा भी शामिल है। मालिनी ने जानबूझकर उस हिस्से को वैसा ही रहने दिया है। उन्होंने कहा, “हमने पहाड़ पर जंगल को वैसा ही रहने दिया है, हम वहां के प्राकृतिक माहौल को छेड़ना नहीं चाहते। यह हमारा अपना छोटा सा जंगल है।” मालिनी का मकसद मेहमानों के लिए ऑर्गेनिक खाना उगाना और ऐसी जगह बनाना है, जहां लोग शहर की भागदौड़ से दूर जाकर प्रकृति के करीब आ सकें। माना जाता है कि मालिनी करीब 2020 में फार्म पर रहने आई थीं।
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