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शूटिंग के दौरान चार-चार घंटे का ब्रेक लेते थे राजकुमार, डैनी ने बताया था- कुछ ऐसा था एक्टर का रुतबा

फिल्मों की शूटिंग के दौरान राजकुमार चार-चार घंटे का ब्रेक लेते थे। इस बात का खुलासा एक्टर डैनी डेन्जोंगपा ने एक इंटरव्यू के दौरान किया था।

Raajkumar Life Story: राजकुमार (Raaj Kumar) अपने जमाने के कद्दावर एक्टर थे। वो जिस तरह से पर्दे पर अपने डायलॉग बोला करते थे उसने हर किसी को उनका मुरीद बना दिया था। राजकुमार (Rajkumar) की फैन फॉलोइंग बहुत तगड़ी थी। हालांकि जब वह मरे तो उनके अंतिम सफर पर सिर्फ परिवार के चंद लोग ही शामिल रहे। बेहद गुपचुप तरीके से करोड़ों के सुपरस्टार राजकुमार का अंतिम संस्कार हुआ था।

राजकुमार एक ऐसे अभिनेता थे, जो अपने बेखौफ अंदाज और अक्खड़पन को लेकर काफी मशहूर थे। वह अपनी शर्तों पर फिल्में किया करते थे। राजकुमार की दमदार आवाज उनकी पर्सनेलिटी में चार चांद की तरह थी। सिनेमाघरों में जब भी राजकुमार की कोई फिल्म रिलीज होती, तो उनके डायलॉग्स के बाद सिनेमाघर तालियों की गड़गड़हट से गूंज उठते थे। राजकुमार बेहद ही बेबाक और अनुशासन प्रिय थे। उनकी बेबाकी को लेकर ऐसे कई किस्से मशहूर हैं। वह निर्देशकों के मुंह पर ही फिल्मों के लिए उन्हें बेरुखी से मना कर दिया करते थे। साथ ही फिल्मों की शूटिंग के दौरान राजकुमार चार-चार घंटे का ब्रेक लिया करते थे।

इस बात का खुलासा एक्टर डैनी डेन्जोंगपा ने एक इंटरव्यू के दौरान किया। इस दौरान एक्टर ने राजकुमार की जिंदगी और उनके अनुसान प्रिय स्वभाव को लेकर कई बातें बताईं।

राजकुमार को लेकर डैन डेन्जोंगपा बताते हैं कि मैंने बहुत-सी फिल्मों में उनके साथ काम किया है। और काफी सक्सेसफुल फिल्मों में भी काम किया है। तो फिल्मों के दौरान मिलना-जुलना होता था। एक-दो बार उनके घर भी गया हूं। हमने साथ में बैठकर जाम भी पिएं हैं। वह बहुत ही बुद्धिमान और क्लासी टाइप के आदमी थे। उन्हें बहुत-सी चीजों की समझ थी। किसी भी विषय पर उनके साथ चर्चा की जा सकती थी।

उनको लगता था कि मैं फिल्म इंडस्ट्री में गलत जगह पर आ गया हूं। क्योंकि, यहां पर काम करने का माहौल ही ऐसा है। यहां पर ज्यादातर बिना पढ़े-लिखे लोग हैं, जैसे स्पॉटबाय हैं, ड्रेस के लोग हैं।

चार घंटे का लेते थे ब्रेक: राज जी पुलिस में रह चुके हैं। तो वह एक अनुशासनप्रिय पुलिस ऑफिसर थे। वो हमेशा फिल्म इंडस्ट्री में अनुशासन ढूंढ़ते थे। राज जी को डायरेक्टर्स की अनुशासनहीनता बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती थी। उनका एक रूटीन बना हुआ था। वह सुबह आराम से आते थे 10 बजे। फिर काम करने के बाद उनका लंच ब्रेक चार घंटे का हुआ करता था। वह खाना खाने के बाद कुछ समय के लिए सोते थे।

फिर शाम को चार बजे के बाद वह शूटिंग पर आते थे। यह बात सारे डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स और आर्टिस्टों को पता थी। राज जी वक्त के पाबंद थे और मुझे उनके काम का यह तरीका काफी पसंद था।

राजकुमार ने नशे में होने के बाद भी डैनी को दरबाजा खोलकर गाड़ी में बैठाया था: राज जी एक बेहद ही तमीज वाले आदमी थे। जब हम एक बार बुलंदी की शूटिंग कर रहे थे, तो उन्होंने मुझे बुलाया और कहा कि कल शाम को पैकअप के बाद बैठते हैं। उनके साथ मैं चला गया और हमने ड्रिंक्स की। काफी देर हो गई, तो हम दोनों काफी नशे में थे। लेकिन इस हालत में भी वह घर से बाहर आए और गाड़ी का दरबाजा खोलकर उन्होंने बैठाया मुझे। राज जी ने इस दौरान उनके घर आने का लिए मुझे शुक्रिया कहा। तो वह इस तरह के इंसान थे।

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