आजादी कोई देता नहीं, ली जाती है- नितिन गडकरी ने की नेहरू की तारीफ तो बोले पुण्य प्रसून बाजपेयी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने बयान में पंडित नेहरू की तारीफ की। उनकी इस बात को लेकर पुण्य प्रसून बाजपेयी ने ट्वीट किया है।

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः अमित मेहरा)

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ‘न्यूज नेशन’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की तारीफ की। साथ ही पंडित जवाहर लाल नेहरू को आदर्श नेता भी बताया। अटल बिहारी वाजपेयी व पूर्व प्रधानमंत्री की तारीफ में उन्होंने कहा, “ये हिंदुस्तान के लोकतंत्र के दो आदर्श नेता थे। दोनों का कहना था कि मैं लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन करुंगा।” उनके इस बयान को लेकर अब मशहूर पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने भी ट्वीट किया।

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने ट्वीट में लिखा, “आजादी कोई देता नहीं है, आजादी ली जाती है।” उनके इस ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर ने भी खूब कमेंट किये। शंकर नाम के यूजर ने पुण्य प्रसून बाजपेयी के ट्वीट के जवाब में लिखा, “दिमाग से बोलने के लिए हिम्मत चाहिए होती है। गडकरी जी हमेशा बिना डर के बोलते हुए नजर आते हैं। यह देखकर अच्छा लगता है कि सत्ता में मौजूद लोग बिना किसी डर के समझदारी की बातें करते हैं।”

सुयश नाम के यूजर ने लिखा, “मोदी मंत्रीमंडल के सभी मंत्रियों में से ये मेरे पसंदीदा हैं, न केवल अपनी विचारधारा के लिए बल्कि अपने काम और नजरिए के लिए भी।” वहीं एक यूजर ने पुण्य प्रसून बाजपेयी पर तंज कसते हुए लिखा, “यह बात तो तालिबान भी कह रहा है, मतलब आप उसे जस्टिफाई कर रहे हैं कि उनका आजादी के लिए किया गया कत्लेआम सही है।”

बता दें कि अपने एक ट्वीट में पुण्य प्रसून बाजपेयी ने तालिबान पर भी ट्वीट किया था, जिसे लेकर वह सुर्खियों में आ गए थे। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “तालिबान के नाम पर सियासत शुरू। यूपी चुनाव पर असर तो पड़ेगा ही, फिर नए कमंडल के रूप में।” इसके अलावा उन्होंने साथ में एक वीडियो भी साझा किया था, जिसमें उन्होंने भारतीय राजनीति का भी जिक्र किया।

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने भारतीय राजनीति के बारे में बात करते हुए कहा था, “हम कर्ज में डूबे चले जा रहे हैं, लेकिन ये बात कोई मायने नहीं रखती है। इस देश की राजनीति को हांकने के लिए आपको जातियों को समझना होगा, देश के धर्म को जानना होगा और उसकी परिस्थितियों को समझना होगा।

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने इस बारे में चर्चा करते हुए आगे कहा, “जब समूची दुनिया की नजर अफगानिस्तान पर है, तब भारत के भीतर सियासत अपना रंग बदल रही है। तालिबान को लेकर जो शोर और हंगामा है, वह भारत की राजनीति को प्रभावित करने चल निकली है।”

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