‘खुद को सफल बताने में लगा एक प्रधानमंत्री…’ काशी पहुंचे पीएम मोदी पर पुण्य प्रसून बाजपेयी का तंज, लोगों ने भी किए ऐसे कमेंट्स

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने अपनी पोस्ट में एक वीडियो लिंक भी शेयर किया। वीडियो में प्रसून बाजपेयी कहते दिखाई दे रहे हैं- ‘इस देश में कौन सा प्रधानमंत्री सफल रहा या असफल रह गया?

pm modi, BJP
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए। (फोटो-पीटीआई)।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे जहां उन्होंने 15 सौ करोड़ रुपए के विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ऐसे में वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने काशी पहुंचे पीएम मोदी पर तंज कसा और कहा- ‘सफल या असफल! खुद को सफल बताने में लगा एक प्रधानमंत्री।’

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने अपनी पोस्ट में एक वीडियो लिंक भी शेयर किया। वीडियो में प्रसून बाजपेयी कहते दिखाई दे रहे हैं- ‘इस देश में कौन सा प्रधानमंत्री सफल रहा या असफल रह गया? कहते हैं कि किसी भी प्रधानमंत्रित्व के काल को परखना हो तो उस दौर में लिए गए बड़े निर्णयों को देखिए, जिससे देश में प्रभावित हुआ हो, अतंर्राष्ट्रीय मंच पर उसकी एक छवि उभरी हो।’

उन्होंने आगे कहा- ‘हो सकता है वो छवि सकारात्मक हो या नकारात्मक। नेहरू से लेकर इंदिरा तक और बीच में लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा के बाद से राजीव गांधी लंबी कतार को जब आप देखना शुरू करें तो जाहिर है आपके जहन में हर प्रधानमंत्री के काल में लिए गए कुछ निर्णय याद आएंगे। लेकिन जब आप मौजूदा वक्त में आएंगे तो हो सकता है आप कुछ बड़े निर्णयों को लेकर प्रभावित जरूर हों।’

बाजपेयी आगे बोले- ‘लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आजादी के बाद इस देश के भीतर में किसी भी प्रधानमंत्री ने खुद को सफल बताने के लिए कितना खर्चा किया, प्रचार प्रसार किया, जैसे योजनाओं का ऐलान किया, चुनावों के मद्देनजर खुद को और अपने चेहरे को देश के सामने रखा।

पत्रकार आगे बोले- ‘इतना ही नहीं, देश के भीरत में तमाम संवैधानिक संस्थानों को लेकर जो भी सवालिया निशान लगे या जो भी परिस्थियां हम और आप देख पा रहे हैं, उसमें ये वाकई कोई कह सकता है, इस देश में मौजूदा वक्त में एक प्रधानमंत्री ने खुद को सफल बताने के लिए क्या क्या नहीं किया?’

बाजपेयी के इस पोस्ट पर लोगों के भी ढेरों रिएक्शन सामने आने लगे। इकबाल अंसारी नाम के यूजर ने कहा- ‘कोई अंधभक्त बताएगा कि यूपी में स्मार्ट सिटी कहां है?’ अहमद नाम के शख्स ने कहा- ‘सफलता का पैमाना अब जनता बताएगी। अगर न बता पाई तो फिर इस देश का भगवान मालिक।’

एक यूजर ने कहा- ‘अगर 7 साल बाद भी उद्घाटन ही हो रहा है, तो अंदाजा लगाया जा सकता है क्योटो में विकास की नदियां खतरे के निशान से ऊपर ही बह रही हैं। कहीं ऐसा ना हो कि अगली बार इतने तेज बहाव में सब कुछ बह जाए। हम विकास के कदमों के निशां तलाशते रहें।’

पढें मनोरंजन समाचार (Entertainment News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
उत्तर प्रदेश में महीने भर चलेगा रक्तदान का विशेष अभियान
अपडेट