ताज़ा खबर
 

भूल जाइए बीमारी-बेरोजगारी, आइए करें चुनाव की तैयारी- पुण्य प्रसून बाजपेयी का मोदी सरकार पर तंज

पुण्य प्रसून बाजपेयी कहते हैं- 'तो भारत को राजनीति की भट्टी में झोंकने की तैयारी एक बार फिर हो चली है। 2022, दरअसल ये एक ऐसा चुनावी वर्ष है जिसमें 6 राज्यों में चुनाव होगा।

पीएम नरेंद्र मोदी (फोटोसोर्स- नरेंद्र मोदी ऑफीशियल इंस्टाग्राम )

वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। आए दिन बाजपेयी अपने पोस्ट के जरिए मोदी सरकार पर निशाना साधते रहते हैं। इस बार भी अपने एक पोस्ट पर वह मोदी सरकार पर तंज करते दिख रहे हैं। पुण्य प्रसून बाजपेयी कहते हैं- ‘भूल जाइए बीमारी, भूल जाइए बेरोजगारी, आइए करें चुनाव की तैयारी।’

अपने इस पोस्ट के साथ बाजपेयी ने एक वीडियो लिंक भी शेयर किया जिसमें वह कहते दिखे- ‘आजाद भारत में अगर भारत किसी की गुलामी करता है तो वो है चुनावी राजनीति। चुनावी राजनीति की डुगडुगी बजा दीजिए औऱ उसके बाद देखिए..। आपको शिक्षा नहीं मिल पा रही है। कोई व्यवस्था या इंफ्रास्ट्रक्चर है कि नहीं, कोई मायने नहीं रखता है। आपको इलाज भी मिल पाता है या नहीं?’

बाजपेयी वीडियो में कहते हैं- ‘देश में महामारी फैली हुई है, लोग मर रहे हैं। मुआवजा तक देने का पैसा नहीं है। देश कर्ज में डूबा है। राज्य कंगाल हो चले हैं। लेकिन ये सब कोई मायने नहीं रखता है। क्योंकि चुनावी डुगडुगी बजते ही इस देश के भीतर के तमाम संवैधानिक संस्थान उस डुगडुगी पर नाचने लगते हैं। यहां मान लिया जाता है कि लोकतंत्र यही है।’

उन्होंने आगे कहा- ‘चाहे इस देश में कंगाली की स्थिति आ जाए। चुनाव दर चुनाव होते हैं लेकिन राज्य कैसे कंगाल हो जाते हैं? किसी जगह पर चुनाव के बाद भी कुछ नहीं बदलता है, किसी जगह पर सत्ता बदल जाती है लेकिन फिर भी किसी को कुछ नहीं मिलता।’

पुण्य प्रसून बाजपेयी आगे कहते हैं- ‘तो भारत को राजनीति की भट्टी में झोंकने की तैयारी एक बार फिर हो चली है। 2022, दरअसल ये एक ऐसा चुनावी वर्ष है जिसमें 6 राज्यों में चुनाव होगा। 5 राज्यों के चुनाव तो 2022 शुरू होते ही नजर आएंगे। इसमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा। करीब 17 करोड़ से ज्यादा लोग वोट डालेंगे। साल बीतते-बीतते अक्तूबर-नवंबर तक गुजरात में चुनाव की डुगडुगी बज जाएगी।’

पुण्य प्रसून बाजपेयी के पोस्ट को देश ढेरों लोग रिएक्ट करने लगे। निरंजन नाम के एक यूजर ने कहा- ‘अगर देश में चुनाव नहीं होगा तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा, और तुम लोग त्राहि-त्राहि हो जाओगे।’

बाबर रिज्वी ने लिखा- जितने भी नेता हैं विपक्ष के, ये केवल सत्ता में इसलिए हैं क्योंकि वे अपना जीवन अच्छा जीना चाहते हैं। इन्हें लोगों की कोई परवाह नहीं रहती। हर पार्टी के परिवार के पास करोड़ों अरबों रुपए हैं।’

जय श्रीराम नाम के अकाउंट से कमेंट आया – ‘मैं भी आपसे सहमत हूं सर। इस देश में किसी तरह का चुनाव नहीं होना चाहिए। 10 साल के लिए चुनाव कार्यक्रम को फ्रीज कर दो। जिससे राज्य में जो सरकार है 10 साल तक वही चले। देश में जो सरकार है सेंटर में 10 साल तक वहीं चले।

Next Stories
1 धर्मेंद्र नहीं चाहते थे बॉलीवुड में कदम रखें ईशा देओल, बेटी के डांस करने के भी थे खिलाफ; ऐसे बदले थे एक्टर के विचार
2 राज बब्बर-स्मिता पाटिल के रिश्ते पर मचा था बवाल, राजकुमार के सामने कर बैठी थीं ऐसी जिद
3 TMKOC: ‘अब तो तुम हीरो बन गए हो..’ जब पुराने ‘टप्पू’ को याद करने लगे मास्टर भिड़े, भव्य गांधी संग ऐसी है ‘सोनू’ के पापा की बॉन्डिंग
ये पढ़ा क्या?
X