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क्या हिंदुत्व की राजनीति का अखाड़ा बन गया है बंगाल? पुण्य प्रसून बाजपेयी ने किया सवाल तो लोग देने लगे ऐसे ज़वाब

बाजपेयी ने अपनी पोस्ट में लिखा- 'होनी तो होके रही, अनहोनी ना होई... जाके राखे साइंया मार सके ना कोए। क्या हिन्दुत्व का नया अखाड़ा बन चुका है बंगाल ?'

Bengal Elections, Punya Prasoon Bajpayee, Bengal Elections 2021, Journalist Punya Prasu Bajpayeemपीएम नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी (फाइल फोटो)

Punya Prasun Bajpai: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बीच सियासी घमासान जारी है। इसी बीच वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने एक पोस्ट के जरिये राज्य के सियासी हालात पर टिप्पणी की। उन्होंने सवाल किया- ‘क्या हिंदुत्व की राजनीति का अखाड़ा बन गया है बंगाल?’ इस सवाल के साथ उन्होंने अपना एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें तमाम सवाल करते दिखे। बाजपेयी की इस पोस्ट पर तमाम यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं।

बाजपेयी ने अपनी पोस्ट में लिखा- ‘होनी तो होके रही, अनहोनी ना होई… जाके राखे साइंया मार सके ना कोए। क्या हिन्दुत्व का नया अखाड़ा बन चुका है बंगाल ?’ उनकी पोस्ट पर रेखा दयाल नाम की यूजर ने लिखा- ‘सही कह रहे हैं आप, बेरोजगारों की ये जो फ़ौज तैयार हो रही है, इनके पास कमंडल लेकर जंगल में जाने के अलावा और कोई रास्ता भी नहीं बचेगा।’ सुरेश नाम के यूजर ने लिखा- बन चुका है… यह बनाया ममता दीदी ने। बार बार यह कहना कि मुस्लिम वोटों का बंटवारा नहीं होना चाहिए।’

आशीष पांडे नाम के शख्स ने कमेंट किया- किसी भी “चुनावी” रैली में PM ने मास्क लगाने की अपील नहीं की। जब कि हज़ारों की भीड़ बिना मास्क के उनके सामने ही खड़ी रहती है और साहब की “आई साइड” भी इतनी “ख़राब” नहीं है। डॉ. शैलेश नाम के यूजर ने कहा- अगर बन गया तो आपको तकलीफ क्यों हो रही है? अशोक सिंह नाम के यूजर ने लिखा- देश सर्वोपरि। लोग देश की जड़ें खोदने में लगे हैं और भारतीय सो रहे हैं।

बाजपेयी के पोस्ट पर नीरज नाम के शख्स ने कमेंट किया- इस समय मुख्तार अंसारी से बड़ा कोई अखाड़ा नहीं है। अभी मुख्तार अंसारी की परवाह करो और उसकी खोज खबर लेते रहो।

रिद्धी जैन नाम की यूजर ने लिखा- अपने घर से गहने चोरी कर भागा व्यक्ति आज बंगाल में गला फाड़ फाड़कर “मैं सच्चा हूं, मैं ईमानदार हूं” के नारे लगा रहा था।

बाजपेयी की इस पोस्ट पर एक यूजर ने लिखा- ‘बिलकुल सही लिखा आपने। जाके राखे साइंया मार सके ना कोये। एक एक अक्षर का बहुत गहरा अर्थ छुपा है। लेकिन अन्ध भक्तों की समझ से परे है। आपकी चौपाई की सच्चाई हज़म नहीं होगी दिल्ली के सत्ताधारियों और गोदी मीडिया व अन्धभक्तों को। तभी ये आपको टार्गेट करते हैं।’

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