‘आपकी सेवा UPA कार्यकाल तक ही थी’- पुण्य प्रसून बाजपेयी बोले सरकार 26 जनवरी को किसानों को बना दे मुख्य अतिथि; हुए ट्रोल

पुण्य प्रसून बाजपेयी के एक ट्वीट को देख कर लोग उन पर बरसने लगे। ऐसे में बाजपेयी ट्रोल होने लगे है। प्रसून बाजपेयी ने अपने पोस्ट में लिखा था- सरकार दिल बड़ा करे, 26 जनवरी को मुख्य अतिथि किसान को बना दें। 

punya prasun bajpai, farmers protest
पुण्य प्रसून वाजपेयी ने कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों पर साधा निशाना।

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने एक पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को 26 जनवरी को किसानों को मुख्य अतिथि बना देना चाहिए। पुण्य प्रसून बाजपेयी के इस ट्वीट को देख कर लोग उन पर बरसने लगे। ऐसे में अब बाजपेयी ट्रोल होने लगे है। प्रसून बाजपेयी ने अपने पोस्ट में लिखा था- सरकार दिल बड़ा करे, 26 जनवरी को मुख्य अतिथि किसान को बना दें।

इस पर लोगों के रिएक्शन आने लगे। एक यूजर ने लिखा- ‘आपकी सलाह देने वाली सेवाओं का उपयोग UPA कार्यकाल तक था। माफी चाहते हैं, अभी कोराना काल में देश की अर्थव्यवस्था बहुत प्रभावित हुई है। इस कारण भारत सरकार इन मुफ्त की सलाह वाली सेवाओं का पेमेंट करने में असमर्थ है। आपको हो रही असुविधा के लिए हमें खेद है।’ एक यूजर बोला- जो 60 किसानों की मौत पर भी ना बोले, उससे आप ये उम्मीद कर रहे हो!

इस यूजर को जवाब देते हुए दूसरे यूजर ने लिखा- मियां, हर साल करीब 10 से 12 हजार किसान आत्महत्या करते हैं। (NCRB के पोर्टल पर चेक कर लेना) और यही रोकने के लिए नया कानून आया है! हजारों किसानों की आत्महत्याओं पर नहीं रोने वाले अचानक किसान प्रेमी बन जाएं तो शक होना स्वाभाविक है ! एक यूजर बोला-57 किसान जो बॉर्डर पर शहीद हुए हैं उनमें से 24 किसानों के बच्चे फ़ौज में हैं। देखो आगे क्या होता है। मुझे इंदिरा गांधी क्यों याद आ रही है, यह मैं नहीं जानता।

इस पर दूसरे शख्स ने कहा- सिर्फ़ और सिर्फ़ नफ़रत फैलाओ। ये लोग तो तैयारी करके आए थे रुकने। लाखों लोग सड़क किनारे सर्द रातों में जाने कब से जीवन जी रहे हैं। एक यूजर ने कहा- आप किसान-किसान ना करें, आपकी बात मानकर साहब कहीं देश के सबसे गरीब किसान मुकेश अंबानी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित ना कर दे।

रवि पांडेय नाम के शख्स ने कहा- पूरा खेल यही है कि 26 जनवरी के दिन हुल्लड़ बाजी हो और दुनिया भर के मिडिया में खबर फैले और भारत सरकार की आलोचना हो। ठीक वैसे जैसे शाहीन बाग वाले ट्रंप चचा के आने पर दिल्ली जलाएं और देश विदेश में छाए। तो कोई बोला- मृत किसान गजेंद्र सिंह, जिसने आम आदमी पार्टी की रैली में आत्महत्या की थी, उसके परिवार को आजतक न्याय नही मिला। उसके परिवार के सदस्य को मुख्य अतिथि बनाना चाहिए ताकि देश को पता चले किस तरह किसान को राजनीति का मोहरा बनाया जाता रहा है।

पढें मनोरंजन समाचार (Entertainment News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट