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अपने बर्थडे पर प्रियंका चोपड़ा ने स्टाफ को ऐसा गिफ्ट देकर पेश की शानदार मिसाल

प्रियंका चोपड़ा ने अपने प्रोडक्शन हाउस 'पर्पल पेबल प्रोडक्शंस' में काम करने वाली महिलाओं के लिए नए बेनेफिट्स शुरु किए हैं। इससे पहले वे अपनी कंपनी में समान वेतन के सिस्टम को भी लागू कर चुकी हैं।

Author Updated: July 19, 2018 1:03 PM
प्रियंका लैंगिक समानता को लेकर काफी मुखर रही हैं।

सुपरस्टार प्रियंका चोपड़ा ने कल अपना 36वां जन्मदिन मनाया। यूनिसेफ की गुडविल एंबेसेडर प्रियंका ने अपने बर्थ डे पर एक शानदार पहल की है।  प्रियंका चोपड़ा ने अपने प्रोडक्शन हाउस ‘पर्पल पेबल प्रोडक्शंस’ में काम करने वाली महिलाओं के लिए नए बेनेफिट्स शुरु किए हैं। इससे पहले वे अपनी कंपनी में समान वेतन के सिस्टम को भी लागू कर चुकी हैं। मिड-डे से बात करते हुए प्रियंका चोपड़ा की मां मधु चोपड़ा ने कहा, ‘हमारी कंपनी में 80 प्रतिशत फीमेल स्टाफ शादीशुदा है, हमें उनके इंटरेस्ट को ध्यान में रखना पड़ता है। हम नहीं चाहते कि महिलाओं की लाइफ चॉइसेस उनकी प्रोफेशनल उन्नति में बाधा बने। यही कारण था कि प्रियंका ने इस कंपनी में महिलाओं के लिए टाइमिंग्स को लचीला बनाया है।’

प्रियंका का मानना है कि महिलाओं को अपने करियर में शानदार सफलता के लिए अपनी लाइफ की चॉइसेस के साथ समझौता नहीं करना चाहिए। मधु ने कहा कि ‘प्रियंका एक नारीवादी हैं और वो महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और शानदार वातावरण चाहती हैं।’ यही नहीं लैंगिक समानता को एक अलग स्तर पर ले जाते हुए प्रियंका की कंपनी में पैटर्निटी लीव्स का भी इंतज़ाम किया गया है।’ जब मधु से पूछा गया कि ‘क्या उनकी कंपनी में मर्दों को भी महिलाओं की तरह ही फायदे मिलते हैं?’ तो उन्होंने कहा कि ‘हमारे एक मार्केटिंग एक्ज़क्यूटिव ने चार हफ्तों के लिए पैटर्निटी लीव्स ली थी। हमारे लिए लैंगिक समानता बेहद महत्वपूर्ण है।’ गौरतलब है कि नए नियमों के मुताबिक, प्रेग्नेंट महिलाएं 12 हफ्ते की मैटर्निटी लीव ले सकती हैं।

प्रियंका ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी में काम करने वाली महिलाओं के लिए बेनेफिट्स शुरू किए हैं।

इससे पहले यूनिसेफ की गुडविल एंबेसेडर प्रियंका चोपड़ा ने लिंगीय भेदभाव के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से ‘फेयर स्टार्ट’ अभियान की शुरुआत भी की थी। प्रियंका मानती हैं कि लिंगीय समानता के भाव को अपनाना बेहद जरूरी है और इसके प्रति समाज को जागरूक करने की जरूरत है। वे मानती हैं कि शिक्षा और जागरूकता जैसे हथियार से ही लिंगीय भेदभाव की चुनौती को खत्म किया जा सकता है। प्रियंका ने नारीवाद पर भी बात रखते हुए कहा था कि ‘बहुत सारे लोग नारीवाद का वास्तविक मतलब नहीं समझते। नारीवाद और सशक्तिकरण, दो ऐसे शब्द हैं जिसका पूरी तरह मतलब जाने बिना लोग धड़ल्ले से इस्तेमाल करने लगते हैं।’ प्रियंका के मुताबिक, नारीवाद का मतलब महिलाओं को अवसर मिलने से है जो हमेशा पुरुषों को मिलता रहा है।’

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