हिंदी सिनेमा की दुनिया बाहर से जितनी चमकदार नजर आती है, उसके पीछे कई ऐसी कहानियां भी छिपी हैं, जो बेहद दर्दनाक और रहस्यमयी हैं। ऐसी ही एक कहानी अभिनेत्री प्रिया राजवंश की है। उन्होंने अपने छोटे से फिल्मी करियर में अपनी खास पहचान बनाई, लेकिन उनकी जिंदगी का अंत बेहद दर्दनाक तरीके से हुआ। प्रिया राजवंश की निजी जिंदगी भी लंबे समय तक चर्चा में रही, खासकर फिल्ममेकर और अभिनेता चेतन आनंद के साथ उनके रिश्ते को लेकर।
कम फिल्मों में बनाई खास पहचान
प्रिया राजवंश ने अपने फिल्मी करियर में ज्यादा फिल्मों में काम नहीं किया, लेकिन अपनी खूबसूरती और अभिनय से दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाने में कामयाब रहीं। उनकी चर्चित फिल्मों में ‘हीर रांझा’, ‘हंसते जख्म’, ‘साहेब बहादुर’, ‘हिंदुस्तान की कसम’, ‘कुदरत’ और ‘हाथों की लकीरें’ जैसी फिल्में शामिल हैं। ‘हीर रांझा’ में उन्होंने राज कुमार के साथ काम किया था और फिल्म में उनकी अदाकारी को काफी पसंद किया गया।
चेतन आनंद से जुड़ा प्रिया का नाम
प्रिया राजवंश की निजी जिंदगी की बात करें तो उनका नाम फिल्ममेकर चेतन आनंद के साथ लंबे समय तक जुड़ा रहा। चेतन आनंद, अभिनेता देव आनंद के बड़े भाई थे और फिल्म निर्माण के साथ-साथ लेखन व निर्देशन के क्षेत्र में भी सक्रिय थे।
कहा जाता है कि प्रिया और चेतन के बीच गहरा रिश्ता था। चेतन पहले से शादीशुदा थे और उनकी पत्नी का नाम ऊषा आनंद था। बाद में प्रिया के साथ उनके रिश्ते को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आती रहीं।
प्रिया के नाम की गई थी संपत्ति
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रिया राजवंश के फिल्मी करियर को आगे बढ़ाने में चेतन आनंद की अहम भूमिका थी। दोनों के रिश्ते की चर्चा फिल्म इंडस्ट्री में भी होती थी। बताया जाता है कि चेतन आनंद ने अपनी संपत्ति का एक हिस्सा प्रिया राजवंश के नाम भी किया था।
चेतन आनंद का निधन साल 1997 में हुआ। उनके निधन के बाद उनकी संपत्ति का बंटवारा उनकी पहली पत्नी से हुए दोनों बेटों और प्रिया राजवंश के बीच होने की बात सामने आई। यही संपत्ति आगे चलकर इस कहानी का सबसे विवादित पहलू बनी।
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साल 2000 में बंगले में मिला प्रिया का शव
चेतन आनंद की मौत के करीब तीन साल बाद, साल 2000 में प्रिया राजवंश का शव उनके बंगले से बरामद हुआ। शुरुआती तौर पर उनकी मौत को आत्महत्या बताया गया और ऐसी भी चर्चा थी कि शराब के अत्यधिक सेवन की वजह से उनकी जान गई।
लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस कहानी को पूरी तरह बदल दिया। रिपोर्ट में सामने आया कि प्रिया की मौत गला दबाए जाने के कारण हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से शुरू की।
मेड पर लगा हत्या में शामिल होने का आरोप
जांच के दौरान प्रिया के घर में काम करने वाली मेड माला का नाम सामने आया। रिपोर्ट्स के अनुसार, पूछताछ में माला ने प्रिया की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की थी। कथित तौर पर उसने एक रिश्तेदार के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि इस हत्या के पीछे पैसों के लेन-देन की बात भी सामने आई। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि माला को हत्या के लिए 4 हजार रुपये दिए गए थे और इस रकम का संबंध चेतन आनंद के परिवार के सदस्यों से बताया गया।
बेटों पर भी उठे सवाल
मामले की जांच आगे बढ़ने पर चेतन आनंद के दोनों बेटों पर भी गंभीर आरोप लगे। कथित तौर पर उन पर प्रिया राजवंश की हत्या के लिए माला को पैसे देने का आरोप लगाया गया। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई।
इस मामले ने उस समय फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया था। एक तरफ प्रिया और चेतन के रिश्ते की कहानी थी, तो दूसरी तरफ संपत्ति को लेकर विवाद और फिर प्रिया की रहस्यमयी हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए।
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आज भी रहस्य बनी हुई है प्रिया की मौत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2011 में इस मामले की फाइल दोबारा खोली गई थी, लेकिन प्रिया राजवंश की मौत से जुड़े मामले को लेकर आज भी कई सवालों के उत्तर नहीं मिल पाए हैं। उनकी मौत को दो दशक से ज्यादा समय बीत चुका है, फिर भी यह मामला हिंदी सिनेमा की उन चर्चित और रहस्यमयी घटनाओं में शामिल है, जिसकी पूरी सच्चाई आज भी लोगों की दिलचस्पी का विषय बनी हुई है।
प्रिया राजवंश का फिल्मी सफर भले ही छोटा रहा, लेकिन उनकी जिंदगी और मौत की कहानी ने उन्हें हिंदी सिनेमा के इतिहास की उन शख्सियतों में शामिल कर दिया, जिनकी कहानी आज भी लोगों को सोचने पर मजबूर करती है।
