अभिनेता-फिल्ममेकर पृथ्वीराज सुकुमारन ने मुंबई के ताज लैंड्स एंड में आयोजित Expresso के 16वें संस्करण में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि बॉलीवुड मलयालम फिल्म इंडस्ट्री से क्या सीख सकता है। उन्होंने मलयालम सिनेमा की सबसे बड़ी ताकत उसके अनौपचारिक और सीधे तरीके से काम करने को बताया।
उनका कहना है कि फिल्मों का स्तर और बजट भले ही काफी बढ़ गया हो, लेकिन इंडस्ट्री के काम करने का तरीका अब भी काफी सरल है।
जब द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत गोयनका ने पृथ्वीराज से पूछा कि बॉलीवुड मलयालम सिनेमा से क्या सीख सकता है, तो अभिनेता ने कहा कि बिना जरूरत ज्यादा प्रक्रियाओं के काम करना वहां की इंडस्ट्री की पहचान का अहम हिस्सा है।
पृथ्वीराज ने कहा कि अब मलयालम सिनेमा की फिल्में पहले की तरह कम बजट और कम समय में नहीं बनतीं। उन्होंने बताया कि आज वहां बड़े बजट की फिल्में भी बन रही हैं। कुछ फिल्मों की शूटिंग 150 दिनों तक चलती है और उनका बजट 100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। उन्होंने कहा, “आम धारणा के उलट, मलयालम फिल्में अब 15 दिनों में पांच करोड़ रुपये के बजट में नहीं बनतीं। आज हम बड़ी फिल्में बनाते हैं, जिनकी शूटिंग 150 दिनों तक चलती है और जिनका बजट 100 करोड़ रुपये तक होता है।”

यह भी पढ़ें: पृथ्वीराज ने जताई अमिताभ-रेखा को बड़े पर्दे पर देखने की इच्छा, बोले- भंसाली फिल्म बनाए तो सबसे पहले पहुंचूंगा
उन्होंने आगे बॉलीवुड और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के काम करने के तरीके में अंतर बताते हुए कहा, “अब सब कुछ काफी कॉरपोरेट हो गया है। मुझे लगता है कि यह तरीका काम करता है। लेकिन मेरा मानना है कि चीजों को करने का एक आसान तरीका भी हो सकता है।”

Expresso के इस खास सेशन में पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ उनकी फिल्म ‘दायरा’ की को-स्टार करीना कपूर और फिल्म की निर्देशक मेघना गुलजार भी शामिल हुईं। इस बातचीत को स्क्रीन की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर प्रियंका सिन्हा झा ने मॉडरेट किया।
Expresso के 16वें संस्करण का प्रसारण 16 सितंबर को शाम 4 बजे द इंडियन एक्सप्रेस और SCREEN के यूट्यूब चैनलों पर किया जाएगा।
