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राष्ट्रीय पुरस्कारों पर विवाद से राष्ट्रपति कोविंद नाखुश, प्रधानमंत्री कार्यालय से जताई नाराजगी

राष्‍ट्रपति भवन इसलिए खफा है क्‍योंकि राष्‍ट्रपति का सचिवालय लगातार कार्यक्रम को लेकर मंत्रालय के संपर्क में था। इस बात की जानकारी पहले ही दे दी गई थी कि राष्‍ट्रपति केवल एक घंटे के लिए उपलब्‍ध हो सकेंगे और इस वजह से सभी को अवार्ड नहीं दे पाएंगे।

संगीतकार एआर रहमान को राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्रदान करते राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद। साथ में हैं केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्‍मृति ईरानी। (Photo: PTI)

65वें राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कारों के आयोजन पर उठे विवाद से राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद खफा हैं। जिस तरह पूवे विवाद में राष्‍ट्रपति को घसीटा गया, उसे लेकर राष्‍ट्रपति भवन ने अपनी नाराजगी प्रधानमंत्री कार्यालय को जता दी है। राष्‍ट्रपति भवन के अनुसार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के कुप्रबंधन के चलते समारोह विवादों में घिर गया। गुरुवार को हुए समारोह में लगभग 50 विजेता सम्‍मान लेने नहीं पहुंचे थे। विजेताओं के अनुसार जब उन्‍हें पता चला क‍ि राष्‍ट्रपति केवल 11 विजेताओं को अपने हाथों से पुरस्‍कार देंगे और इस बात की जानकारी उन्‍हें कार्यक्रम से एक दिन पहले दी गई, तो उन्‍होंने कार्यक्रम में हिस्‍सा न लेने का फैसला किया।

सूत्रों के अनुसार, राष्‍ट्रपति भवन इसलिए खफा है क्‍योंकि राष्‍ट्रपति का सचिवालय लगातार कार्यक्रम को लेकर मंत्रालय के संपर्क में था। इस बात की जानकारी पहले ही दे दी गई थी कि राष्‍ट्रपति केवल एक घंटे के लिए उपलब्‍ध हो सकेंगे और इस वजह से सभी को अवार्ड नहीं दे पाएंगे। मार्च के अंत तक, लॉजिस्टिक्‍स से जुड़ी सभी बात तय हो चुकी थी। राष्‍ट्रपति कितने अवार्ड देंगे और मंच पर कौन-कौन होगा, इसका जिम्‍मा मंत्रालय पर छोड़ दिया गया था। इसके बावजूद, मंत्रालय द्वारा विजेताओं को भेजे गए निमंत्रण में यही लिखा गया कि राष्‍ट्रपति अवार्ड देंगे। इसी वजह से विजेताओं का विरोध शुरू हुआ।

सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय सचिव एनके सिन्‍हा ने 1 मई को राष्‍ट्रपति से मिलकर उन्‍हें उनके द्वारा सम्‍मानित किए जाने वाले विजेताओं की संख्‍या और श्रेणियों के बारे में जानकारी दे दी थी। राष्‍ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा, ”मैंने पहले ही कहा है कि मंत्रालय को पहले ही बता दिया गया था कि राष्‍ट्रपति एक घंटे से ज्‍यादा समय नहीं दे सकेंगे। राष्‍ट्रपति के कार्यकाल की शुरुआत से ही ऐसा ही होता रहा है और यह उन्‍हें आमंत्रित करने वाले सभी मंत्रालयों व संस्‍थानों को बता दिया जाता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को हफ्तों पहले सूचना दे दी गई थी।”

जब द इंडियन एक्‍सप्रेस ने एनके सिन्‍हा और फिल्‍म समारोहों के एडीजी, चैतन्‍य प्रसाद को कुछ सवाल भेजे तो मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने कहा, ”सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय माननीय राष्‍ट्रपति के कार्यालय द्वारा लिए गए फैसलों पर टिप्‍पणी नहीं करता।” जब पूछा गया कि राष्‍ट्रपति के चुनिंदा अवार्ड देने की जानकारी विजेताओं को क्‍यों नहीं दी गई तो प्रवक्‍ता ने कहा, ”मंत्रालय ने फिल्‍म समारोह निदेशालय के जरिए विजेताओं को रिहर्सल समारोह के दौरान बदले हुए फॉर्मेट की जानकारी दे दी थी।”

यह रिहर्सल बुधवार को हुई जहां विजेताओं को पता चला कि राष्‍ट्रपति केवल 11 अवार्ड देंगे। बाकी अवार्ड केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्‍मृति ईरानी और राज्‍यमंत्री राज्‍यवर्द्धन सिंह राठौड़ देंगे। बहुत से विजेताओं को लगा कि राष्‍ट्रीय पुरस्‍कारों का भी कोई क्रम तय किया गया है और इस वजह से उन्‍होंने समारोह में आने से मना कर दिया। बताया जाता है कि ईरानी ने इन विजेताओं को विश्‍वास दिलाया है कि वह उनकी ‘भावनाएं’ राष्‍ट्रपति कार्यालय को ‘पहुंचा’ देंगी।

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