बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी के सुसाइड केस में उनके एक्स बॉयफ्रेंड और आभिनेता राहुल राज सिंह को आरोपमुक्त कर दिया गया है। साल 2016 1 अप्रैल को एक्ट्रेस अपने मुंबई के गोरेगांव स्थित फ्लैट में मृत पाई गई थीं। जिसके लिए राहुल राज सिंह पर प्रत्युषा को सुसाइड के लिए उकसाने और उनके साथ मानसिक, शारीरिक उत्पीड़न के मामले में केस दर्ज किया गया था।

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जुलाई 2016 में मिल गई थी अग्रिम जमानत

प्रत्युषा के माता-पिता ने उनके तत्कालीन बॉयफ्रेंड राहुल पर आत्महत्या के लिए उकसाने के साथ-साथ मारपीट और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। उस समय राहुल और प्रत्युषा लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। प्रत्युषा की मौत के बाद राहुल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जुलाई 2016 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल को इस मामले में अग्रिम जमानत दे दी थी।

2018 में दाखिल हुई चार्जशीट

पिछले 10 सालों से ये केस चल रहा था जिसके बाद अब उन्हें पूरी तरह से आरोपमुक्त कर दिया है। 2018 में इस केस की चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसके बाद राहुल राज ने मुंबई के डिंडोशी सेशंस कोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए खुद को बरी करने की मांग की थी। राहुल का कहना था कि प्रत्युषा के माता पिता ने उनके नाम पर काफी कर्ज ले रखा था जिसके कारण वह काफी तनाव में थी।

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राहुल राज सिंह के वकीलों ने कोर्ट में क्या कहा

राहुल की तरफ से सीनियर एडवोकेट आबाद पोंडा और एडवोकेट श्रेयांश मिठारे ने अपनी दलीलों में कहा कि राहुल की आखिरी बातचीत से साफ है कि राहुल ने प्रत्युषा को कोई बड़ा कदम उठाने से रोकने की कोशिश की थी। वकीलों के मुताबिक, राहुल उनके घर की तरफ जा रहे थे इसलिए उनके खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने का कोई केस नहीं बनना चाहिए।

कोई सुसाइड नोट नहीं मिला

राहुल के वकीलों के मुताबिक, आखिरी बातचीत में एक्ट्रेस प्रत्युषा अपनी हालत के लिए कई लोगों को जिम्मेदार बता रही थीं, जिनमें उनके माता-पिता भी शामिल थे। एक्ट्रेस के घर किसी तरह का कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला था, इस बात के लिए राहुल के वकीलों का कहना था कि उनके खिलाफ जल्दबाजी में एफआईआर दर्ज की गई।

जिस कारण ट्रायल जारी रखना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। इन दलीलों के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल की याचिका मंजूर कर ली और उन्हें इस केस से आरोपमुक्त कर दिया।