हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी सबसे यादगार खलनायकों का जिक्र होगा, प्राण का नाम सबसे ऊपर लिया जाएगा। अपनी दमदार आवाज, तीखी निगाहों और शानदार अदाकारी से उन्होंने पर्दे पर ऐसे-ऐसे किरदार निभाए कि दर्शक उनके किरदारों से नफरत करते थे, लेकिन अभिनेता के तौर पर उन्हें उतना ही प्यार और सम्मान भी मिलता था।
हालांकि, पर्दे पर खौफ पैदा करने वाले प्राण की जिंदगी से जुड़ी कई ऐसी दिलचस्प बातें हैं, जिनसे आज भी बहुत कम लोग वाकिफ हैं। आज 12 जुलाई को उनकी पुण्यतिथि पर बात करते हैं उनसे जुड़े उन किस्सों की, जो दर्शकों को ना पता हो। जैसे कि क्या आप जानते हैं कि फिल्मों में आने से पहले उन्होंने एक रामलीला में सीता का किरदार निभाया था?
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सीता बनने से लेकर भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित विलेन बनने तक, प्राण का सफर कई अनसुने किस्सों और दिलचस्प पड़ावों से भरा रहा। उनके जीवन से जुड़ी ऐसी ही पांच रोचक बातें, जो शायद आपने पहले कभी नहीं सुनी होंगी।
प्राण कभी एक्टर नहीं बनना चाहते थे
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता प्राण असल जिंदगी में कभी भी एक्टर नहीं बनना चाहते थे। प्राण को कभी भी इस फिल्मी दुनिया में नहीं आना था बल्कि उनका सपना तो कुछ और था। आज भले ही उन्हें एक शानदार एक्टर के तौर पर जाना जाता हो लेकिन वह हमेशा से एक फोटोग्राफर बनना चाहते थे। इतना ही नहीं उन्होंने दिल्ली में अप्रेंटिस के तौर पर काम भी किया था लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, और उनकी किस्मत उन्हें ले आई इस जगमगाती दुनिया में, जहां आज उन्हें एक यादगार विलेन के तौर पर याद किया जाता है।
फिल्मों से पहले किया था सीता का रोल
साल 1938 में एक्टर ने शिमला में एक स्थानीय रामलीला में पहली बार मंच पर अभिनय किया था। हैरानी की बात ये थी कि उन्होंने सीता मां का किरदार उस रामलीला में निभाया था। उनके साथ एक्टर मदन पुरी ने राम की भूमिका अदा की थी। प्राण से जुड़ा ये काफी दिलचस्प किस्सा है, जिसके बारे में काफा कम लोग जानते हैं। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने एक्टिंग की शुरूआत इसी किरदार और मंच से की थी।
परिवार से भी छिपाई थी पहली फिल्म
प्राण का फिल्मों में काम करना उनके परिवार को खास पसंद नहीं था। बताया जाता है कि जब उन्हें उनकी पहली फिल्म मिली, तो उन्होंने अपने घर में किसी को नहीं बताया। साल 1940 में जब प्राण को ‘यमला जट’ फिल्म मिली तो उनकी हिम्मत ही नहीं हुई कि वो ये बात अपने घर में किसी को बताए। कहा जाता है कि प्राण इतना डरे हुए थे कि उन्होंने अपनी बहन से उन अखबारों को छिपाने के लिए कह दिया जिनमें उनके पहली बार इंटरव्यू छपे थे। अपने पिता से उन्होंने इस बात को छिपाकर रखा था।
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सिगरेट खरीदने की आदत ने बना डाला स्टार
एक्टर को सिगरेट पीने का शौक था। वह अक्सर सिगरेट खरीदने पान की दुकान पर जाया करते थे। एक दिन जब वह लाहौर में एक पान की दुकान पर गए तो उनकी मुलाकात लेखक वली मोहम्मद वली से हुई। इस मुलाकात के बाद उन्हें उनका पहली फिल्म ‘यमला जट’ मिली।
ये फिल्म साल 1940 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस फिल्म से एक्टर इस चकाचौंध की दुनिया में पैर रखने का मौका मिल गया था। भले ही उन्होंने अपने करियर की शुरूआत पंजाबी फिल्मों से की, लेकिन बॉलीवुड में उन्होंने एक शानदार मुकाम हासिल किया।
अमिताभ बच्चन के भी गॉडफादर थे प्राण
प्राण से जुड़ा एक बेहतरीन किस्सा जो काफी हैरान कर देने वाला है। बताया जाता है कि अमिताभ बच्चन के लिए प्राण ने फिल्म जंजीर में विजय के किरदार के लिए सिफारिश की थी। उन्होंने ही फिल्म में प्रकाश मेहरा से बात करके उन्हें ये रोल दिलवाया था। प्राण के बावजूद ही अमिताभ को उस शानदार फिल्म में मौका मिला, बाद में ये फिल्म अमिताभ के करियर की सबसे शानदार फिल्मों में से एक बन गई। प्राण ने उन्हें बॉलीवुड में एक एंग्री हीरो के तौर पर खड़ा किया।
