इस महीने की शुरुआत में सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) के 11 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद CINTAA की पूर्व जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह ने संस्था की अध्यक्ष पूनम ढिल्लों और उपाध्यक्ष पद्मिनी कोल्हापुरे पर कई आरोप लगाए।
कई इंटरव्यू में उपासना और दूसरे पूर्व सदस्यों ने पूनम और पद्मिनी पर तानाशाही करने और CINTAA के फंड का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। अब पद्मिनी और पूनम ने इन आरोपों पर जवाब दिया है। साथ ही उन्होंने CINTAA की जनरल सेक्रेटरी रहते हुए उपासना के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं।
यह भी पढ़ें: जब कट बोलने के बाद भी डिंपल को किस करते रहे विनोद खन्ना, रिपोर्ट्स में किया गया था दावा |CineGram
क्या बोलीं पूनम ढिल्लों
मीडिया से बात करते हुए पूनम ढिल्लों ने कहा, “मैं यह साफ करना चाहती हूं कि यह कमेटी कानूनी है। CINTAA से जुड़े कई सीनियर एक्टर्स अपने काम में व्यस्त हैं, लेकिन उनका ध्यान और समर्थन हमारी टीम के साथ है। हाल ही में जो कुछ हुआ, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। पिछली कमेटी की जनरल सेक्रेटरी ने CINTAA को बदनाम करने की कोशिश की और ऐसी अफवाहें फैलाईं, जो CINTAA के इतिहास में पहले कभी नहीं फैलीं। हमने शुरुआत में चुप रहना सही समझा, लेकिन बाद में हमें लगा कि सही बात सामने रखना जरूरी है।”
उपासना सिंह की मौजूदा एग्जीक्यूटिव कमेटी को भंग करने और नए चुनाव कराने की मांग के बारे में बात करते हुए पूनम ने बताया कि कैसे उपासना और दूसरे सदस्य जून से ही इस कदम की प्लानिंग कर रहे थे। अभिनेता के मुताबिक, उन्होंने 15 अगस्त को CINTAA की एनुअल जनरल मीटिंग से ठीक पहले यह कदम उठाया। पूनम ने कहा, “3 अगस्त को मैंने कुछ मुद्दों पर चर्चा के लिए एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई थी। मैंने ग्रुप में मैसेज किया। उपासना ने जवाब दिया कि वह बहुत व्यस्त हैं।
मैंने उनसे जूम पर जुड़ने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। अगले दिन उन्होंने 5 सदस्यों के साथ एक मीटिंग बुलाई और चर्चा के मुख्य मुद्दों को एजेंडे में शामिल नहीं किया, जो गलत था। जनरल सेक्रेटरी होने के नाते उन्हें अध्यक्ष से सलाह करके एजेंडा बनाना होता है, इसलिए मैंने इस पर आपत्ति जताई। उनके पास एग्जीक्यूटिव कमेटी के काम करने को लेकर कुछ अलग मुद्दे थे।
हममें से किसी से सलाह किए बिना उन्होंने मीटिंग की घोषणा कर दी। हमें तब हैरानी हुई जब जूम पर उनकी पूरी टीम मौजूद थी। इनमें कुछ ऐसे सदस्य भी थे जो सिर्फ 1 या 2 मीटिंग में ही आए थे। जूम पर 11 सदस्य जुड़े और उन्होंने दोबारा चुनाव कराने की मांग की। CINTAA के संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।”
पूनम ने आगे कहा, “उस दिन क्योंकि वे संख्या में ज्यादा थे, इसलिए उन्होंने दोबारा चुनाव कराने के पक्ष में वोट किया। मेरे ऑफिस ने पूछा कि क्या कमेटी भंग कर दी गई है। अचानक उन्होंने कहा कि FWICE हमारे चुनाव कराएगा। हम हैरान थे। CINTAA का FWICE से कोई संबंध नहीं है। उन्हें CINTAA के अंदरूनी मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है। उपासना बार-बार कहती रहीं कि वे ऐसा करेंगे। उन्होंने कमेटी और चुनाव परिषद की घोषणा कर दी। इसकी तैयारी काफी समय से चल रही थी। हम सभी ने उनसे 15 अगस्त तक इंतजार करने को कहा था।”
पद्मिनी कोल्हापुरे ने किया पूनम को सपोर्ट
पूनम की बात का समर्थन करते हुए पद्मिनी कोल्हापुरे ने कहा, “यह कमेटी भंग नहीं हुई है। उपासना ने हम पर तानाशाही का आरोप लगाया। कोई भी व्यक्ति अकेले कोई फैसला नहीं ले सकता। मनोज जोशी और प्रीती सप्रू सबसे पहले पूनम और मेरे पास आए थे और उन्होंने CINTAA में हो रही परेशानियों के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि हमें साल में सिर्फ तीन मीटिंग में आना है और बाकी सब वे संभाल लेंगे।”
पूनम ढिल्लों ने आगे कहा, “वे सब कुछ खुद संभालना चाहते थे और चाहते थे कि हम सिर्फ ग्लैमरस चेहरे बनकर रहें, वे हमें कठपुतली बनाना चाहते थे।” पद्मिनी ने आगे कहा, “वे अकाउंट्स के स्टाफ को हटाना चाहते थे, लेकिन हमने मना कर दिया। हमारा विचार था कि कोई भी कदम उठाने से पहले सिस्टम को समझना जरूरी है। जब हमने काम शुरू किया तो हम कम से कम 300 बार ऑफिस गए।
कुछ सदस्य चाहते थे कि प्रेस में उनकी तस्वीरें ज्यादा दिखाई जाएं, लेकिन जब हमने इस पर आपत्ति की तो वे नाराज हो गए। हेमा मालिनी के शो के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस 3:30 बजे रखी गई थी, जहां बताया जाना था कि हेमा जी 5 लाख रुपये दान करेंगी। इससे पहले सिंगर्स को बुलाया गया था। उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि हमने उन्हें बंद कर दिया था और मीडिया से छिपाने की कोशिश की। ऐसी छोटी-छोटी बातों से मुझे शर्मिंदगी महसूस हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रेस को भेजने से पहले हमने उनकी तस्वीरें काट दी थीं।”
पैसों की गड़बड़ी पर कही ये बात
पैसों की गड़बड़ी के आरोपों पर पद्मिनी और पूनम ने कहा, “ट्रेजरर ने कहा था कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता और उन्हें मामलों की जानकारी नहीं दी जाती। ट्रेजरर के साइन बहुत जरूरी होते हैं। जब वह अस्पताल में भर्ती थे, तब हमने ऑफिस बॉय को छह चेक पर साइन कराने के लिए भेजा था। जब वह वापस आए तो उन्होंने उन चेक को कैंसिल कर दिया।”
पूनम ने आगे कहा, “उन्होंने हम पर अपने साइन किए हुए चेक को कैश कराने और उनका गलत फायदा उठाने का आरोप लगाया। मैं साफ कहना चाहती हूं कि पद्मिनी और मैंने CINTAA के लिए पैसे जुटाए हैं। हमने CINTAA के लिए कुल 1.70 करोड़ रुपये जुटाए हैं। हमने कभी इसके लिए तारीफ नहीं मांगी। हमने यह सदस्यों के लिए किया।
जब भी हम मेडिकल मदद के लिए CAWT के पास गए, उन्होंने कहा कि उनके पास पैसे नहीं हैं। इसलिए हमने उनके लिए फंड जुटाया। दिसंबर 2024 में हमने RK शो किया था। हम इससे मिले पैसे CAWT को देने वाले थे और उनसे सिर्फ ऑडिटोरियम और बाकी खर्चों का भुगतान करने को कहा था। पहले चेयरपर्सन मान गईं, बाद में उन्होंने मना कर दिया। हमने CINTAA के लिए 1 करोड़ रुपये से ज्यादा और CAWT के लिए करीब 74 लाख रुपये पहले ही साल में जुटाए।
तो क्या हम यहां पैसे हड़पने आए थे? हमने अपनी दोस्तियों का इस्तेमाल करके ये फंड जुटाए। हमारे 9000 सदस्य हैं, जिनमें 2500 जरूरतमंद हैं। उनके पास काम नहीं है, इसलिए यह पैसा उनकी मदद के लिए था। हम पर RK शो में धोखाधड़ी करने और पैसे अपने NGO के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया।”
फ्रीज करवा दिए थे बैंक अकाउंट
पूनम ढिल्लों और और पद्मिनी ने यह भी बताया कि उपासना ने CINTAA के आधिकारिक बैंक अकाउंट फ्रीज करवा दिए थे, जिससे संस्था का रोज का काम प्रभावित हुआ। पद्मिनी ने कहा, “उनके पास क्या सबूत है कि लेबर कमिश्नर ने हमें AGM करने से रोका है या कमेटी को भंग किया गया है? उपासना FWICE को आगे करके हमारे स्टाफ को चिट्ठियां लिख रही हैं। FWICE बिना किसी वजह के हमारे मामलों में दखल दे रहा है। CINTAA में उनका कोई अधिकार नहीं है। हमारा अपना स्वतंत्र संविधान है।”
पूनम ने कहा, “सबसे दुखद बात यह थी कि सभी बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए। हालत ऐसी हो गई थी कि ऑफिस में सदस्यों के पास चाय के लिए दूध तक नहीं था। CINTAA की आर्थिक मदद करने के बाद क्या हम इसे लूटेंगे? दीपक पराशर ने कहा था कि उन्हें CINTAA के पैसे बचाने हैं। उपासना ने हाल ही में कहा कि वह सदस्यों के पैसे बचाने की कोशिश कर रही हैं।
मैं उपासना और दीपक से पूछना चाहती हूं कि उनकी 2.5 साल की अवधि में उन्होंने CINTAA के लिए कितनी फंडिंग जुटाई, कुछ हजार या लाख रुपये को छोड़कर? 9-10 एक्टर्स को आर्थिक मदद की जरूरत है। लेकिन हमारे अकाउंट फ्रीज होने की वजह से हमारे पास उन्हें पैसे देने के लिए फंड नहीं है। उन्होंने बैंक को लेटरहेड पर चिट्ठी तक नहीं लिखी। इसके बजाय उन्होंने FWICE के साथ मिलकर हमारे अकाउंट फ्रीज करवा दिए।”
