कमला हैरिस को नरेंद्र मोदी के न्योते की खबर पर बीजेपी सांसद ने ट्विटर पर ली चुटकी तो यूजर्स ने ऐसे लिए मजे

अमेरिकी दौरे पर अमेरिका पहुंचे नरेंद्र मोदी ने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से भी मुलाकात की है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल की कमला हैरिस के चुनाव को ऐतिहासिक बताते हुए उन्हें भारत आने का आमंत्रण दिया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ (Photo-Narendra Modi/Instagram)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर हैं। उन्होंने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से भी मुलाकात की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल की कमला हैरिस के चुनाव को ऐतिहासिक बताते हुए उन्हें भारत आने का आमंत्रण दिया। ट्विटर पर एक यूजर ने पीएम मोदी और हैरिस की मुलाकात से जुड़ी खबर साझा की और इसमें बीजेपी नेता और राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी को टैग करते हुए लिखा कि ‘पीएम मोदी ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति को भारत आमंत्रित किया…’। स्वामी ने इस पर चुटकी लेते हुए लिखा ‘और अगर वह नहीं आईं तो?’

स्वामी के जवाब के बाद तमाम यूजर्स भी प्रतिक्रिया देने लगे। कुणाल नाम के यूजर ने लिखा ‘आईं तो वेलकम, नहीं आई तो भेजा कम…’। विवेक नाम के यूजर ने लिखा ‘यह तो उनका निर्णय है। पीएम मोदी ने उनको आमंत्रण देकर अपना काम पूरा कर दिया है। हर बात का बतंगड़ बनाना छोड़िए’।

राहुल ने लिखा ‘तो क्या हुआ स्वामी जी? आपको तो पता ही है कि हम बहुत अच्छे मेजबान हैं’। अजय सिंह नाम के यूजर ने तंज कसते हुए लिखा ‘तो गोदी मीडिया कमला हैरिस को गद्दार बताकर उनका घर बुलडोजर से गिरा देगी’।

रजत बाबू नाम के यूजर ने टिप्पणी की ‘आपको मोदी को कोसना है बस। नहीं आईंतो उनका नज़रिया है, आप को फिर से राजनीति में जिन्दा रखने वाले मोदी ही हैं! सरकारी सुविधाएं आप को आनंद देती हैं, सरकार नहीं। आपने जिस थाली में खाया उसी में छेद किया। वाह स्वामी जी’। पवन कश्यप ने लिखा, ‘भाई इनको विदेश मंत्री बनने की चाहत थी लेकिन इन महाशय को ये नहीं पता कि दूसरों के हर काम में खोट निकालने से भी सफ़लता नहीं मिलती। उल्टा आपकी खुद की अहमियत कम हो जाती है।’

नीलेश नाम के यूजर ने लिखा, ‘हिंदू संस्कृति के मुताबिक जब आप किसी के घर जाते हैं तो उसे भी अपने घर आमंत्रित करते हैं। मोदी जी ने भी ठीक यही किया। स्वामी जी, आपको इतनी चिंता क्यों हो रही है? अरुण गुप्ता ने लिखा, ‘सर, हम आपके ज्ञान का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन कृपया हर मुद्दे पर टीका-टिप्पणी न करें। लोग सोचेंगे कि आपको कोई पद या मंत्रालय नहीं मिला, इसलिये ऐसा लिख रहे हैं।’

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