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फिल्म समीक्षा: ‘फेमस’, अच्छी कहानी, कमजोर सिनेमा

एक अच्छी कहानी लेकर भी आप फिल्म के साथ क्या गुलगपाड़ा कर सकते हैं इसका ताजा उदाहरण है ‘फेमस’। जिमी शेरगिल और केके मेनन जैसे अच्छे कलाकारों को लेकर भी एक बेहद कमजोर फिल्म बनाई है निर्देशक करण ललित बुटानी ने। फिल्म चंबल के उस बीहड़ पर केंद्रित है, जो एक जमाने में डकैतों का इलाका माना जाता है।

निर्देशक- करण ललित बुटानी, कलाकार-जैकी श्रॉफ, जिमी शेरगिल, केके मेनन, श्रिया शरण, पंकज त्रिपाठी, माही गिल।

एक अच्छी कहानी लेकर भी आप फिल्म के साथ क्या गुलगपाड़ा कर सकते हैं इसका ताजा उदाहरण है ‘फेमस’। जिमी शेरगिल और केके मेनन जैसे अच्छे कलाकारों को लेकर भी एक बेहद कमजोर फिल्म बनाई है निर्देशक करण ललित बुटानी ने। फिल्म चंबल के उस बीहड़ पर केंद्रित है, जो एक जमाने में डकैतों का इलाका माना जाता है। कहा जाता था कि चंबल के पानी में ऐसा कुछ है जिससे यहां ‘बागी’ पैदा होते हैं। तब डकैत अपने को बागी कहके पुकारते थे। बहरहाल बुटानी की इस फिल्म में डकैत तो नहीं है। पर कुछ डकैत किस्म के चरित्र हैं। एक तो है शंभू (जैकी श्रॉफ) जो पुराने डकैत किस्म का है। यानी गोली चलाता है तो आन बान के साथ। दूसरा है रकब सिंह जो बात बात पर गोली चलाता है लेकिन पुराने किस्म का डकैत नहीं लेकिन नए किस्म का लुटेरा है और अरमानी के सूट पहन के रंगदारी करता है। वो शादी की रात ही शंभू की उस बेटी को उठा लेता है, जिसकी शादी हो रही है। शंभू कड़क पर गोली चलाता है जो लगती उसकी बेटी को है और वो मर जाती है।

कड़क जेल चला जाता है। तीसरा है नेता त्रिपाठी (पंकज त्रिपाठी) जो विधायक (और बाद में सांसद) है लेकिन फिल्म में उसका मुख्य काम है अपने लिए लड़कियां उठवाना। वह एक स्कूल शिक्षिका रोजी (माही गिल) को उठवा लेता है। इसके बाद राधे (जिमी शेरगिल) की पत्नी (श्रिया शरण) पर नजर है उसकी। राधे शरीफ किस्म का शख्स है लेकिन पत्नी की इज्जत के लिए बंदूक उठाता है। फिर ठांय ठांय गोलियां चलती हैं और कई लोग मारे जाते हैं।। फिल्म बदले की भावना वाली है। निर्देशक ने एक तो चरित्रों को पूरी तरह बेतरतीब बना दिया है। एक जगह कड़क सिंह त्रिपाठी को एक थप्पड़ मारता है और आगे के दृश्य में उससे समझौता कर लेता है।

जिमी शेरगिल ने राधे नाम के जिस किरदार को निभाया है वह शरीफ है। इतना कि उसकी पत्नी का शादी के पहले किसी लड़के से इश्क है और प्रेमी के साथ उसका वीडियो भी वायरल हो गया है। फिर भी राधे इसका बुरा नहीं मानता और पत्नी को क्षमा कर देता है। लेकिन इस पर इतना फुटेज बर्बाद किया गया है कि फिल्म की आधी जान निकल गई है। हॉलीवुड की मशहूर फिल्म ‘किल बिल’ का एक दृश्य में यहां चेंप दिया गया है, जिसमें कड़क सिंह के गुंडे राधे को जमीन में गाड़ देते हैं। फिर भी वो पूरी तरह निकल आता है। शंभू के सहारे। इस तरह की कई असंगतियां फिल्म में हैं। हालांकि डायलाग कुछ अच्छे हैं पर फिल्म की कमजोरी को छिपा नहीं पाते।

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