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रिक्शावाले ने साइकिल की हवा निकाल दी- आजमगढ़ में निरहुआ जीते तो ऐसे सपा की खिंचाई करने लगे लोग

भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी दिनेश लाल यादव ने आजमगढ़ सीट पर जीत दर्ज की है

रिक्शावाले ने साइकिल की हवा निकाल दी- आजमगढ़ में निरहुआ जीते तो ऐसे सपा की खिंचाई करने लगे लोग
दिनेश लाल यादव निरहुआ (फोटो सोर्स- @nirahua1)

उत्तर प्रदेश के दो लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं। आजमगढ़ और रामपुर दोनों ही सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। इस जीत के बाद अब समाजवादी पार्टी पर सवाल उठने लगे हैं क्योंकि दोनों ही सीटें सपा का गढ़ मानी जाती रही हैं। आजमगढ़ से दिनेश लाल यादव की जीत के बाद सोशल मीडिया पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। 

दिनेश लाल यादव ने 2019 लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब अखिलेश यादव ने लोकसभा की सदस्यता छोड़, अपने भाई धर्मेन्द्र यादव को यहां से प्रत्याशी बनाया था लेकिन वह दिनेश लाल यादव से हार गए हैं। चुनाव में मिली जीत पर दिनेश लाल यादव ने ट्वीट कर जनता का आभार जताया है.

लोगों की प्रतिक्रियाएं: गौरव अग्रवाल ने लिखा कि ‘रिक्शावाले ने साइकिल की हवा निकाल दी।’ निलेश मिश्रा ने लिखा कि ‘बहनजी ने बबुआ को एक बार फिर से मजा चखा दिया है। न खेलब, न खेलय देब।’ शिवानी नाम के यूजर ने लिखा कि ‘आजमगढ़ में बदलाव जारी है। साइकिल पर रिक्शावाला भारी है।’

अमरदीप सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि ‘रामपुर और आजमगढ़ का पॉलिटिकल मैसेज यही है कि मुसलमान वोट अब समाजवादी पार्टी के साथ नहीं है। अखिलेश मिश्र ने लिखा कि ‘आप सिर्फ जीते ही नहीं बल्कि विपक्षियों का घमंड भी तोड़ दिया है।’ अवनीश बारिया ने लिखा कि ‘मुबारक हो, मैंने पहले से जानता था कि आजमगढ़ का किला भी कन्नौज और अमेठी की तरह इस बार ढहेगा।’ अंकित सिंह ने लिखा कि ‘निरहुआ रिक्शावाला ने सपा की साइकिल को पंचर कर दिया।’

अंकित दूबे ने लिखा कि ‘समाजवादी को नहीं पता था कि धर्मेंद्र यादव ‘साइकिल वाला’ के सामने निरहुआ ‘रिक्शावाला’ है। उसके पास एक पहिया ज़्यादा है।’ विशाल भारत ने लिखा कि ‘रवि किशन , मनोज तिवारी और अब निरहुआ मतलब संसद में अब भोजपुरी दंगल होगा। केबी चतुर्वेदी ने लिखा कि ‘भाई निरहुआ जी आप पर हम आजमगढ़वासियों को बहुत उम्मीद है और हमारे लिये आपसे बेहतर कोई सांसद हो ही नहीं सकता।’

बता दें कि दिनेश लाल यादव ने साल 2019 में अखिलेश यादव के खिलाफ भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन तब निरहुआ हार गए। इस बीच दिनेश लाल यादव, आजमगढ़ के लोगों के संपर्क में रहे और इसी का फायदा अब चुनाव में उन्हें मिलता हुआ दिखाई दे रहा है। आजमगढ़ की लोकसभा सीट, समाजवादी पार्टी के लिए सेफ यानि सुरक्षित सीट मानी जाती रही है लेकिन अब भाजपा ने रामपुर और आजमगढ़ दोनों ही सीटों पर सेंधमारी कर दी है।

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