ताज़ा खबर
 

विपक्षी नेताओं से लेकर SC जज तक को नहीं बख्शा- लोकतंत्र की गर्दन मरोड़कर रख दी- ‘पेगासस’ मामले पर बोले पूर्व IAS

कई देशों के मीडिया संस्थाओं ने खुलासा कर कहा कि इजरायली कंपनी NSO के स्पाइवेयर पेगासस के जरिए दुनिया भर की सरकारें पत्रकारों, कानून के क्षेत्र से जुड़े लोगों, नेताओं और यहां तक कि नेताओं के रिश्तेदारों की कथिततौर पर जासूसी करा रही है।

पेगासस के जरिये जासूसी का मामला गरमा गया है। (सोर्स इंडियन एक्सप्रेस Illustration by C R Sasikumar)

पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर ‘पेगासस’ मामले पर एक पोस्ट लिखी है। अपने ट्वीट पर पूर्व आईएएस मोदी सरकार पर बिफरते दिख रहे हैं। सूर्य प्रताप सिंह ने ट्विटर पर अपनी पोस्ट में सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि ‘विपक्षी नेताओं से लेकर SC जज तक को नहीं बख्शा! लोकतंत्र की गर्दन मरोड़ कर रख दी।’

दरअसल, कई देशों के मीडिया संस्थानों ने दावा किया है कि इजरायली कंपनी NSO के स्पाईवेयर पेगासस के जरिए दुनिया भर की सरकारें पत्रकारों, कानून के क्षेत्र से जुड़े लोगों, नेताओं और यहां तक कि नेताओं के रिश्तेदारों की कथिततौर पर जासूसी करा रही है। इस पर सूर्य प्रताप सिंह ने पोस्ट जारी करते हुए मोदी सरकार पर कमेंट किया- ‘अच्छे अच्छे फंसे थे जासूसी के जाल में- बड़े बड़े पत्रकार, विपक्ष के नेता, उघोगपति, सुप्रीम कोर्ट के जज तक को नहीं बख्शा।’

उन्होंने सवाल खड़े करते हुए कहा- ‘आखिर इन सबकी फोन टैपिंग क्यों कराई जा रही थी? क्या खतरा था? वाणी पर पहरे लगा दिए। लोकतंत्र की गर्दन मरोड़ कर रख दी, परखच्चे उड़ा दिए, साहब। #Pegasus’।

यूथ कांग्रेस के नेता श्रीनिवास बीवी ने भी Pegasus मामले में रिएक्ट करते हुए कहा- ‘जब अंग्रेज थे, तब भी ‘जासूसी’ इनका धंधा था आज जब नही है, तब भी ‘जासूसी’ का धंधा जारी है, सुधरोगे कब? #Pegasus’।

बताते चलें, एनटीडीवी की एक खबर के अनुसार भारत में मंत्रियों, जजों, पत्रकारों व संघ नेताओं की निगरानी की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, स्पाइवेयर का इस्तेमाल सिर्फ सरकारें ही कर सकती हैं। भारतीय सरकार ने जासूसी के आरोपों से इंकार किया है।

पूर्व आईएएस अधिकारी के इस पोस्ट पर ढेरों लोगों के रिएक्शन सामने आने लगे। वंदना नाम की एक महिला यूजर ने कहा- ‘निजता वह मौलिक अधिकार है जो वर्षों चले स्वतंत्रता संग्राम के मूल आदर्शों को निहित कर रचित भारतीय संविधान हमें देता है, सर्वोच्च न्यायालय के मुताबिक़ निजता मानव गरिमा का संवैधानिक मूल है, निजता जीवन के अधिकार का अनिवार्य घटक है निजता पर हमला, देश के महान संविधान पर हमला है।’

ज्ञानदेव नाम के यूजर ने लिखा- ‘तानाशाह को डर है कि कहीं उसका हाल धीरे-धीरे हिटलर जैसी तो नहीं हो रहा है।’ अभिनय नाम के यूजर ने लिखा- ‘”मैं ही सब कुछ” की मानसिकता वाला तो इतना डरपोक है कि उसे अपनों से भी डर लगता है‌ इसी डर के चलते, उसे अपने मंत्रियों की जासूसी करवाने से भी गुरेज़ नहीं।’

Next Stories
1 पेगासस मामले को पुण्य प्रसून बाजपेयी ने बताया लोकतंत्र पर साइबर अटैक, कांग्रेस नेता बोले- जासूसी का धंधा जारी
2 बॉलीवुड एक्टर ने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में की BJP की हार की भविष्यवाणी, लोग करने लगे ऐसे कमेंट
3 नहीं टिकेगा ये तूफान
ये पढ़ा क्या?
X