तेलुगु सिनेमा के मशहूर अभिनेता और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने हाल ही में एक बड़ा खुलासा किया। पवन ने बताया कि राजनीति में आने से पहले एक समय में उन्होंने नक्सली बनने के बारे में सोचा था और कुछ सार्वजनिक बैठकों में भी शामिल हुए थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनके बड़े भाई और मेगास्टार चिरंजीवी ने उन्हें उस रास्ते पर आगे बढ़ने से रोक लिया।
पवन कल्याण ने साल 1996 में आई फिल्म ‘अक्कड़ा अम्मायी इक्कड़ा अब्बायी’ से अभिनय की शुरुआत की थी। फिर बाद में उन्होंने साल 2014 में जनसेना पार्टी (JSP) की स्थापना कर राजनीति में कदम रखा। अब उन्होंने स्वीकार किया कि अगर उस समय चिरंजीवी ने उन्हें समझाया न होता, तो उनकी जिंदगी की दिशा कुछ और हो सकती थी।
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बंदूक उठाना चाहते थे पवन कल्याण
एएनआई के पॉडकास्ट में बात करते हुए पवन कल्याण ने कहा, “एक समय ऐसा था जब मैं नक्सली बनने के बारे सोचता था। किशोरावस्था के आखिरी वर्षों में मेरा मन बंदूक उठाने का करता था। तभी मेरे भाई ने मुझे कुछ बेहतर और रचनात्मक करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मुझसे पूछा कि मेरे अंदर यह बेतहाशा गुस्सा कहां से आ रहा है? मैंने कहा कि समाज में अन्याय हो रहा है और हमें उसके खिलाफ कुछ करना चाहिए। मेरी बातें सुनकर वह बहुत परेशान हो गए थे। यह दौर 17 से 21 साल की उम्र तक चला। यही वह उम्र होती है जब इंसान ऐसे कामों में कूद सकता है।”
मेरा दिमाग फटा जा रहा था: पवन कल्याण
एक्टर-नेता ने यह भी बताया कि वह पागल हो रहे थे और उन्हें लगा कि यही इसका समाधान हो सकता है। वह छात्रों के साथ ऐसी सभाओं में जाते थे जहां उन्हें कोई नहीं जानता था। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए मुंबई में शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि वह प्रयोग तो कर रहे थे लेकिन किसी भी चीज से खुश नहीं थे और खुद को फंसा हुआ और गुस्से में महसूस कर रहे थे।
अभिनेता ने कहा, “मेरा दिमाग कई तरह की बातों से फटा जा रहा था। मैं पागल हो रहा था। तभी मेरे भाई ने इसमें दखल दी। उन्होंने बस एक बात कही कि अगर तुम्हारा भाई चिरंजीवी न होता, अगर तुम पर परिवार की जिम्मेदारियां होती, अगर कोई तुम्हारी सैलरी और कड़ी मेहनत पर निर्भर होता, तो क्या तुम वही करते जो अभी कर रहे हो? मैं जवाब नहीं दे सका। मेरे पास कोई जवाब नहीं था और मैं चुप रहा।”
