आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने बुधवार को एक इंटरव्यू में बात करते हुए कहा कि नेटफ्लिक्स की एक हॉरर फिल्म, जिसकी कहानी कश्मीर पर आधारित है, उसे देखकर उन्हें 1980 के दशक के आखिर में श्रीनगर की अपनी यात्राओं की याद आ गई। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने कश्मीर में बढ़ते तनाव और अशांति के शुरुआती संकेत देखे थे।

पवन कल्याण के मुताबिक, यही हालात बाद में इतने गंभीर हो गए कि लाखों कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्होंने ‘धुरंधर’ के निर्देशक आदित्य धर की तारीफ भी की है।

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पवन कल्याण ने किया ‘बारामूला’ का जिक्र

एएनआई से बात करते हुए पवन कल्याण ने 2025 की हिंदी स्पाई थ्रिलर ‘धुरंधर’ की तारीफ की और फिर नवंबर 2025 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई सुपरनैचुरल हॉरर फिल्म ‘बारामूला’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मुझे हॉरर फिल्में पसंद हैं, क्योंकि वे मुझे बांधे रखती हैं। वे मुझे सोचने नहीं देतीं। वे मेरे दिमाग को जकड़ लेती हैं। वरना, मेरा दिमाग भटकने लगता है। जब मुझे नींद नहीं आती, तो मैं हॉरर फिल्म देखता हूं और अचानक मेरा दिमाग शांत हो जाता है।”

पवन कल्याण ने आगे कहा, “उस फिल्म में जो बात कही गई थी, वह बिल्कुल अलग थी। मुझे लगा कि कहानी कहने का तरीका कितना शानदार है।” बता दें कि 2025 की इस फिल्म में मानव कौल मुख्य भूमिका में थे और इसका निर्देशन आदित्य सुहास जांभले ने किया था। इस मूवी को आदित्य धर ने को-प्रोड्यूस किया था।

कश्मीरी पंडितों को लेकर कही ये बात

पवन कल्याण ने बताया कि उन्होंने 1987 से 1989 के बीच कश्मीर में कई गर्मियां बिताईं। उस समय तेलुगु फिल्मों की शूटिंग वहां होती थी और वे जो तब अपने नाम ‘कल्याण’ से जाने जाते थे। शूटिंग से जुड़े सामान की खरीदारी और अन्य व्यवस्थाओं का काम संभालते थे। उन्होंने कहा कि उन वर्षों में उन्हें वहां लोगों के व्यवहार में धीरे-धीरे बढ़ती नाराजगी और तनाव महसूस होने लगा था। कई बार शूटिंग के दौरान लोग उन्हें परेशान करते थे या ताने मारते थे। ऐसा माहौल उन्होंने कहीं और नहीं देखा था, हालांकि उस समय वे पूरी तरह समझ नहीं पाए कि क्या हो रहा है।

पवन कल्याण को सबसे ज्यादा एक स्थानीय व्यक्ति के साथ हुई बातचीत याद है। वह व्यक्ति पहले उनकी मदद करता था और 1989 में उसने उनसे कहा था, “मैं एक कश्मीरी पंडित हूं। हालात मुश्किल होते जा रहे हैं। हमारे इलाकों में क्या हो रहा है, समझ नहीं आ रहा। आगे क्या होगा, यह भी नहीं पता।” पवन कल्याण ने कहा, “मैंने उस समय आने वाले संकट के शुरुआती संकेत देखे थे।

मैंने कश्मीरी पंडितों का दर्द महसूस किया। मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं कि किसी से कहा जाए कि ‘यहां से निकल जाओ’। यह बहुत दर्दनाक बात है। शायद इसी वजह से मुझे फिल्म ‘बारामूला’ पसंद आई।” पवन कल्याण ने आदित्य धर और उनकी स्पाई-एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ की भी तारीफ की। उन्होंने मूवी के साहसी अंदाज की सराहना की, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि उन्होंने इसका दूसरा भाग नहीं देखा है।

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