अभिनेता परेश रावल साल 2014 से 2019 तक भारतीय जनता पार्टी के सांसद रहे, जबकि दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अक्सर सत्तारूढ़ पार्टी और उसकी राजनीति की आलोचना करते रहे हैं। राजनीतिक विचारों में मतभेद होने के बावजूद, रावल ने हमेशा शाह की खुलकर तारीफ की है। एक बार उन्होंने कहा था, “नसीरुद्दीन शाह के दुश्मन भी उनकी इज्जत करते हैं। उनमें कुछ ऐसा है कि आप उनसे अपनी नजरें नहीं हटा सकते।”

अब हाल ही में विक्की लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में परेश रावल ने नसीरुद्दीन शाह की तारीफ, एक अभिनेता के रूप में उनके प्रभाव और इस बात पर चर्चा की कि राजनीतिक मतभेदों ने कभी उनके रिश्ते को प्रभावित नहीं किया। उन्होंने कहा, “आंखें फिल्म में काम करते समय मैंने कई बार ‘स्पर्श’ फिल्म देखी। भारतीय सिनेमा में नसीरुद्दीन शाह ने जिस खूबसूरती से एक अंधे व्यक्ति का किरदार निभाया है, वैसा किसी और एक्टर ने नहीं किया।

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अंधे व्यक्ति की आंखों में भी एक चमक होती है। सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन मेरा मतलब है कि उनके हाव-भाव एकदम सही थे। उन्होंने ऐसे किरदारों के बारे में बनी घिसी-पिटी धारणाओं और मजाकिया चित्रणों को तोड़ा।”

मैं उनके सामने कैजुअल नहीं हो सकता: परेश

अपने रिश्ते के बारे में बात करते हुए अभिनेता ने साफ किया कि वे पारंपरिक अर्थों में बहुत करीबी दोस्त नहीं हैं, लेकिन शाह के लिए उनके मन में गहरा सम्मान है। परेश ने कहा, “हम ऐसे दोस्त नहीं हैं जो एक-दूसरे के घर आते-जाते हों। हम कभी-कभी फोन पर बात करते हैं। मैं उनके सामने कैजुअल नहीं हो सकता, क्योंकि मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। वे ऐसे इंसान नहीं हैं जो हर किसी से खुलकर बात करें, और वे यह बात साफ जाहिर भी करते हैं। एक बेहतरीन एक्टर होने के साथ-साथ वे एक बहुत अच्छे इंसान भी हैं।”

दोनों की राजनीतिक सोच काफी अलग

परेश रावल ने माना कि उनकी और शाह की राजनीतिक सोच काफी अलग है, लेकिन उन्होंने कभी इन मतभेदों को अपने रिश्ते पर असर नहीं डालने दिया। अभिनेता ने कहा, “हमारी राजनीतिक विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन हमने कभी उन पर बहस नहीं की। मैंने एक बार एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर नसीरुद्दीन शाह, आमिर खान या शाहरुख खान कोई चिंता जताते हैं, तो मैं उनकी बात सुनूंगा। मैं उनकी बात को सीधे तौर पर खारिज नहीं करूंगा। मैं उनके नजरिए को समझने की कोशिश करूंगा। अगर मुझे लगेगा कि वे गलत हैं, तो मैं उन्हें बताऊंगा।”

जब नसीर और ओम पुरी को पहली बार देखा

रावल ने उस समय को भी याद किया जब उन्होंने पहली बार नसीरुद्दीन शाह और ओम पुरी को देखा था, जबकि तब तक उन्होंने दोनों के साथ काम भी नहीं किया था। उन्होंने कहा, “नसीरुद्दीन शाह और ओम पुरी पारंपरिक हीरो की तरह दिखने वाले अभिनेता नहीं थे। IFTDA के मेरे दोस्त सुभाष डांगाय अक्सर मुझे नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के एक अभिनेता के बारे में बताते थे।

मेरी उत्सुकता बढ़ी और एक दिन वह मुझे वहां ले गए जहां नसीर रहते थे। उस शाम मैंने नसीरुद्दीन शाह और ओम पुरी को पार्किंग में खड़े देखा। तब तक मैंने उनका काम भी नहीं देखा था, लेकिन मैं उनसे प्रभावित हो गया। उनमें एक अलग ही आकर्षण था। एक बार नसीरुद्दीन शाह को देखने के बाद आप उनसे नजरें नहीं हटा सकते। यही बात ओम पुरी के लिए भी सच थी।”

परेश ने आगे कहा, “बाद में थिएटर में काम करते हुए मेरी उनसे ठीक से मुलाकात हुई। मैं उनसे जैसे सम्मोहित हो जाता था। मैं हमेशा यह समझने की कोशिश करता था कि आखिर उनमें ऐसा क्या है जो उन्हें इतना खास बनाता है।” रावल ने बताया कि उनकी और शाह की पहली फिल्म ‘लोरी’ थी।

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