इस बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड की सेरेमनी दिल्ली में नहीं, बल्कि गुजरात में होने जा रहे हैं। 72 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा, जब देश के इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह का आयोजन राजधानी दिल्ली से बाहर किया जाएगा। समारोह की जगह बदले जाने को लेकर कई तरह के सवाल भी उठाए जा रहे हैं। अब बॉलीवुड एक्टर परेश रावल का इस पूरे मामले पर रिएक्शन सामने आया है।
परेश रावल का दो टूक जवाब
एक कार्यक्रम के दौरान जब परेश रावल से पूछा गया कि 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड की सेरेमनी दिल्ली के बजाय गुजरात में होने पर उनका क्या कहना है, तो एक्टर ने बेबाक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा, “तो क्या हुआ? क्या गुजरात बांग्लादेश या पाकिस्तान में है? ये भी हमारे ही देश का हिस्सा है।”
परेश रावल ने आगे कहा कि “गुजरात में इस तरह के कार्यक्रम क्यों नहीं होने चाहिए?” उनके मुताबिक, ऐसे बड़े इवेंट देश के अलग-अलग राज्यों में भी होने चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “26 जनवरी की परेड दिल्ली में होती है, लेकिन बाकी तरह के राष्ट्रीय समारोह दूसरे राज्यों में भी आयोजित किए जा सकते हैं।”
एक्टर ने यह भी कहा कि “राजनेताओं का काम ही इन चीजों पर सवाल उठाना है, लेकिन उनका सवाल है कि आखिर गुजरात हमारे देश का हिस्सा नहीं है क्या?” परेश रावल के इस बयान ने नेशनल फिल्म अवॉर्ड की मेजबानी को लेकर चल रही बहस को एक नया एंगल दे दिया है।
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MNS के प्रमुख ने उठाए थे सवाल
बता दें कि नेशनल फिल्म अवॉर्ड की सेरेमनी गुजरात में आयोजित किए जाने को लेकर फिल्ममेकर राहुल ढोलकिया और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी MNS प्रमुख राज ठाकरे भी सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना था कि अगर अवॉर्ड सेरेमनी की लोकेशन बदलनी ही थी, तो इसे मुंबई में क्यों नहीं आयोजित किया गया?
इस बार कहां होगा नेशनल फिल्म अवॉर्ड 2026
लोकेशन बदलने को लेकर उठ रहे इन सवालों के बीच अब परेश रावल का बयान चर्चा में है। जानकारी के लिए बता दें कि 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड की सेरेमनी इस बार दिल्ली की बजाय गुजरात के केवड़िया में आयोजित होने वाली है। समारोह का आयोजन 22 सितंबर को किया जाएगा।
