बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन का नाम फिल्मी दुनिया के सबसे ज्यादा सफल और लोगों का प्यार हासिल करने वाले कलाकारों की लिस्ट में शामिल किया जाता है। टीवी से लेकर बड़े पर्दे पर उनका जादू देखने को मिलता है। एक्टिंग करियर में बिग बी ने ज्यादातर यादगार फिल्में दी हैं। अक्सर फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के बीच उनके प्रोजेक्ट्स का जिक्र चलता है। पहले कलाकार बगैर फीस भी काम करते थे। यहां जिक्र उस एक मूवी का कर रहे हैं, जिसमें अमिताभ ने फीस नहीं ली थी, और उसका रीमेक तुर्की में भी बनाया गया।
हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन मास्टरपीस फिल्में बनाने के लिए भी जाने जाते हैं। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी अमिताभ की एक ऐसी फिल्म है, जिसका रीमेक तुर्की में भी बनाया गया। भंसाली की जादुई कहानी का प्रभाव भारत में भी देखने को मिला, और इस फिल्म को घरेलू बॉक्स ऑफिस पर भी सफलता मिली थी।
यहां हम जिस मास्टरपीस फिल्म का जिक्र कर रहे हैं, उसका नाम ब्लैक है। यह मूवी मानवीय संवेदनाओं की सच्ची कहानी को दिखाती है। 22 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 66 करोड़ का कारोबार किया। लेकिन, इसकी सबसे बड़ी सफलता दर्शकों के दिलों पर भावनात्मक असर छोड़ना था। साल 2005 में रिलीज हुई इस मूवी में अमिताभ बच्चन और रानी मुखर्जी ने अपने करियर की सबसे बेहतरीन भूमिकाएं निभाईं।
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ब्लैक फिल्म की कहानी के बारे में बता दें कि ये मशहूर एक्टिविस्ट हेलन केलर के जीवन पर आधारित थी, जो देख और सुन नहीं सकती थी। वहीं, उसके गुरु देबराज सहाय अपने जीवन में खुद समस्याओं का सामना करने होते हैं, लेकिन हेलन केलर को दुनिया देखना सिखाते हैं। साल 2013 में इस फिल्म को बेनिम दुन्याम के नाम से तुर्की डायरेक्टर उगुर युसेल ने फिर से बनाया। अमिताभ ने इस मूवी के बारे में खुद बताया था कि इसकी कहानी से वो बहुत ज्यादा प्रभावित थे, और इसके लिए उन्होंने संजय लीला भंसाली से एक रुपया भी नहीं लिया था।
