जब जीनत अमान पर फिल्माया ये गाना सुन पंचम दा के पिता ने झुका लिया था सिर, बिना कुछ कहे चले गए थे स्टूडियो से बाहर

एसडी बर्मन के संगीत को आगे ले जाने वाले आरडी बर्मन के साथ ऐसा कई बार हुआ जब उन्होंने कोई संगीत बनाया हो और उनके पिता को पसंद न आया हो। दोनों के बीच में संगीत को लेकर कई बार मतभेद और असहमतियां हुआ करती थीं।

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जीनत अमान (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस आरकाइव)

आरडी बर्मन ने हिंदी सिनेमा को अपने मधुर गानों से संगीतमय किया है। आज भी पंचम दा के गाने यूथ न सिर्फ सुनता है बल्कि खुद में उन्हें उतारता भी है। आरडी बर्मन अपने आप में एक ‘इंस्टिट्यूट’ हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार आरडी बर्मन ने एक ऐसा गाना बनाया था जिसे सुन कर उनके पिता एसडी बर्मन बहुत नाराज हो गए थे। एसडी बर्मन पर लिखी गई एक किताब ‘एसडी बर्मन: द वर्ल्ड ऑफ म्यूजिक’ में इस किस्से का जिक्र है।

एसडी बर्मन के संगीत को आगे ले जाने वाले बेटे आरडी बर्मन के साथ ऐसा कई बार हुआ जब उन्होंने कोई संगीत बनाया हो और उनके पिता को पसंद न आया हो। दोनों के बीच में संगीत को लेकर कई बार मतभेद और असहमतियां हुआ करती थीं। साल 1971 में फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ के लिए जब आरडी बर्मन ने एक गाना बनाया तो उसे सुन पंचम दा के पिता नाराज हो गए थे।

पंचम दा उस वक्त जीनत अमान पर फिल्माया गया गाना ‘दम मारो दम’ बना रहे थे। फिल्म का ये गाना सुपरहिट हुआ था, जो आज भी बहुत पसंद किया जाता है। लेकिन इस गाने को सुन कर आरडी बर्मन के पिता ने अपना सिर झुका लिया था।

एसडी बर्मन पर लिखी किताब में इस किस्से का जिक्र किया गया है- ‘जब एसडी बर्मन ने बेटे द्वारा बनाए गाने ‘दम मारो दम’ की रिकॉर्डिंग सुनी तो गाना सुन कर पिता बहुत निराश हो गए। उन्होंने बचपन से बेटे को संगीत सिखाया था। लेकिन बेटे ने ऐसा गाना बनाया कि उन्हें लगा कि जो उन्होंने बचपन से बेटे को शिक्षा दी बेटा राहुल उसे भूल गया। उस दिन राहुल देव (आरडी) ने अपने पिता को गाना सुनने के दौरान सिर झुकाते और स्टूडियो से बाहर जाते देखा।’

इस फिल्म के गाने में एक लाइन देवआनंद बोलते नजर आते हैं- ‘राम का नाम बदनाम न करो’। इसके पीछे का किस्सा एक बार आरडी बर्मन ने एक इंटरव्यू में शेयर किया था। उन्होंने बताया था कि एक दिन आरडी बर्मन आनंद बक्शी के साथ स्टूडियो में बैठे थे और इस फिल्म के गाने पर काम कर रहे थे। कि तभी देव आनंद ने स्टूडियो में एंट्री ली। जब देव आनंद वहां आए तो उनके मुंह से निकला – ‘राम का नाम बदनाम न करो।’ इसे जब आरडी बर्मन और आनंद बक्शी ने सुना तो इसे फिल्म के गाने में रखने का फैसला कर लिया।

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