दिग्गज गायिका आशा भोसले अब इस दुनिया में नहीं हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान के जियो न्यूज चैनल ने भी महान पार्श्व गायिका को श्रद्धांजलि दी और उनकी खबर, गीत अपने चैनल पर प्रसारित किए, जिसे लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, पाकिस्तानी चैनल जियो न्यूज को पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटर अथॉरिटी (PEMRA) ने कारण बताओ नोटिस जारी का दिया है। संस्था का कहना है कि यह कार्यक्रम देश के सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानबूझकर की गई अवहेलना है।
पाकिस्तान अथॉरिटी ने जारी किया नोटिस
सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर जियो न्यूज मैनेजिंग डायरेक्टर अजहर अब्बास ने लिखा, “पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलेटर अथॉरिटी (PEMRA) ने जियो न्यूज को दिग्गज गायिका आशा भोसले से जुड़ी सामग्री प्रसारित करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जब किसी महान कलाकार पर रिपोर्टिंग की जाती है, तो उनके काम को याद करना और उसे सेलिब्रेट करना एक परंपरा रही है। खासकर आशा भोसले जैसी शख्सियत के लिए, उनके कालजयी और यादगार गीतों को और व्यापक रूप से साझा किया जाना चाहिए था।”
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इसके आगे उन्होंने लिखा, “इसके बावजूद पाकिस्तान के मीडिया रेगुलेटर PEMRA ने इस पर पाबंदी लगाने का फैसला किया। कला, ज्ञान की तरह, पूरी मानवता की साझा विरासत होती है और इसे सरहदों में नहीं बांधा जाना चाहिए। आशा भोसले खुद पाकिस्तान की मशहूर गायिका नूरजहां की बड़ी प्रशंसक थीं और उन्हें स्नेह से अपनी बड़ी बहन कहती थीं।”
अजहर अब्बास ने आखिर में लिखा, “उन्होंने नुसरत फतेह अली खान के साथ भी काम किया और नासिर काजमी जैसे महान उर्दू शायरों की शायरी को अपनी आवाज दी। युद्ध और संघर्ष के दौर में कला और कलाकारों को इसकी कीमत नहीं चुकानी चाहिए। बुद्धिजीवी, संगीतकार और रचनाकार अक्सर वही आवाज़ होते हैं, जो नफरत और विभाजन के खिलाफ खड़े होते हैं और लोगों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं।”
PEMRA ने कारण बताओ नोटिस में क्या कहा?
आशा भोसले के निधन की रिपोर्टिंग करते समय भारतीय गानों और भारतीय फिल्मों के विजुअल्स का इस्तेमाल करने के लिए जियो न्यूज की आलोचना की गई। PEMRA ने कथित तौर पर इसे पाकिस्तान की माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जानबूझकर की गई अवहेलना बताया। जिसमें भारतीय कंटेंट के प्रसारण पर रोक लगाई गई थी।
जिन लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं है, उन्हें बता दें कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में देश के स्थानीय चैनलों पर भारतीय फिल्मों और टेलीविजन शो के प्रसारण पर रोक लगा दी थी। इससे पहले PEMRA ने 2016 में स्थानीय टेलीविजन और FM रेडियो चैनलों पर भारतीय कंटेंट के प्रसारण पर रोक लगाई थी, लेकिन लाहौर हाई कोर्ट ने 2017 में इसे हटा दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने अगले साल इस रोक को फिर से लागू कर दिया।
वहीं, हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, PEMRA ने जियो न्यूज के सीईओ मीर इब्राहिम रहमान को तलब किया है और चैनल से 14 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है कि उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। इस कार्रवाई ने इंटरनेट पर लोगों को दो गुटों में बांट दिया है। कुछ कुछ लोग इसका समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसका विरोध। ऐसे में अब देखना होगा कि 14 दिनों के बाद क्या होता है।
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