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पाक‍िस्‍तान के चीफ जस्‍ट‍िस बोले- हमारी संस्‍कृत‍ि बर्बाद कर रहे भारतीय सीर‍ियल, नहीं द‍िखा सकते

Pemra के अध्यक्ष सलीम बेग ने अदालत से कहा कि Filmazia चैनल में दिखाए जाने वाले 65 परसेंट कंटेंट विदेशी होते थे लेकिन अब यह बढ़कर 80 प्रतिशत हो गए हैं। इसपर चीफ जस्टिस ने कहा कि हम इस बात की इजाजत नहीं देंगे कि भारतीय कंटेंट पाकिस्तानी चैनलों पर दिखाए जाएं।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीक के तौर पर किया गया है।

पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश मियां शाकिब निसार ने बुधवार (09-01-2019) को कहा कि देश की शीर्ष अदालत पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर भारतीय केंटेंट (सामग्री) दिखाए जाने की इजाजत नहीं देगी क्योंकि ऐसे केंटेंट हमारी संस्कृति को खराब कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस शाकिब निसार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय बेंच पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रेगुलरिटी अथॉरिटी (Pemra) की तरफ से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसके तहत हाईकोर्ट ने भारतीय सीरियल को पाकिस्तान के टीवी चैनलों पर दिखाए जाने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला सुनाया था। Pemra के काउंसिल जफर इकबार कलानॉरी ने सुप्रीम कोर्ट की बेंच से कहा कि विदेशी कंटेंट कोर्ट के आदेश पर बैन कर दिए गए इससे पहले की हाईकोर्ट इसके खिलाफ स्टे आर्डर दे।

Pemra के अध्यक्ष सलीम बेग ने अदालत से कहा कि Filmazia चैनल में दिखाए जाने वाले 65 परसेंट कंटेंट विदेशी होते थे लेकिन अब यह बढ़कर 80 प्रतिशत हो गए हैं। इसपर चीफ जस्टिस ने कहा कि हम इस बात की इजाजत नहीं देंगे कि भारतीय कंटेंट पाकिस्तानी चैनलों पर दिखाए जाएं। Pemra काउंसिल ने चीफ जस्टिस को विस्तारपूर्वक बताया कि Filmazia एक न्यूज चैनल नहीं हैं बल्कि यह एक मनोरंजन चैनल है। यह कोई प्रोपगैंडा नहीं फैलाता। इसपर सुनवाई कर रहे जज ने कहा कि हालांकि यह हमारी संस्कृति को बर्बाद कर रहा है। चीफ जस्टिस ने यह पाया कि पाकिस्तान ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन काउंसिल के सदस्य फैजल सिद्दीकी कोर्ट में अनुपस्थित हैं। इसपर उन्होंने कहा कि फैज़ल सिद्दीकी की अनुपस्थिति में हम इस पर फैसला नहीं सुना सकते। अदालत ने फरवरी के पहले हफ्ते तक सुनवाई टाल दी।

बता दें कि साल 2016 में Pemra ने भारतीय धारावाहिकों को पाकिस्तान के सभी क्षेत्रीय चैनलों और एफएम रेडियो पर बैन करने की बात कही थी। उस वक्त कहा गया था कि पाकिस्तान ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि भारत में इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और कुछ चैनलों ने पाकिस्तानी कंटेंट को बैन कर दिया था। लेकिन साल 2017 में लाहौर हाईकोर्ट ने Pemra के इस बैन को हटा दिया था। इसके बाद साल 2018 में अक्टूबर के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को फिर से लागू कर दिया था और लाहौर हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया था।

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