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पद्मावत पर SC का फैसला: काट ढूंढने में लगीं सरकारें, बिहार में हाल में तोड़फोड़, करणी सेना बोली- कफ्यू लगाएंगे

गुरुवार को ‘पद्मावत’ पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम ने कहा कि जब सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल गया है तो इस फिल्म को रिलीज होने से क्यों रोका जा रहा है। पद्मावत फिल्म को 25 जनवरी को रिलीज किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ की रिलीज को हरी झंडी देने के बाद विवाद धमने का नाम नहीं ले रहा है। कुछ लोगों ने देश में फिल्म रिलीज होने पर बुरे हालात पैदा करने की धमकी दी है। गुरुवार (18 जनवरी, 2017) को बिहार के कुछ सिनेमाघरों में प्रदर्शनकारियों द्वारा तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आईं हैं। करणी सेना के चीफ लोकेंद्र सिंह कलवी ने उज्जैन में पत्रकारों से कहा कि वो देशभर के सामाजिक संगठनों से अपील करेंगे कि पद्मावत नहीं चलनी चाहिए। फिल्म हॉल पर जनता कर्फ्यू लगा दे। वहीं सुप्रीम कोर्ट के बाद राज्य सरकार इसकी काट ढूंढती हुईं नजर आने लगी हैं। फैसले पर राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा वह फैसले का पालन करेंगे लेकिन उनका विभाग और वह कानूनी प्रावधान की तलाश करेंगे, अगर ऐसा संभव हुआ तो सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को पढ़ेंगे और आगे बढ़ेंगे।

हालांकि फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। एएनआई से उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि राज्य सरकारें सिनेमाघरों को सुरक्षा मुहैया कराएंगी।’ इससे पहले न्यूज चैनल एबीपी की लाइव डिबेट में मेरठ के स्थानीय राजपूत नेता ने फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली की हत्या तक करने की धमकी दी। डिबेट का वीडियो अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें कथित क्षत्रिय युवा महासभा का अध्यक्ष अभिषेक सोम कह रहा है कि मेरठ में उसने भंसाली और दीपिका पादुकोण की कब्रें खुदवा ली हैं। उन कब्रों में उन्हें (पद्मावत कलाकारों और निर्देशक) जिंदा दफनाएगा या मुर्दा दफनाएगा। हालांकि राजपूत नेता के इस बयान पर टीवी पत्रकार ने कड़ी फटकार लगाते हुए उसपर संविधान के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

गौरतलब है कि गुरुवार को ‘पद्मावत’ पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम ने कहा कि जब सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल गया है तो इस फिल्म को रिलीज होने से क्यों रोका जा रहा है। पद्मावत फिल्म को 25 जनवरी को रिलीज किया जाएगा। फिल्म को तमिल, तेलुगु और हिंदी में रिलीज किया जाएगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला है। फिल्म को रिलीज होने से नहीं रोका जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने एमपी, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान के आदेश पर रोक लगा दी है। यह राज्य अपने यहां फिल्म को रिलीज करने के खिलाफ हैं।

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