अब बालीवुड के लिए चुनौती नहीं रहा ओटीटी

बदलाव जल्दी स्वीकार नहीं किए जाते। उन्हें समय की आग में तपना पड़ता है।

बदलाव जल्दी स्वीकार नहीं किए जाते। उन्हें समय की आग में तपना पड़ता है। कोरोना काल, 2020, में ओवर द टाप (ओटीटी) का प्रचलन बढ़ा। नामी सितारों की भारी भरकम बजट वाली फिल्में जब लोगों ने घर बैठे देखनी शुरू की, तो इस कारोबार के जानकारों ने भविष्यवाणी शुरू कर दी थी कि अब सिनेमाघरों के दिन लद गए। आदित्य चोपड़ा जैसे कुछेक प्रतिष्ठित निर्माता थे, जिन्होंने आकर्षक प्रस्तावों के बावजूद अपनी फिल्में सिनेमाघरों में ही चलार्इं, मगर ओटीटी के लिए नहीं दी। आज वही आदित्य चोपड़ा ओटीटी में 500 करोड़ का निवेश करने जा रहे हैं। मतलब बालीवुड ने ओटीटी को अपना लिया है।

सन 2020 में भविष्यवाणियां खूब हो रही थीं। कोरोना काल में जब सब सिनेमाघर बंद थे, कहा जा रहा था कि अब सिनेमाघर कभी नहीं खुल सकेंगे। ओटीटी पर लोग घर बैठे फिल्में देखने लगे थे। 12 जून 2020 को जब अमिताभ बच्चन की ‘गुलाबो सिताबो’ और 9 नवंबर 2020 को अक्षय कुमार की लक्ष्मी’ ओटीटी पर रिलीज हुई तो भविष्यवाणियों का सुर तेज हो गया था। कहा जा रहा था कि जब अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार जैसे चोटी के अभिनेताओं की फिल्में ओटीटी पर रिलीज हो रही हैं, तो अब कौनसा बड़ा सितारा बचा है।

मगर इसके बावजूद कई निर्माता अड़े थे कि वे अपनी फिल्में सिनेमाघरों में ही दिखाएंगे। रिलायंस ने घोषणा की वह अपनी फिल्म ‘सूर्यवंशी’ सिनेमाघर में ही दिखाएंगे, चाहे कितना भी इंतजार क्यों न करना पड़े। आदित्य चोपड़ा ने साफ कह दिया कि वह अपनी आधा दर्जन फिल्मों में से एक भी ओटीटी पर नहीं दिखाएंगे। चोपड़ा को ओटीटी से मोटी रकम के प्रस्ताव मिल रहे थे। मगर वे टस से मस नहीं हुए। लगभग साल भर ऐसे ही गुजर गया। सिनेमाघर जब आधी क्षमता के साथ खुले तो सलमान खान की फिल्म ‘राधे’ 13 मई 2021 को ओटीटी और सिनेमाघरों में साथ रिलीज करने का प्रयोग किया गया। यह प्रयोग बुरी तरह फेल हुआ। ‘राधे’ गलत तरीके से रिलीज हुई और सिनेमाघरों से आज तक मात्र 18 करोड़ रुपए का एकत्रण ही कर पाई है।

फिल्मजगत में ओटीटी सिनेमाघरों के दुश्मन के तौर पर देखा जाने लगा था। यह बात भूलकर कि ओटीटी पर दिखाई जाने वाली फिल्में भी तो इसी फिल्मजगत के निर्माताओं को बनानी पड़ेगी, जिससे उनका धंधा बढ़ेगा। लगभग दो साल गुजरने के बाद यह बात अब जाकर फिल्मजगत की समझ में आई कि सिनेमाघर और ओटीटी दोनों साथ साथ चल सकते हैं। जैसे टीवी, वीडियो चल रहे हैं जिनके आने के बाद भी सिनेमा कारोबारियों को चिंता थी कि अब उनका धंधा मंदा हो जाएगा। जब घर बैठे सिनेमा देखने को मिलेगा तो लोग सिनेमाघरों में क्यों जाएंगे।

तो जो बालीवुड ओटीटी को सिनेमा कारोबार के सामने चुनौती मान रहा था, अब वह उसके साथ कदमताल कर रहा है। शाहिद कपूर बतौर निर्माता ओटीटी के लिए वेब सीरीज बना रहे हैं। आदित्य चोपड़ा घोषणा कर रहे हैं कि वे एक अलग फिल्म निर्माण इकाई बना रहे हैं जो सिर्फ ओटीटी के लिए ही फिल्में बनाएगी। इस इकाई के लिए चोपड़ा ने 500 करोड़ का फंड भी रख दिया है। मतलब इन दो सालों में जो आदित्य चोपड़ा ओटीटी पर फिल्में रिलीज करने के लिए तैयार नहीं थे, वे 500 करोड़ का निवेश करने जा रहे हैं। आदित्य चोपड़ा की तरह कई और निर्माता हैं जो ओटीटी के लिए फिल्में बनाने जा रहे हैं। इस तरह मात्र दो साल में ओटीटी को लेकर बालीवुड का रवैया बदला हुआ नजर आ रहा है। अब सिनेमाघर भी चल रहे हैं और साथ साथ ओटीटी पर भी लोग फिल्में देख रहे हैं।

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