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अभी भी पार्टी बदल लीजिये…ओपी राजभर के खिलाफ लगे नारे तो लोग देने लगे ऐसे अजब-गजब सलाह

वाराणसी के शिवपुर विधानसभा से अरविंद राजभर के नामांकन के दौरान ओपी राजभर का विरोध हुआ तो सोशल मीडिया पर लोगों ने तंज कसा है।

अभी भी पार्टी बदल लीजिये…ओपी राजभर के खिलाफ लगे नारे तो लोग देने लगे ऐसे अजब-गजब सलाह
SBSP चीफ ओम प्रकाश राजभर। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

समाजवादी पार्टी के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओपी राजभर को वाराणसी की शिवपुर विधानसभा के प्रत्याशी अरविंद राजभर के नामांकन के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। अरविंद राजभर अपने पिता ओमप्रकाश राजभर के साथ नामांकन करने पहुंचे थे। इस दौरान वकीलों ने उनका जमकर विरोध किया।

वकीलों ने ओपी राजभर और उनके बेटे अरविंद राजभर को देखते ही जय श्री राम के नारे लगाए। इसके साथ कुछ लोगों ने अपशब्दों का भी प्रयोग किया। जवाब में ओमप्रकाश राजभर के समर्थकों ने ‘जय अखिलेश’ का नारा लगाया। नामांकन के बाद ओपी राजभर ने आरोप लगाया कि भाजपा के समर्थकों ने अभद्रता की है। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी से सुरक्षा की मांग की।

ओपी राजभर ने ट्वीट करते हुए कहा कि आज वाराणसी कचहरी परिसर में शिवपुर विधानसभा से सपा-सुभासपा गठबंधन के प्रत्याशी डॉ.अरविंद राजभर का नामांकन कराने पहुंचे तो भाजपा के गुंडे काली कोट में पहले से मौजूद थे और परिसर में मेरे एवं प्रत्याशी के साथ अभद्रता करने पर उतारू थे और सरेआम हम दोनों को जान से मारने की धमकी दे रहे थे।

जनता जिस प्रकार महगांई,बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य,बिजली आदि मुद्दों पर सपा गठबंधन को वोट देकर भाजपा का गांव-गांव से खदेड़ा कर रही है उतना भाजपा की बौखलाहट, गुंडागर्दी बढ़ती जा रही है। मैं चुनाव आयोग से मांग करता हूं ऐसे गुंडों पर तत्काल कार्रवाई करें।

अब सोशल मीडिया पर ओपी राजभर के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। सिद्धार्थ राय नाम के यूजर ने लिखा कि वो सारे वकील थे राजभर जी। इसी से अंदाजा लगा लीजिए परिणाम क्या होंगे। दल बदली का विचार कर लीजिए, अभी भी समय है।

प्रदीप पाण्डेय नाम के यूजर ने लिखा कि TV चैनल पर बैठकर भाषण देने से वोट नहीं मिलता। जमीन पर उतरो और जनता के सवालों का सामना करो तब पता चलेगा, आपका वजूद क्या है। बीजेपी का नाम लेकर जनता के सवालों से ‌बचना चाहते हो, जनता हर मोड़ पर सवाल पूछेगी , सवालों का जवाब दो BJP का नाम लेकर मुंह क्यों छुपाते हो?

शेर बहादुर नाम के यूजर ने लिखा कि सभी पिछड़ो नेताओं की एकजुटता से बसपा औऱ बीजेपी वालो को दर्द हो रहा है। रणजीत रॉय नाम के यूजर ने लिखा कि एक जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह की अभद्रता और सरेआम गुंडागर्दी हो सकती है तो सोचिए कि आमजन के साथ क्या हो सकता है। उम्मीद भी मत कीजिए कि वहां पर कुछ इंसाफ मिलेगा। सीधे इलेक्शन कमीशन को दखल देना चाहिए ओमप्रकाश राजभर जी की सुरक्षा हेतु।

मनु नाम के यूजर ने लिखा कि इस घटना की जितनी खुशी मनाई जाए कम है। ठाकुर आलोक सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि ऐसे नहीं मारना चाहिए था, मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।

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First published on: 15-02-2022 at 08:43:06 am