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अमिताभ ने वापस दिलवाई थी 150 विरोधियों की नौकरी, शख्स ने सुनाया वाकया

अमिताभ ने 1984 में इलाहाबाद से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने इलाहाबाद के दिग्गज नेता हेमवती नंदन बहुगुणा को हराया था। इस वीडियो में कृपाशंकर नाम के एक शख़्स उस चुनाव के दौरान हुए एक किस्से को शेयर कर रहे थे।

अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपना 76वां जन्मदिन मनाया। सोर्स : इंडियन एक्सप्रेस

कौन बनेगा करोड़पति सीज़न 10 दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। 11 अक्तूबर को अमिताभ ने इस शो पर अपना जन्मदिन मनाया। अमिताभ के जन्मदिन पर खास तैयारियां की गई थीं। इस मौके पर एक खास वीडियो दिखाया गया था। इस वीडियो में अमिताभ के जीवन की कुछ खास झलकियां देखने को मिलीं। अमिताभ ने इलाहाबाद में अपना बचपन गुज़ारा था। इस दौरान वीडियो के एक हिस्से में ये भी बताया गया कि बचपन में कद लंबा होने की वजह से अमिताभ को फील्ड मार्शल कहा जाता था। 4 साल की उम्र में भी वह इतने लंबे थे कि उनका पूरा टिकट लेना पड़ता था।

अमिताभ ने 1984 में इलाहाबाद से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने इलाहाबाद के दिग्गज नेता हेमवती नंदन बहुगुणा को हराया था। इस वीडियो में कृपाशंकर नाम के एक शख़्स उस चुनाव के दौरान हुए एक किस्से को शेयर कर रहे थे। कृपाशंकर ने इस वीडियो में अमिताभ के बारे में बात करते हुए कहा, ‘लोकसभा चुनाव में आपका विरोध करने के बाद AG ऑफिस से 150 कर्मचारियों को आंदोलन के चलते निकाला गया था लेकिन आपने उन सभी कर्मचारियों को वापस नौकरी दिलाई। इसलिए मैं आपका बहुत आभारी रहूंगा। हम तो 75-76 साल के हो गए हैं। चलने-फिरने में परेशानी आने लगी है। लेकिन आप हमारे हमउम्र हैं और इसके बावजूद आपको देखकर लगता है कि आप जवानी की स्टेज में हैं।’

इसके कुछ देर बाद वीडियो में अमिताभ की मां तेजी बच्चन की आवाज सुनाई गई। वीडियो में वे कहती हैं कि ‘उन्हें अपने पति की वजह से बहुत पहचान और नाम मिला, लेकिन अब वह जहां भी जाती हैं, उन्हें उनके बेटे की वजह से सम्मान दिया जाता है।’ फिर तेजी बच्चन की आवाज में हरिवंश राय बच्चन की कविता- ‘रात आधी हो गई है’ को सुनाया गया, जिसे सुनकर अमिताभ बेहद भावुक नजर आए। इस कविता के बाद अमिताभ कुछ देर शांत और स्तब्ध रहे और फिर उन्होंने बस इतना कहा- ‘ये मां की आवाज थी।’ दरअसल उन्होंने इससे पहले कभी अपनी मां की आवाज़ में ये कविता नहीं सुनी थी। इस कविता को उनके बाबूजी डॉ. हरिवंश राय बच्चन ने ही लिखा था। वीडियो खत्म होने के बाद अमिताभ ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में गेम को आगे बढ़ाया।

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