पुरानी हिंदी फिल्मों को रोचक कहानी, दमदार अदाकारी और दिल छू लेने वाले गानों की वजह से ज्यादा याद किया जाता है। इश्क की दास्ता सुनाने वाले कुछ गानों का खुमार सालों तक लोगों के सिर चढ़कर बोलता है। यहां जिक्र 63 साल पुराने एक गाने का कर रहे हैं, जो 6 मिनट 34 सेकंड में इश्क का मतलब समझाने का काम करता है। नूतन के इस गाने की दीवानगी आज भी पहले जितनी महसूस होती है। शायद ही ऐसा होगा कि किसी ने यह गाना ना सुना हो।

बरसों पहले के हिंदी गानों की सादगी, मिठास और गहराई को आज के समय में भी सराहा जाता है। जब बात रोमांटिक गाने की हो, तो बोल और धुन ऐसी होनी चाहिए जो दिल को छू लें। यहां 60 साल पुराने एक ऐसे बेहतरीन गाने की चर्चा कर रहे हैं, जो पुराने गाने सुनने के शौकीनों की पहली पसंद हमेशा के लिए बना हुआ है।

आज कुछ महीनों तक किसी गाने को खुमार लोगों के सिर चढ़ता है, उसके बाद लोग किसी नए रिलीज गाने को सुनना शुरू कर देते हैं। ऐसा हिंदी, भोजपुरी, हरियाणवी और तमाम भाषाओं के गानों के साथ होता है। खैर, हम यहां हम उन चुनिंदा पुराने गानों में से एक का जिक्र कर रहे हैं, जिन्हें सुनने के दौरान सुकून का एहसास होता है। साथ ही, इन गानों के लिए ओल्ड इज गोल्ड शब्द का इस्तेमाल भी सबसे ज्यादा किया जाता है। चलिए आपको बता देते हैं कि नूतन का कौन-सा गाना दिलों की धड़कन बढ़ाने का काम आज भी करता है।

यह भी पढ़ें: ‘क्या यही प्यार है’ – बॉलीवुड ने किस तरह बदली सच्ची मोहब्बत की परिभाषा | इश्क दर्द और सिनेमा

‘दिल ही तो है’ फिल्म का है गाना

साल 1963 में रिलीज हुई फिल्म ‘दिल ही तो है’ को खूब पसंद किया गया था, और इस फिल्म के एक रोमांटिक गाने ने सभी का दिल जीतने का काम भी किया था। इसके बोल हैं ‘निगाहें मिलाने को दिल चाहता है।’ खास बात है कि फिल्म से ज्यादा यह गाना मशहूर हुआ था, और इसका नाम उन पुराने गानों की लिस्ट में शामिल किया जाता है, जिसकी धुन में हल्की गजल की मिठास है। रेट्रो प्लेलिस्ट में इस गाने को आज भी शामिल किया जाता है। राज कपूर और नूतन की फिल्म के इस गाने की मासूमियत और गायकी ने इसे पहचान दिलाई। यूट्यूब पर इस सॉन्ग को 22 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।

इस गाने को आवाज आशा भोसले ने दी थी। वहीं, इसे बोल देने का काम साहिर लुधियानवी ने किया था और संगीत रोशन ने दिया था।