टीका लगाना है तो विदेश जाइये- कोविड-19 वैक्सीनेशन की खबर साझा कर रवीश कुमार ने मारा ताना, लोग करने लगे ऐसे कमेंट

पवीश कुमार ने कोरोना वायरस वैक्सीनेशन की न्यूज पोस्ट करते हुए तंज कसा और लिखा, “टीका लगाना है तो आज विदेश जाइये।”

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वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार। (इंडियन एक्सप्रेस फाइल फोटो)

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए पूरे देश में वैक्सीनेशन किया जा रहा है। हालांकि 21 जून के बाद से ही कोरोना वायरस वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में कमी दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि 21 जून से 11 जुलाई तक टीकाकरण की रफ्तार में 44 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं हाल ही में मशहूर पत्रकार रवीश कुमार ने भी कोरोना वायरस टीकाकरण की खबर साझा कर ताना मारा है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट से न्यूज पेपर की कटिंग शेयर की, जिसमें लिखा था, ‘वैक्सीन खत्म, आज सिर्फ विदेश जाने वालों को ही टीका लगेगा’।

मशहूर पत्रकार रवीश कुमार की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। उन्होंने कोरोना वायरस वैक्सीनेशन की न्यूज पोस्ट करते हुए लिखा, “टीका लगाना है तो आज विदेश जाइये।” मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संजयनगर संयुक्त अस्पताल में केवल 2500 वैक्सीन ही उपलब्ध थीं, जिससे केवल विदेश जाने वाले लोगों को ही टीका लगाया गया।

वहीं रवीश कुमार की इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया यूजर ने भी खूब कमेंट किये। मनीष नाम के एक यूजर ने लिखा, “रईसों की सरकार है, रईसों के लिए नतमस्तक है।” तो वहीं जीत नाम के एक यूजर ने रवीश कुमार से सवाल करते हुए लिखा, “सर कहां जाएं, नेपाल या बांग्लादेश।”


रवीश कुमार की पोस्ट पर आए कमेंट यही नहीं रुके। अरशद नाम के एक यूजर ने कमेंट में आत्मनिर्भर भारत का जिक्र करते हुए लिखा, “यह आत्मनिर्भर भारत की कड़वी सच्चाई है।” पूजा दिवाकर नाम की एक यूजर ने लिखा, “कितना अजीब सा लगता है कि एक महामारी को भी मजाक बना दिया है इस दुनिया ने।”

बता दें कि केवल कोरोना वायरस ही नहीं, रवीश कुमार ने योगी सरकार द्वारा लाई गई ‘टू चाइल्ड पॉलिसी’ पर भी सवाल खड़े किये थे। उन्होंने एनडीटीवी के शो प्राइम टाइम में योगी सरकार द्वारा लाई गई योजना को महिलाओं, गरीबों और दलितों पर अत्याचार बताया।

रवीश कुमार ने अपने शो में योजना पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था, “यह सिर्फ पंचायत चुनाव लड़ने वालों पर ही क्यों लागू हो? सांसदी और विधायकी का चुनाव लड़ने वालों पर क्यों न लागू हों? यूपी सरकार के केवल इतना लिख देने से कि जिनके दो से अधिक बच्चे हैं वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, तो देखिये क्या होता है?”

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