जांच एजेंसियां तब क्यों काम करती हैं जब अखबार या चैनल काम करने लगते हैं? रवीश कुमार ने कसा तंज, पूछा- कहां तक लिखें जो छापा न पड़े

मशहूर पत्रकार रवीश कुमार ने भास्कर ग्रुप व अन्य मीडिया केंद्रों पर पड़े आईटी के छापे को लेकर प्राइम टाइम में चर्चा की।

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वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार। (इंडियन एक्सप्रेस फाइल फोटो)

भास्कर ग्रुप व अन्य मीडिया केंद्रों पर पड़े आयकर विभाग के छापे को लेकर केंद्र सरकार एक बार फिर से निशाने पर आ गई है। आम जनता के साथ-साथ विपक्षी दल के नेता और खुद पत्रकार सरकार के इस रवैये का विरोध कर रहे हैं। वहीं हाल ही में एनडीटीवी के मशहूर पत्रकार रवीश कुमार ने भास्कर ग्रुप व अन्य मीडिया केंद्रों पर पड़े आईटी के छापे को लेकर प्राइम टाइम में ाचर्चा की। इस दौरान उन्होंने सवाल किया कि ये जांच एजेंसियां तभी क्यों काम करती हैं, जब कोई अखबार या चैनल थोड़ा सा काम करना शुरू कर देता है?

रवीश कुमार ने शो में एक और सवाल किया, जिसमें उन्होंने कहा कि कितना और कहां तक लिखें जो छापा न पड़े। रवीश कुमार ने भास्कर के बारे में बात करते हुए कहा, “अंग्रेजी और हिंदी अखबारों में भी भास्कर ही अकेला ऐसा अखबार था, जिसने नरसंहार को लेकर सरकार से असहज सवाल पूछे। उन बातों से पर्दा हटाया, जिन्हें ढंकने की कोशिश की जा रही थी।”

शो में रवीश कुमार ने बताया की भास्कर ग्रुप की रिपोर्टिंग किसी एक सरकार तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसके संवाददाताओं ने भोपाल, प्रयागराज, जयपुर, लखनऊ और पटना तक के श्मशान व मुर्दाघरों को खंगालकर रख दिया। शो में रवीश कुमार ने राफैल और पीएम केयर फंड की भी बात की।

रवीश कमार ने कहा, “जब रफाल विमान सौदे में भ्रष्टाचार की खबर छपती है, तब तो सरकार जांच नहीं करती। जब पीएम केयर फंड के वेंटिलेटर के खराब होने पर डॉक्टर सवाल उठाते हैं, तब जांच नहीं होती, जब पत्रकारों की जासूसी होती है तब तो सरकार जांच नहीं करती। ये तभी काम क्यों करती हैं, जब कोई अखबार या चैनल थोड़ा सा काम करने लगता है।”

रवीश कुमार के शो को लेकर सोशल मीडिया यूजर ने भी खूब कमेंट किये। यूनुस नाम के यूजर ने लिखा, “भाजपा सरकार की नई योजना ‘सवाल मत करो, वरना जेल जाओ।” सचिन नाम के एक यूजर ने लिखा, “और मोदी जी कहते हैं कि मैं लोकतंत्र की ओर प्रतिबद्ध हूं।”

रवीश कुमार के शो पर आए कमेंट यहीं नहीं रुके। शौकत नाम के यूजर ने लिखा, “भाजपा की सरकार हमेशा भारतीय इतिहास में काले अध्याय के तौर पर याद रखी जाएगी।” प्रकाश नाम के यूजर ने लिखा, “सच्चाई इन्हें हजम नहीं होती है, लेकिन जीत हमेशा सच्चाई की ही होगी।”

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