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भास्कर-भारत समाचार पर नहीं, जनता के घर में पड़े छापे- बोले रवीश कुमार, पूर्व IAS ने कहा- सच कहने की सज़ा मिली

दैनिक भास्कर और भारत समाचार चैनल के कई दफ्तरों पर आयकर विभाग की छापेमारी को लेकर वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने प्रेस की आज़ादी पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि भारत समाचार पर छापे नहीं पड़े हैं, जनता के घर में पड़े हैं।

मीडिया संस्थानों पर छापे को रवीश कुमार ने ‘लोकतंत्र को रौंदना’ बताया है (PHoto-Indian Express/Illustration: Suvajit Dey)

मीडिया समूह दैनिक भास्कर और भारत समाचार चैनल के कई दफ्तरों पर आयकर विभाग की छापेमारी को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार विपक्षी पार्टियों और अपने आलोचकों के निशाने पर आ गई है। तमाम पत्रकार और बुद्धिजीवी ये आरोप लगा रहे हैं कि इन मीडिया संस्थानों ने सच दिखाने की कोशिश की, इसलिए उन पर इनकम टैक्स की कारवाई की गई। एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने प्रेस की आज़ादी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि लोकतंत्र रौंदा जा रहा है। पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने भी इस पर अपनी टिप्पणी की है।

रवीश कुमार ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में ताजा घटनाक्रम पर बना एक कार्टून शेयर किया है जिसमें लिखा है, ‘हमेशा आयकर द्वारा प्रमाणित अखबार ही पढ़ें।’

कार्टून शेयर करते हुए रवीश ने ट्वीट किया, ‘जनता को गुमराह और बेख़बर रखना है। गोदी मीडिया से जो भी अलग होगा, छापा पड़ेगा। देखना उनके भाषणों में लोकतंत्र का ज़िक्र बढ़ने वाला है और लोकतंत्र उतना ही रौंदा जाने वाला है। भास्कर-भारत समाचार पर छापे नहीं पड़े हैं, जनता के घर में पड़े हैं। बोलो मत। चुपचाप 110 रु पेट्रोल ख़रीदो।’

 

 

वहीं सूर्य प्रताप सिंह ने इस पूरे मामले में कहा कि दैनिक भास्कर और भारत समाचार को सच बोलने की सजा मिली है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘भारत समाचार और दैनिक भास्कर को आप तक सच पहुंचाने की सजा मिल रही है। आज चुप रह गए, तो बहुत देर हो जाएगी।’

 

 

वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी ने भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए लिखा, ‘पहले दैनिक भास्कर… घंटे भर बाद भारत समाचार…. कब तक छापे व सरकारी एंजेसी की दबिश… सीधे इमरजेंसी लगाएं, अभिव्यक्ति की आज़ादी पर ताले लगे।’

पत्रकार अजीत अंजुम ने ट्वीट किया, ‘खबर आ रही है कि भारत समाचार चैनल के मुखिया ब्रजेश मिश्रा के घर भी इनकम टैक्स के छापे पड़े हैं ब्रजेश और उनकी टीम लगातार पूरे तेवरों के साथ योगी सरकार की नाकामियों और खामियों पर खबरें कर रही थी।’

 

आम लोग भी सोशल मीडिया के जरिए आयकर विभाग के छापे को राजनीति से प्रेरित करार दे रहे हैं। रवीश कुमार के ट्वीट पर प्रशांत तिवारी नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘दैनिक भास्कर ने जैसे ही सच लिखना शुरू किया आयकर विभाग का छापा पड़ गया।’ संतोष नाम के एक यूजर लिखते हैं, ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है.. मरे हुए विवेक का डरा हुआ नेता, लोकतंत्र को बर्बाद कर देता है।’

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